सोमवार, 16 अप्रैल 2012

एस के पाण्डेय की कविता - जानवर और इंसान

 

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जानवर और इंसान

(१)

जानवर से बोला इंसान ।

करता है तूँ किसका ध्यान ।।

खुद की नहीं तुझको पहचान ।

पशु है तूँ इतना तो जान ।।

(२)

जानवर बोला सुन इंसान ।

सर में नित करके स्नान ।।

करता हूँ मैं प्रभु का ध्यान ।

तुम क्या जानों हुए महान ।।

(३)

बश होके तुम झूठी शान ।

भूले क्या होते भगवान ।।

पशुओं को है इतना ज्ञान ।

पशु थे पशु हैं नहीं महान ।।

(४)

पशु से कमतर अब इंसान ।

सुना है झूठा नहीं बयान ।।

क्या थे क्या हो तुम लों जान ।

माफ़ी तुम सम नहि को आन ।।

(५)

पशु होकर हमको अभिमान ।

अभी वही मेरी पहचान ।।

जाओ जानवर क्या इंसान ।

जीवन देते हैं भगवान ।।

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एस के पाण्डेय,

समशापुर (उ.प्र.) ।

URL: http://sites.google.com/site/skpvinyavali/

Blog: http://www.sriramprabhukripa.blogspot.in/

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