एस के पाण्डेय की कविता - जानवर और इंसान

--- विज्ञापन ---

----------- *** -----------

 

Image060 (Custom)

जानवर और इंसान

(१)

जानवर से बोला इंसान ।

करता है तूँ किसका ध्यान ।।

खुद की नहीं तुझको पहचान ।

पशु है तूँ इतना तो जान ।।

(२)

जानवर बोला सुन इंसान ।

सर में नित करके स्नान ।।

करता हूँ मैं प्रभु का ध्यान ।

तुम क्या जानों हुए महान ।।

(३)

बश होके तुम झूठी शान ।

भूले क्या होते भगवान ।।

पशुओं को है इतना ज्ञान ।

पशु थे पशु हैं नहीं महान ।।

(४)

पशु से कमतर अब इंसान ।

सुना है झूठा नहीं बयान ।।

क्या थे क्या हो तुम लों जान ।

माफ़ी तुम सम नहि को आन ।।

(५)

पशु होकर हमको अभिमान ।

अभी वही मेरी पहचान ।।

जाओ जानवर क्या इंसान ।

जीवन देते हैं भगवान ।।

------------

एस के पाण्डेय,

समशापुर (उ.प्र.) ।

URL: http://sites.google.com/site/skpvinyavali/

Blog: http://www.sriramprabhukripa.blogspot.in/

*********

--- विज्ञापन ---

----------- *** -----------

_____________________________________

1 टिप्पणी "एस के पाण्डेय की कविता - जानवर और इंसान"

रचनाओं पर आपकी बेबाक समीक्षा व अमूल्य टिप्पणियों के लिए आपका हार्दिक धन्यवाद.

स्पैम टिप्पणियों (वायरस डाउनलोडर युक्त कड़ियों वाले) की रोकथाम हेतु टिप्पणियों का मॉडरेशन लागू है. अतः आपकी टिप्पणियों को यहाँ प्रकट होने में कुछ समय लग सकता है.