मोहसिन खान की चुनावी ग़ज़ल

--- विज्ञापन ---

----------- *** -----------

ग़ज़ल

वक़्त ने आज सबक़ सिखा दिया,

आवाम ने आईना दिखा दिया ।

 

ख़ूब रही ख़िलाफते-जंग दौराँ,

हमने पानी उनको पिला दिया ।

 

बंद आँखों से वादों पे किया यकीं,

सोचो तुमने क्या सिला दिया ।

 

तख़्त पर जो जमकर बैठे थे,

ख़ाक में उनको मिला दिया ।

 

हुक़ुमते ज़ुल्म को सहते रहे,

आज उनको मिटा दिया ।

 

ताक़त पर जिनको गुमान था,

पैर उनका ज़मीं से हिला दिया ।

--- विज्ञापन ---

----------- *** -----------

_____________________________________

1 टिप्पणी "मोहसिन खान की चुनावी ग़ज़ल"

रचनाओं पर आपकी बेबाक समीक्षा व अमूल्य टिप्पणियों के लिए आपका हार्दिक धन्यवाद.

स्पैम टिप्पणियों (वायरस डाउनलोडर युक्त कड़ियों वाले) की रोकथाम हेतु टिप्पणियों का मॉडरेशन लागू है. अतः आपकी टिप्पणियों को यहाँ प्रकट होने में कुछ समय लग सकता है.