अखतर अली की लघुकथा - पत्रकार

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लघु कथा

पत्रकार

एक सांध्य दैनिक के मरियल से पत्रकार ने ठंडी चाय के साथ बासी ब्रेड खाया और नकली डकार लेकर फटी चप्पल में पैर डाल लेफ्ट राइट करता हुआ नक्सली खबर की तलाश में जंगल की ओर चला गया | खबर तो उसे कोई मिली नही, पर वह जंगल में रास्ता भटक गया | वह काफी परेशान होकर भटक रहा था तभी उसे एक स्थान पर दो रास्ते दिखाई दिए , इसके पहले कि वह आगे बढता ठिठक कर वही खड़ा हो गया | उसने देखा कि उसके सामने जो दो रास्ते थे उस पर एक रास्ते से शेर आ रहा था और दूसरे रास्ते से संपादक | वह अँधेरे में मुह छुपाये उस रास्ते पर चल पड़ा जिस पर शेर आ रहा था |

अखतर अली

फजली अपार्टमेंट

आमानाका कुकुरबेड़ा

रायपुर ( छत्तीसगढ़ )

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2 टिप्पणियाँ "अखतर अली की लघुकथा - पत्रकार"

  1. kursee ke uppar aur kursee se neeche ke aadame ka chitra achchha kheencha ha.

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  2. kursee ke uppar aur kursee se neeche ke aadame ka chitra achchha kheencha ha.

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