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गोवर्धन यादव का आलेख - तितलियाँ : आसमान में उड़ती परियाँ

आसमान में उड़ती परियां.

बच्चों, आपने कभी आसमान में उड़ती हुई परियों को देखा है? प्रश्न सुनते ही आप कह उठेंगे कि परियां-वरियां नाम की कोई चीज होती ही नहीं है. या फ़िर यह कहेंगे कि किसी सीरियल में, हमने उसे आसमान से उतरते देखा है. उसके हाथ में एक जादू की छड़ी होती है और वह पलक झपकते ही कहानी के हीरो की मदद करती है, अथवा उसके लिए कोई उपहार लेकर आती है. वह मुस्कुराते हुए प्रकट है और फ़िर गायब भी हो जाती है. यह बात सच है कि अब तक कोई परी देखी नहीं गई है. परी होने की कल्पना भर की गई है. मेरा अपना मत है कि आकाश में उड़ती सुन्दर सी किसी तितली को देखकर, परी होने की कल्पना की गई होगी. हम जिस परी की बात करने जा रहे हैं, वह किसी खूबसूरत परी से कम नहीं है. उस परी का नाम है-रंग-बिरंगी तितलियाँ. ये तितलियां, हवा में बलखाती-उड़ती हुई कभी इस डाल पर, तो कभी उस डाल पर, खिले सुवासित फ़ूलों पर जा बैठती है और उसका रस पीकर उड़ जाती है.

वातावरण में लगातार आ रहे बदलाव तथा कीटनाशक दवाओं के प्रयोग के चलते यह खूबसूरत जीव दुनिया के पटल से लगभग गायब हो रहा है. अन्यथा बारिश की पहली फ़ुवार के साथ, आप अनेक प्रकार की रंगबिरंगी तितलियों को, हवा में तैरती देख सकते थे. खैर न अब वे दिन है और न तितलियां. पर जो भी है, वे गजब की हैं. हवा में मटकते इन जीवों के पंखों से तो नजरें हटाये नहीं हटती. बड़ा गजब का चुंबकीय आकर्षण होता है इनके परों में. प्रकृति ने पूरे मनोयोग से -,बड़े सलीके से, धैर्यपूर्वक इनके पंखों पर चित्रकारी की है .उनके पंखों पर कहीं एक-एक आँख बनी है, तो कहीं दो या फ़िर इससे भी ज्यादा. तितलियों के परों पर बनी इन्हीं आँखों के आधार पर इनके नाम रखे गए हैं. केसरिया रंग की तितली पर बनी, दो बड़ी-बड़ी आँखें देखकर उसको नाम दे दिया गया- पीकाक पेंसी, नीली तितली को नाम दिया गया “ब्लू पेंसी,”, किसी को कामन लाइम, किसी को टेल्ड या काली तितली को कामन-क्रो आदि-आदि.

हजारों प्रकार की तितलियां पाई जाती है, जिनके नाम रखने में कई परेशानियां खड़ी हो सकती है. तितलियों का नामकरण शायद हमने नहीं किया. जो भी नाम मिलते हैं,वे सब अंग्रेजी में ही मिलते हैं. स्पष्ट है कि हमने कभी भी इस बात को लेकर गंभीरता से नहीं सोचा. बस तितली देखकर खुश होते रहे, जबकि पश्चिम के लोगों ने,इन नन्हे जीवों के प्रति अपनी दिलचस्पी दिखलायी, उनके जीवन-चक्र के बारे में पूरी जानकारियां इकठ्ठी की, इनके नाम रखे और इनके संरक्षण के लिए उपाय खोजे और उनके संग्रहालय तक बना डाले. फ़्लोरिडा म्युजियम के नाम से विख्यात एक संग्रहालय है. इसके साथ ही इंगलैंड सहित करीब बत्तीस देशों ने इस नन्हें जीवों के लिए वर्षावन आदि बनाए,जहां यह जीव पलता-बढ़ता और अंत में म्युजियम में सुरक्षित रख दिया जाता है.

