रविवार, 25 मार्च 2012

अमरीक सिंह कंडा की कहानी - कंडे दा कंडा

image

कंडे दा कंडा

-अमरीक सिंह कंडा

आप जी....?

आप जी का जन्म नहीं हो रहा था। समय दस महीने हो चुके थे। आप जी की माता ने ऊपर वाले के आगे अरदास की कि या तो मेरी जान निकाल लो या फिर ....। आप जी का जन्म 31 मार्च को पंजाब की धरती पर हुआ। उस दिन आप जी के बाप जी ने बहुत शराब पी हुई थी ज़्योंकि उस दिन ठेके टूटे हुए थे और शराब सस्ती मिल रही थी। जब आप जी के जन्म की बात आप जी के शराबी बाप को पता चली तो उन्होंने शराब की एक ढक्कन गुड़ती के रूप में आप जी के मुंह में डाल दिया।

आपके बाप ने आपके जन्म की खुशी में सभी अड़ोसी-पड़ोसी टल्ली कर दिए। कईयों को तो दस्त और उल्टियां भी लगीं। कमजोर होने के कारण आप जी के बाप जी ने कई बार आपको अफीम भी चटाई। आप जी नशे में ही धीरे-धीरे बड़े हुए। नशे में जन्मे-पले होने के कारण आप जी नशे के बचपन से ही आदी थे। इस कारण नशा करने में आपको कोई दिक्कत नहीं आई। आप जी की प्रारम्भिक शिक्षा शुरू में ही खत्म हो गई परन्तु एक अफीम खाने वाले मास्टर ने आप जी को हिम्मत नहीं हारने दी। आप जी उसे कभी घर की निकाली शराब और कभी अफीम देते और वह हाजिरियां लगाता रहता। आप जी को पता ही नहीं चला कि कब आपने पांच जमातें पढ़ लीं। उसके बाद भगवान की दया से मास्टर जी पूरे हो गए और आप जी की पढ़ाई बीच में ही छूट गई।

वैसे तो आप जी पर जवानी आई ही नहीं पर कहने को तो कहना ही पड़ेगा। आप जी कई बार छोटे-मोटे केसों में, जैसे शराब के ट्रक का पकड़े जाना, भुक्की का कैंटर, अफीम का कैंटर पकड़ा जाना आदि परन्तु आप जी अपनी पैसे की बुद्धि के कारण बचने में हर बार सफल रहे। आप जी ने जवानी के दिनों में कई बार जेल यात्राएं भी कीं परन्तु आप जी ने अपना नशे का कारोबार जेल से भी जारी रखा।

जेल जाने के बाद जो बहुत थोड़ी बहुत झिझक थी वह भी खुल गई। आप जी अब पूरी तरह पके हो गए थे और आप जी ने वर्तमान सरकार से सम्पर्क किया हुआ था। आपने राज्य के सी.एम. साहब को खालिस दूध (असली अफीम) खिलाकर निहाल किया हुआ था। अब आप जी को राज्य में नशा बेचने का लाइसैंस मिल गया था (सी.एम. की ओर से हरी झंडी)। आप जी पहले पहल सरपंची, एम.सी., एम.एल.ए. और एम.पी. के इलैक्शनों के दौरान खूब नशा बेचते रहे। इलैक्शनों के दौरान आप जी की अग्नि परीक्षा हुई। उस वक्त आप बचने में सफल रहे ज़्योंकि आप जी ने यूथ के लिए फैंसीड्रिल, कोरैक्स, दस नम्बर की गोलियां, प्रोक्सीवन, लोमोटैल, आयोडैक्स तथा एलप्रैक्स की गोलियों का खूब लंगर लगाया और यूथ के दिलों में जगह बनाई।

आप जी अब लाखों-करोड़ों नहीं बल्कि अरबों में खेल रहे हैं। सरकार कोई भी आए परन्तु आप जी का कारोबार बहुत बढ़िया चल रहा है और चलता जाएगा ज़्योंकि आप जी को समझ आ चुकी है। आप जी ने अब अपनी इतनी शाखाएं बना ली हैं कि आपको कहीं जाने की जरूरत ही नहीं। आप जी दिन चौगुनी रात अठोगनी तरक्की कर रहे हैं। आप जी कभी मर नहीं सकते। आप अमर हो चुके हैं। यदि आप जी नरक वासी हो गए तो आप जी की बहुत सारी नाजायज औलादें, आप जी के नशेड़ी चेले-चपाटे आप जी का कमाया हुआ नाम खत्म नहीं होने देंगे। चाहे पूरा राज्य खत्म हो जाए।

2 blogger-facebook:

  1. श्री मान कंडा,आपका लाजवाब फंडा |
    पसंद आया
    चरण सिहँ गुप्ता

    उत्तर देंहटाएं

रचनाओं पर आपकी बेबाक समीक्षा व अमूल्य टिप्पणियों के लिए आपका हार्दिक धन्यवाद.

स्पैम टिप्पणियों (वायरस डाउनलोडर युक्त कड़ियों वाले) की रोकथाम हेतु टिप्पणियों का मॉडरेशन लागू है. अतः आपकी टिप्पणियों को यहाँ प्रकट होने में कुछ समय लग सकता है.

------------------------------------------------------------

प्रकाशनार्थ रचनाएँ आमंत्रित हैं...

1 करोड़ से अधिक पृष्ठ-पठन, 1.5 लाख गूगल+ अनुसरणकर्ता, 1500 से अधिक सदस्य

/ 2,500 से अधिक नियमित ग्राहक तथा 2000 से अधिक फ़ेसबुक प्रसंशक
/ प्रतिमाह 10,00,000(दस लाख) से अधिक पाठक
/ 10,000 से अधिक हर विधा की साहित्यिक रचनाएँ प्रकाशित
/ आप भी अपनी रचनाओं को इंटरनेट के विशाल पाठक वर्ग का नया विस्तार दें, आज ही नाका से जुड़ें. नाका में प्रकाशनार्थ रचनाओं का स्वागत है.किसी भी फ़ॉन्ट, टैक्स्ट, वर्ड या पेजमेकर फ़ाइल में रचनाएँ rachanakar@gmail.com पर ईमेल करें. अधिक जानकारी के लिए यह लिंक देखें - http://www.rachanakar.org/2005/09/blog-post_28.html

विश्व की पहली, यूनिकोडित हिंदी की सर्वाधिक प्रसारित, समृद्ध व लोकप्रिय ई-पत्रिका - नाका

मनपसंद रचनाएँ खोजकर पढ़ें
गूगल प्ले स्टोर से रचनाकार ऐप्प https://play.google.com/store/apps/details?id=com.rachanakar.org इंस्टाल करें. image

--------