अखतर अली की दो लघुकथाएं

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प्रेम कथा

लड़के का नाम -  चुप

लड़की का नाम - ख़ामोशी

गाँव का मुखिया -शोर

अंत                 - पारंपरिक

 

सत्य कथा

एक आदमी के दो बेटे थे ,दोनों हमशकल ,

उसमे एक नेता था और दूसरा पागल ,

वह आदमी ज़िन्दगी भर नहीं समझ पाया

उसका कौन सा बेटा नेता है और कौन सा बेटा पागल |

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अखतर अली

फजली अपार्टमेंट

आमानाका ,कुकुरबेड़ा

रायपुर |

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