यहां हम कुछ तितलियों के बारे में, उनके जीवन चक्र के बारे में संक्षिप्त में जानकारी हासिल करते चलें. तितली जिसे हम अंग्रेजी में बटरफ़्लाई कहते है, कीट वर्ग का सामान्य सा प्राणी है. यह सब जगह पाया जाता है. ठोस आहार न लेकर यह फ़ूलॊं का रस पीती है. इनका दिमाक अन्य कीटॊं से ज्यादा तेज गति से चलता है. कोस्टारिका में तेरह सौ प्रकार की तितलियां पाई गई है. विश्व में सबसे तेज गति से उडने वाली तितली का नाम”मोनार्क” है, जो एक घंटॆ में सतरह मील तक उड़ सकती है. सबसे बड़ी तितली “जायंट वर्डविंग” है. इसके पंखों का फ़ैलाव करीब बारह इंच होता है. तितली के शरीर के मुख्य तीन भाग होते हैं. (१) सिर (२) वक्ष (३) और तीसरा दो जोडी पंख. इनके छः पैर होते है. प्रत्येक पैर में तीन जोड होते है, सिर पर दो जोडी आँख, मुँह में घडी की स्प्रिंग की तरह “प्रोवोसिस” नामक खोखली सूंडनुमा जीभ होती है. फ़ूलों पर बैठकर ये इसी से फ़ूलों का रस चूसकर पीती है. इनका जीवन ज्यादा लंबा नहीं होता है. यह एक लिंगी प्राणी है. नर और मादा अलग-अलग होते हैं. मादा पितली पत्तॊं के नीचे अपने अंडॆ देती है. कुछ समय बाद ये लार्वा ( कैटर्पिलर)में बदल जाते है. कुछ समय पश्चात लार्वा एक खोल के रुप में बदल जाता है जिसे “प्यूमा” कहा जाता है. और अन्त में यह तितली के रुप में ढलकर आसमान में उड़ने लगती हैं. clip_image001 clip_image002 उपर दिए गए चित्र के माध्यम से हम इसके शरीर के विभिन्न अंगों के बारे में जानकारी प्राप्त की जा सकती है.

तितलियां विश्व के सभी भागों में पाई जाती है. चाहे वे गर्म, ठंडॆ,‌ उष्णकटिबंध, ज्यादा बारिश वाले इलाके हो,इन्हें आप हर जगह देख सकते है. सारी  तितलियां “लेपिडॊप्टेरा “(Lepidoptera)नामक वर्ग से होती है. यह एक ग्रीक शब्द है. “लेपिडोस”(lepidos) का अर्थ है स्कल्स और पिटेरा(ptera) का मतलब है उनके “पंख” यह बहुत बडा वर्ग है और इसमे कई प्रकार की तितलियां पायी जाती है.इनके पन्द्र्दह हजार से ज्यादा प्रकार पूरे विश्व में पाए जाते है. आइये, आज हम कुछ विशेष तितलियों के बारे में संक्षिप्त में जानकारियां हासिल करते हैं. clip_image004

मोनार्क तितली- मोनार्क तितलियां अलग-अलग रंगो में तथा अनेक आकारों में पायी जाती हैं .लेकिन संतरे के रंग तथा काले रंग की तितलियां देखने में अत्यन्त ही सुन्दर होती हैं. मादा तितली के पंख गहरे रंग के होते है, जबकि नर तितली के पंखॊं के बीच धारियां देखी जाती है. इनके पंखों के आधार पर हम नर अथवा मादा तितली की पहचान कर सकते हैं. मादा तितली एक पॆड़ पर सैकड़ों अंडॆ देती है. इसकी एक विशेषता यह भी है कि यह कई कि.मी. तक की यात्रा बड़े आराम से कर लेती है. आस्ट्रेलिया और उत्तरी अमेरिका के समुद्र तटॊं पर यह बहुतायत से देखने को मिलती हैं. तितलियां अपने पसंद के मौसम के हिसाब से एक इलाके से दूसरे इलाके में स्वतः आती-जाती रहती है. यहां हम कुछ विशेष तितलियों के बारे में जानकारी प्राप्त करते चलें.

