शुक्रवार, 31 अगस्त 2012

पुस्तक समीक्षा : व्यंग्य का शून्यकाल

सबसे पहले भूमिका जो व्यंग्य का शून्यकाल से ही ली गई है - "शून्यकाल वही है जो गोल कर दे. गोल घुमा देगा तो व्यंग्य हो जाएगा. यह टोटका ...

गुरुवार, 30 अगस्त 2012

प्रमोद भार्गव का व्‍यंग्‍य निबंध : वाटरगेट बनाम कोलगेट

भैया हमारे सनातन ऋषि तो पहले ही कह गए कि काजल की कोठरी में रहोगे तो थोड़े बहुत काले होगे ही। अब बेचारे निष्‍काम निर्लिप्‍त प्रधानमंत्री ने ...

जसबीर चावला की कविताएँ

नई गरीबी रेखा ---------------- वे गरीब नहीं थे चाहते थे करना महसूस गरीबी क्या है नामी मॉल गए देखी/परखी ब्रांडेड ब्लू जींस/ टॉप छपे थे फटे...

कहानी लेखन पुरस्कार आयोजन -68- प्रभुदयाल श्रीवास्तव की कहानी तांगेवाला

कहानी तांगेवाला प्रभुदयाल श्रीवास्तव मन बड़ा चंचल और चलायमान होता है इस पर‌ बड़े बड़े देवता, ऋषि मुनि और‌ साधु संत तक‌ नियंत्रण नहीं कर सके...

कहानी लेखन पुरस्कार आयोजन -67- वंदना अवस्थी दुबे की कहानी : नहीं चाहिए आदि को कुछ...

कहानी                         नहीं चाहिए आदि  को कुछ...... वंदना अवस्थी दुबे ' ये क्या है मौली दीदी?" " आई-पॉड है." &q...

पुस्तक समीक्षा - मेघा : आशावादी मन को तृप्त करती कविताएं

पुस्तक--- मेघा लेखक-----बसन्त चौधरी मूल्य-----१०० रूपये प्रकाशक-------श्री लूनकरणदास गंगादेवी चौधरी साहित्यकला मन्दिर,नेपाल,२०१२ जिस प्रकार...

डाक्टर चंद जैन 'अंकुर' की रचना - मैं नीर माँ....

मैं नीर माँ....... जीवन, देह में विचारों ,भावनावों और क्रियाओं का योग है और विश्व शिव संग माँ का परमयोग है। मानव आदिगुरू का  प्रयोग हैI देह...

कहानी लेखन पुरस्कार आयोजन -66- त्रिपुरारि कुमार शर्मा की कहानी : दिल्ली की दोपहर

कहानी दिल्ली की दोपहर त्रिपुरारि कुमार शर्मा -- रु. 15,000 के 'रचनाकार कहानी लेखन पुरस्कार आयोजन' में आप भी भाग ले सकते हैं. अपन...

विनय कुमार सिंह का आलेख - अपवादों में सोशल मीडिया का शोषण

विनय कुमार सिंह अपवादों में सोशल मीडिया का शोषण अपने नाकामियों पर पर्दा डालने के लिए सरकार वर्तमान में अपवादों का जरिया सोशल मीडिया को...

विजय वर्मा की बेहद महंगी ग़ज़लें

ग़ज़लों पर महंगाई का असर कुछ चुनिन्दा शे'र और अगर वे आज के ज़माने में लिखे जाते तो कैसे होते --इसे पेश कर रहा हूँ,मीर साहब,कतील शिफई साह...

बुधवार, 29 अगस्त 2012

नरेंद्र तोमर की लघुकथा - भगवान और भक्त

नारद जी जब दरबार में पहुंचे तो देखा ब्रह्मा, विष्णु और महेश तीनों सिर झुकाए चिंतित एवं उदास मुद्रा में बैठे हैं। ‘नारायण नारायण’ कहने और अप...

कहानी लेखन पुरस्कार आयोजन -65- चंद्रकांता की कहानी : कल्पतरु

कहानी कल्पतरु चंद्रकांता   उफ्फ़! कितनी गहरी पीड़ा है यह मानों तालाब के पार्श्व पर पानी और उसके भीतर मछली तड़प रही हो. तुम्हें कैसे समझाऊं स...

छत्र पाल का कविता संग्रह - भाषाई हुड़दंग

छत्रपाल का कविता संग्रह ई-बुक यहाँ पढ़ें या फिर इसे पीडीएफ डाउनलोड कर पढ़ें - पढ़ने के लिए नीचे फ्रेम में एक्सपांड बटन को क्लिक करें Open...

सोमवार, 27 अगस्त 2012

कहानी लेखन पुरस्कार आयोजन -64- गिरिजा कुलश्रेष्ठ की कहानी - उसके लायक

कहानी उसके लायक गिरिजा कुलश्रेष्ठ ----------------- व ह जिस दिन पहली बार कक्षा में आई थी ,उस दिन तो सबने ऐसा मुँह बना लिया था जैसे धोखे ...

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