गुरुवार, 12 अप्रैल 2012

प्रियंका सिंह का आलेख - बढ़ती जनसंख्या एक समस्या

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बढ़ती जनसंख्या एक समस्‍या

प्रियंका सिंह (शोधकर्ती)

गृहविज्ञान संकाय,

वनस्‍थली विद्यापीठ,टोंक (राजस्‍थान)

प्रस्‍तावना

हर वर्ष विश्‍व जनसंख्या दिवस जुलाई महीने की 11 तारीख को मनाया जाता है। इसके साथ ही कुछ गोष्‍ठियां व सम्‍मेलन आदि करके तथा जनसंख्या की भयावहता पर विचार कर हर दिवस कि भाँति इसको भी अगले एक साल तक जब तक यह दिन दोबारा ना आये भुला दिया जाता है। हमारे देश के साथ दुनिया कि आबादी भी दिन दूनी और रात चौगनी बढ़ रही है। और मेरे हिसाब से इसे रोकने के सारे प्रयास विफल साबित हो रहे हैं।

आज विश्‍व की कुल जनसंख्या 6 अरब 70 करोड़ 35 हजार है। जबकि एशिया महाद्धीप की संख्‍या अकेले लगभग 4 अरब के बराबर है। एशिया कि यह जनसंख्या विश्‍व की कुल जनसंख्या कि 60 फीसदी है। इसी से ही एशिया और खास कर भारत के ऊपर जनसंख्या का बढ़ता दवाब खुद - बखुद समझा जा सकता है। दुनिया मे सबसे बड़ा जनसंख्या वाला देश चीन है। चीन की जनसंख्या लगभग 1 अरब 33 करोड़ है। जबकि भारत की आबादी लगभग 1 अरब 14 करोड़ तेजी से इस जनसंख्या को पछाड़ने पर तुली है। भारत चीन को पछाड़ भी देगा क्‍योंकि भारत में अभी भी जागरूकता और शिक्षा की कमी है।

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लोग इस बढ़ती हुई जनसंख्या के हानिकारक प्रभाव को समझ नहीं पा रहे हैं कि यह भविष्‍य में हमें कितना नुकसान पहुंचा सकती है। चीन की बात करे तो वह एक सम्राज्‍यवादी देश है। यहाँ लोगों पर कई तरह के प्रतिबन्‍ध लगाकर जनसंख्या को रोकने का प्रयास भी किया जा रहा है। भारत एक लोकतान्‍त्रिक देश है। यहाँ ऐसा सम्‍भव नहीं है बिना जागरूकता और शिक्षा के प्रसार के बिना इस पर अंकुश नहीं लगाया जा सकता है।

अभी हाल ही में हमें दुनिया में बढ़ते खाद्यान संकट के लिए एशिया जिम्‍मेदार ठहराया गया था। हमें यह तो अब समझ ही लेना चाहिए कि खाद्यान संकट अब तेजी से बढ़ रहा है। अन्‍न ही क्‍यों अन्‍न के साथ जल संकट भी बढ़ रहा है। तेजी से बढ़ती जनसंख्या ने प्रदूषण की दर को भी धक्‍का दिया है। जिससे जमीन की उरर्वरता तेजी से घट रही है। यदि हमने समय रहते जागरूक प्रयासों से बढती हुई जनसंख्या को नहीं रोका तो एक दिन भूख और प्‍यास से हमारे अपने ही बिलबिलायेगें। बिना प्रति व्‍यक्‍ति जागरूकता और प्रति व्‍यक्‍ति शिक्षा के ऐसा सम्‍भव नहीं है। हमें बच्‍चे भगवान की देन हैं वाली मानसिकता का त्‍याग करना ही होगा वरना आने वाली परिस्‍थितियाँ अत्‍यन्‍त ही भयानक साबित होने वाली है।

