शनिवार, 14 अप्रैल 2012

विनय भारत की कविताएँ

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‘‘कॉलेज का एक लड़का''

एक कॉलेज का लड़का वो

रोजाना सपने सँजाता है।

एक झलक पाने के लिए

रोजाना कॉलेज आता है।

बालों को वह सॅवारता

आईने में वह निहारता।

जूते पॉलिश चमकाता सा

इत्र से शरीर महकाता है।

जीन्‍स शर्ट टी शर्ट कभी

कभी सादा वस्‍त्र उठाता है।

रोज-रोज सज सँवर वह

पढ़ने कॉलेज आ जाता है।

कभी कक्षा से बाहर आता

कभी पानी पीने जाता है।

कभी ताँक झॉककर देखता

कभी बहाना कोई बनाता है।

बस एक झलक पाने को

रोजाना कॉलेज आता है।

उस लड़की में भी बात कोई

इठलाती है, इतराती है।

उस लड़के को देख-देख

हँसती है चली जाती है।

वह लड़का एक दीवाना था

रातों करवटें बदलता है।

सपने में बस उसी परी के

यशोगान वह गाता है।

और उसकी एक झलक

पाने को रोजाना कॉलेज जाता है।

वह लड़की नहीं चितचोर वह

उससे नजरें मिल जाती है।

ना वह कुछ भी कह पाती है

ना लड़का कुछ कह पाता है।

दिन, साल, महीने बीत गए

लड़का बस आँसू बहाता है।

प्‍यार भी क्‍या चीज है

अनेकों रंग दिखाता है।

--

 

‘‘कालपुरूष‘‘

ऐसा कौन विजेता

जिसने काल को जीत लिया है

काल के मुख मण्‍डल से

किसका इतिहास बचा है।

काल के अट्‌टहास को

कौन जो रोक पाया

किसने काल के सीने पर

विजय का झण्‍डा है लहराया।

कालदेव है वह विजेता

अब तक रहा अमर है।

अथ से लेकर इति तक

धरा पर मृत्‍यु ही

एक सच है।

काल विजेता बनने अब तक

जाने कितने आये।

किसमें इतना साहस है,

जो काल को मार भगाये।

वीरों के हाथों में चाहे,

लोहे का दम भरा है।

फिर भी अन्‍त में वीरों को,

काल के युद्ध में मरना पड़ा है।

नहीं जीत पाया है,

ना कोई जीत सकेगा,

बस एक ही सच है,

इस धरा पर

काल ही अमर रहेगा।

--

उपनाम ः- विनय भारत

पूरा नाम ः- विनय कुमार शर्मा

पता ः- दशहरा मैदान, स्‍टेज के पीछे, गंगापुर सिटी,

जिला-सवाई माधोपुर (राजस्‍थान) 322201

मोबाईल ः- 8233261039, 9309213893

ई-मेल ः- 11vs1992@gmail.com

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