अतुल कुमार रस्तोगी की कविता - ओस, अब कहाँ!

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ओस, अब कहाँ !
निशब्द अँधेरे में पिघलने का सुख
तैरकर पत्तों पर फिसलने का सुख
किरणों में कण-कण चमकने का सुख
 अब कहाँ !
आर-पार दिखने दिख जाने का सुख
मोती-सा बन चमचमाने का सुख
छोटी-सी छुअन पर मिट जाने का सुख
 अब कहाँ !
मखमल-सा सुख देकर जाने का सुख
मलमल-से तन पर बिछ जाने का सुख
इक क्षण बस एक कण हर्षाने का सुख
 अब कहाँ !
पत्तों के तन पर डगमगाने का सुख
पंखुड़ियों के संग झूम जाने का सुख
किरणों पर लुटकर टिमटिमाने का सुख
 अब कहाँ !
हवा से हिलकर खिलखिलाने का सुख
धरती में घुलकर सरसाने का सुख
नयनों में नीरज नज़राने का सुख
 अब कहाँ !
रचनाकार - अतुल कुमार रस्तोगी
(संक्षिप्त परिचय)
जन्म तिथि : 01.11.1962
जन्म स्थान : शाहजहाँपुर, उत्तर प्रदेश
पिता का नाम : श्री राम किशोर रस्तोगी
माता का नाम : स्व. प्रभा रस्तोगी
स्थायी पता : तेलीबाग़, रायबरेली रोड, लखनऊ (उत्तरप्रदेश) 
संप्रति : भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक में सेवारत
सम्पर्क : बी-507, मीनाक्षी अपार्टमेन्ट, गोकुलधाम, गोरेगाँव (पूर्व), मुंबई – 400 063
(महाराष्ट्र)
मोबाईल : 09920565635
ई-मेल : atulkumarrastogi@yahoo.in
 akrastogi@sidbi.in

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