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अमेरिकन नाट बटरफ़्लाई-(aamerical snout butterfly) ( ( libytheana carinenta) ग्रुप की इस तितली का रंग काले०भूरे रंग का होता है,जिस पर सफ़ेद,संतरे के रंग अथवा गहरे हरे तथा पीले रंग की धारियां होती है. यह उत्तरी तथा दक्षिण अमेरिका में पायी जाती है. clip_image007

गार्डन टाइगर तितली-( garden tiger butterfly )( arctia caja) ग्रुप की तितली है यह. आपने शेर तो देखा ही है. कुदरत ने इस नन्हे से जीव को भी टायगर की शक्ल में ढाल दिया है. जिस तरह शेर के शरीर पर पट्टॆ देखे जा सकते है. ठीक इसी तरह इस तितली के पंखों पर सफ़ेद-भूरे पट्टे पाए जाते हैं. इन्हीं पट्टॊं को देखकर इसका नाम टाईगर तितली पडा नीली

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नीली तितली( blue morpho butterfaly)( marpho Menelaus group).इसके चटक नीले रंग को देखकर ही इस तितली को “नीली तितली” का नाम मिला. मादा तितली का रंग, नर तितली के मुकाबले उताना आकर्षक नहीं होता. तितली की सुन्दरता देखकर विस्मय होता है. जब यह किसी फ़ूल अतवा डाली पर बैठता है तो इसके शरीर पर भूरे-नीले रंग के आकर्षक छल्ले दिखायी देते है.वेनेजुएला तथा ब्राजिल के जंगलों में इसे बहुतायत में देखा जा सकता है.

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(Julia butterfly) जुलिया तितली- (fama Nymphalidae group) पीले-नारंगी रंग की इस तितली का नाम जुलिया रखा गया है.इसके पंखों की लंबाई तीन से चार इंच तक होते हैं. इसके पंखों पर गहरी रेखाएं देखी जा सकती है,जो इसकी सुन्दरता में चार चांद लगा देती है.

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goliath birdwing butterfly-गोलिआथ बर्डविंग तितली-(Ornithoptera goliath group) क्वीन अलिक्जंडर नामक तितली से थोडी छोटी,मगर सबसे बडी तितली होने का रुतबा इस्स तितली को प्राप्त है.काले-पीले-तथा हरे रंग की इस तितली के पंख 11इंच तक के होते है.इसके पंखों पर कुदरत ने बडॆ ही मनोहारी ढंग से रीगों का संयोजन कर,इसे बेहद ही खूबसूरती दी है.वर्षा-वनों मे इसे देखा जा सकता है.

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California dogface butterfly-केलिफ़ोर्निया डागफ़ेस तितली-(ornithoptera goliath group) इसके पंखों पर ध्यान दीजिए. देखकर लगता है कि कुदरत ने इस पर कुत्ते की सूरत उकेरी है. काले-पीले रंग की इस तितली के उपरी पंखों पर सफ़ेद रंग से यह आकृति दिखाई देती है.इसके पंख 22 से 31mm के होते हैं

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( Julia butterfly) जुलिया तितली-(family Nymphalidae group) पीले-नारंगी रंग की इस तितली के च्चार पंख होते है जो तीन से चार इंच लंबे होते है,जिस पर गहरे नारंगी लकीरें से खींची दिखाई देती है.दक्षिणी तथा मध्य अमेरिका में इसे देखा जा सकता है . इस् तितली का सिर बडा होता है.इसे गंदी चीजों से रस प्राप्त करने में मजा आता है.

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Carner blue butterfly-कार्नेर तितली ( Lycaeides Melissa samuelis group) -छॊटी नीले रंग की इस तितली के पंखों के किनारी पर सफ़ेदी देखी जा सकती है,.दून नेशनल पार्क सहित न्यूजर्सी,न्यूयार्क आदि जगहों पर इसे देखा जा सकता है. प्रसिद्ध उपन्यासकार Vladimir Nabokov ने इस तितली को यह नाम दिया था. जुलाई और अगस्त माह के मध्य इसे देखा जा सकता है.

