आर वी सिंह की ग़ज़ल : इस बदलते हाल में हम क्या करेंगे।

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गज़ल

इस बदलते हाल में हम क्या करेंगे।

बंद कमरों में खुली चर्चा करेंगे।

 

जब दरिंदे दाखिले-शहरात होंगे

हम शरीफों की तरह देखा करेंगे।

 

साहिबानों बेगमों की हैं बहिश्तें

वे दहर के वासते सोचा करेंगे ।

 

हम गुजिश्ता कारवां शादाबियों के

बारहा बस रोजो-शब खोजा करेंगे।

 

दफ्न होने को जमीं दो गज नहीं है

भूप भू-चोरों को शर्मिन्दा करेंगे।

 

हम पशेमां पास से पशमिंदगी के

बस जम्हूरी नाम को कोसा करेंगे।–

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1 टिप्पणी "आर वी सिंह की ग़ज़ल : इस बदलते हाल में हम क्या करेंगे।"

  1. सवाल आपका......इस ग़ज़ल में
    इस बदलते हाल में हम क्या करेंगे?
    और जवाब भी इसी ग़ज़ल में..........
    बस जम्हूरी नाम को कोसा करेंगे
    शब्द संयोजन का जवाब नहीं

    उत्तर देंहटाएं

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