मंगलवार, 24 अप्रैल 2012

आशुतोष कुमार झा की कविता - एक बातूनी लड़की से मुलाकात

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एक  बातूनी लड़की से मुलाकात

एक बेहद बातूनी लड़की से
पूछ बैठा  उसका नाम -
पता, ठिकाना, परिवार
और गाँव-जवार
सब कुछ सुनना पड़ा ।

बात बदलने की गरज़ से
गुनगुनाने लगा
तो सुनने पड़े अठारह गीत
रफ़ी-लता से ले कर
श्रेया-आतिफ़  ।

प्यार, धर्म, देश,
स्त्रियों की दशा, फ़ैशन का ट्रेन्ड
भी जानती थी
सोलह-सत्रह की
पहाड़ी जल-प्रपात सी वह लड़की
फ़िल्मी गॉसिप और फ़ेसबुक के अलावा ।

लगातार डेढ़ घंटे
झेलने के बाद
चुप करा देने की गरज़ से
पूछा मैंने
अखबार पढ़ती हो ?
और साहित्य ?

 

न जाने क्यों
उसके शब्द
थम गए
चेहरे पर आए अनगिनत भाव
पलकों के चमकीले सितारे
जम गए ।

बेझिझक कहा
सच बताना, क्या तुम्हें मैं
इतनी फ़ालतू दिखती हूं,
हां, बताना भूल गयी
अभी मैं टेन्थ में पढ़ती हूं
और दो घन्टे रोज़
नेट यूज़ करती हूं ।

अपनी बात में अंग्रेज़ी के
दो-चार दुमछल्ले जोड़ कर
साबित किया उसने
कि उसकी पीढ़ी किस तरह
आइ टी का फ़ायदा उठा रही है
और छपे शब्दों की दुनिया से
पीछा छुड़ा रही है।

मैंने सोचा,
यकीन किसे दिलाउं,
इस लड़की या खुद को
अक्षर ब्रह्म हैं,
शब्द शाश्वत रहेंगे
जैसी धारणायें तरंगित हो उठीं
साथ ही, आशंका भी
क्या शब्द साक्षी रहेंगे ?

अगले ही पल
यूं लगा मुझे
वह लड़की रूप बदल कर
बन गयी है विशाल जाल
जो धीरे-धीरे मेरी तरफ़ बढ़ रहा है

मैंने पहली बार जाना
कई बार बेतुकी बातों का तुक
आपकी ज़िन्दगी से जुड़ता है
और बकवास समझी जाने वाली
स्थापनाओं का भी
सभ्यता को दिशा देने में
उपयोग होता है ।


  -----आशुतोष कुमार झा

हिन्दी विभाग , मिसेज़ के.एम.पी.एम. इण्टर कॉलेज
बिस्टुपुर , जमशेद्पुर , झारखण्ड ८३१०१७

7 blogger-facebook:

  1. वाह.................
    एक अनोखे किस्म की रचना..............
    बहुत बढ़िया...
    अनु

    उत्तर देंहटाएं
  2. आजकल आई. टी. के दौर में शब्द, उसके अर्थ, शक्ति, सम्प्रेषण, प्रभाव, अनुभूति और भी बहुत कुछ नौजवान पीढ़ी आभास और अनुभव ही नहीं कर रही है ! हमें खेद है कि हम किस ओर दौड़ रहे हैं ? काश आई. टी. के साथ हम साहित्य की ओर भी नव पीढ़ी को जोड़ पाने का परिश्रम करते और साहित्य का मूल्य निरंतर समझाते रहते |

    आपकाअनुज
    डॉ.मोहसिन ख़ान

    (वरिष्ठ प्राध्यापक )
    हिन्दी– स्नातकोत्तर विभाग
    जे.एस. एम. महावियालय, अलीबाग ( महाराष्ट्र )

    उत्तर देंहटाएं
  3. shankar Lal6:47 pm

    bahut hi sunder rachana.
    Shankar

    उत्तर देंहटाएं
  4. expression ने आपकी पोस्ट " आशुतोष कुमार झा की कविता - एक बातूनी लड़की से मुला... " पर एक टिप्पणी छोड़ी है:

    वाह.................
    एक अनोखे किस्म की रचना..............
    बहुत बढ़िया...
    अनु

    उत्तर देंहटाएं
  5. सुन्दर भाव-सम्प्रेषण इन चंद पंक्तियों के माध्यम से - वाह - सतत अग्रगामी रहें आशुतोष जी - यही शुभकामना

    उत्तर देंहटाएं

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