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( Milbert’s tortoiseshell )

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मिल्बर्ट्स टारटाइजशेल तितली”-चार पंखों वाली इस तितली के पंख 1.6-2.5 इंच के होते हैं.उत्तर अमेरिका तथा मैक्सिको में यह पाई जाती है.सडे फ़लों से यह रस प्राप्त करती है.गहरे भूरे रंग अथवा सुर्ख ला रंग के परों पर काले छल्ले तथा सफ़ेद रंग इसके आकर्षण को बढा देते हैं. यह तितली Nymphalis milberti group के अन्तरगत आती है.

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morning cloak butterfly- मार्निंग क्लाक तितली;--Nymphalis antiopa वर्ग की यह तितली मेरुन रंग की होती है,जिस पर नीले रंग के छ्ल्ले बने होते हैं तथा पीले रंग की बार्डर होती है. फ़ूलों के पराग तथा फ़लों का रस पीना इसे प्रिय है. यूरोप के कुछ भागों तथा अमेरिका के गर्म प्रदेशों में यह देखी जाती है. यह तितली ( Nymphalis antiopa Linnaeus group) के अन्तरगत आती है.

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Painted lady butterfly

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( pented lady butterfly ) पेंटॆड लेडी बटरर्फ़्लाई :-vanessa cardui वर्ग की इस तितली की खूबसूरती देखते ही बनती है. गहरे भूरे तथा लाल रंग के परों पर सफ़ेद छल्ले इसकी सुन्दरता में चार चांद लगा देते हैं. 2-2 .7/8 इंच(5.1-7.3 c.m)के इसके पंख होते हैं. आस्ट्रेलिया तथा अमेरिका के भूभागों में यह पाई जाती है. ( Vanessa Cardui group)

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( peacock butterfly ) पिकाक बटरफ़्लाय-( Inachisio group) गहरे मेरुन रंग के परों पर चार बडी-बडी आंखें देखी जा सकती है., ऊपर के दो पंखों पर सफ़ेद गोले तथा नीचे के दो पंखों पर नीले गोले इसकी सुन्दरता बढा देते हैं.

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postman butterfly ( Heliconius melpomene group) saturn butterfly( Zeuxidia amethystus group)

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Queen alexandra’s butterfly Southern dogface butterfly(Zeuxsidia amethystus group)

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Red admiral butterfly ( Vanessa ataalanta) summer azure butterfly( celestrina neglecta)

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tiger swallowtail butterfly( Papilio glaucas group) zewbra swallowtail butterfly

clip_image045 clip_image047 Ulysses butterfly( Papilio Ulysses) viceroy butterfly( Limenitis archippus)

उपरोक्त तितलियों के अलावा पोस्ट्मन तितली,सदर्न डागफ़ेस तितली,रेड एडमाइरल तितली, समर एज्योर तितली,टाईगर स्वालोटेल तितली,जेबरा स्वालोटेल तितली,युलिसेस तितली तथा वायसराय तितली के केवल चित्र दिए जा रहे हैं. इन चित्रों के सहारे हम तितलियों के रंग. उनकी बनावट आदि की जानकरियां प्राप्त कर सकते है.

आप देखेंगे कि सभी तितलियों के नाम अंग्रेजी भाषा में ही रखे गए हैं. विदेश में हर छोटे-बड़े कीट के संबंध में वे उससे जुड़ी हर बातों पर ध्यान देते हैं. उनकी दैनिक जीवनी पर कड़ी नजर रखते हैं और उसके मुताबिक रिकार्ड रखते हैं.हम केवल कीट-पतंगों को देखते भर हैं. न तो हमें इनकी चिंता ही होती है और न ही हम इनकी जीवन-चर्या पर ही ध्यान दे पाते हैं. अतः अब हमारा उत्तरदायित्व बनता है कि हम कम से कम इनके प्रति सकारात्मक रुझान रखें और उनके संरक्षण के प्रति जागरुक बनें.

प्रकृति ने कितने ही प्यारे जीव-जंतु इस धरती पर भेजे हैं. कोई भी जीव ऎसा नहीं है,जो मनुष्यता के विरुद्ध है, वे हमारे परम हितैषी भी होते हैं. बस हमें अपना नजरिया बदलने भर की आवश्यकता है.

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-- गोवर्धन यादव
103 कावेरी नगर ,छिन्दवाडा,म.प्र. ४८०००१

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