भारत मेम जनसंख्या विस्‍फोट के उतरदायी कारण

1-गर्म जलवायु

2-मनोरंजन के साधनों का अभाव

3-संयुक्‍त परिवार प्रथा

4-अशिक्षा

5-निम्‍न जीवन स्‍तर

6-परिवार नियोजन के साधनों की जानकारी का न होना

7-परिवहन एवं संचार के साधनों की कमी

8-विवाह की अनिवार्यता

9-बाल विवाह प्रथा

10-पुत्र प्राप्‍ति को विशेष महत्‍व

11-चिकित्‍सा सुविधाओं में सुधार

12-पश्‍चिमी सभ्‍यता व संस्‍कृति का प्रभाव

13-सिनेमा, अश्‍लील साहित्‍य एंव चुस्‍त पोशाक आदि का प्रभाव

14-भाग्‍यवदिता का प्रभाव

15-जन हानि में कमी

16-शरणार्थियों का आगमन।

9 blogger-facebook:

  1. mannu singh2:26 pm

    bahut achi lagi very nice yaar....

    उत्तर देंहटाएं
  2. monika2:45 pm

    kya bat hai di aap itna accha likte bhi hai aapne kabhi batya bhi nahi, so very nic.....

    उत्तर देंहटाएं
  3. गर्म जलवायु

    2-मनोरंजन के साधनों का अभाव----------------------------यह बात कही हद तक ठीक हैं

    3-संयुक्‍त परिवार प्रथा-------------------------------------------यह बात मेरे समझ में नहीं आई

    4-अशिक्षा------------------------------------------------------------सबसे बड़ा कारण ही यह ही हैं

    5-निम्‍न जीवन स्‍तर

    6-परिवार नियोजन के साधनों की जानकारी का न होना---यह भी एक महत्यपूर्ण कारण हैं

    7-परिवहन एवं संचार के साधनों की कमी

    8-विवाह की अनिवार्यता----------कम उम्र में लड़की की शादी करवाने की प्रबनता

    9-बाल विवाह प्रथा------------------यह तो कारण हैं ही

    10-पुत्र प्राप्‍ति को विशेष महत्‍व------------यह भी बहुत बड़ा कारन हैं

    11-चिकित्‍सा सुविधाओं में सुधार--------यह कोई कारन नहीं , क्या MEDICAL SCIENCE की उन्नत्ति जरुरी नहीं हैं

    12-पश्‍चिमी सभ्‍यता व संस्‍कृति का प्रभाव-----यह भी कारन उचित नहीं हैं , वैसे में पश्चिमी सभ्यता का बिरोधी हु

    13-सिनेमा, अश्‍लील साहित्‍य एंव चुस्‍त पोशाक आदि का प्रभाव----------यह भी बहुत बड़ा कारन हैं पर इसके साथ लड़की हो या लड़का पर माँ बाप का नियंत्रण रहना जरुरी हैं

    14-भाग्‍यवदिता का प्रभाव-

    15-जन हानि में कमी--------इस कारन को में नहीं मान सकता

    16-शरणार्थियों का आगमन।----सबसे बड़ा कारन हैं

    PREM CHAND MURARKA

    उत्तर देंहटाएं
  4. बहुत ही सुन्दर रचना रची है ! मेरी ओर से आपको हार्दिक शुभकामनाएं |पर जिसे एक भी न मिला ?

    उत्तर देंहटाएं
  5. javabdari se likha hai aapne vakai chinta ka vishai hai

    उत्तर देंहटाएं
  6. javabdari se likha hai aapne vakai chinta ka vishai hai

    उत्तर देंहटाएं
  7. अच्छा लिखा सराहनीय पहल है !

    उत्तर देंहटाएं
  8. अच्छा लिखा है,सराहनीय पहल है।
    डा रामलाल चौधरी
    संभागीय प्रबन्धक परिवार नियोजन यू एन एफ पी ए
    अजमेर

    उत्तर देंहटाएं

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