शुक्रवार, 19 अक्तूबर 2012

तमिलनाडु में हिंदी माह समारोह सम्पन्न

DSC04706 (Custom)

तमिलनाडु केन्द्रीय विश्‍वविद्यालय में कल सोमवार, दि. 15 अक्टूबर, 2012 को हिन्दी माह-2012 का समापन समारोह संपन्न हुआ। ध्यातव्य है कि विश्‍वविद्यालय ने दि. 1 से 29 सितंबर, 2012 तक हिन्दी माह समारोह मनाया और पूरा सितंबर माह हिन्दी की विभिन्न प्रतियोगिताओं तथा साहित्यिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया। समापन समारोह के लिए शहर में विभिन्न जगहों पर द्विभाषी बैनर लगाये गये थे और सभी केन्द्रीय विश्‍वविद्यालयों, संगठनों और उपक्रमों को संबंधित कार्यक्रम के निमंत्रण पत्र एक माह पूर्व ही प्रेषित कर दिये गये थे। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में प्रसिद्ध समाज भाषा वैज्ञानिक एवं दक्षिण भारत हिन्दी प्रचार सभा, चेन्नै के कुलसचिव, प्रो. दिलीप सिंह जी को आमंत्रित किया गया।

कार्यक्रम की शुरुआत डॉ. के. वी. रघुपति, सहायक आचार्य (अंग्रेज़ी) ने स्वागत भाषण और एकीकृत विज्ञान निष्णात के कार्तिक एँड ग्रुप के स्वागत गान तथा श्याम, अभिषेक एँड हिमा हरिहरन ग्रुप के प्रार्थना से हुई। तदुपरांत श्री ए. आर. वेंकटकृष्णन, उप कुलसचिव (अकादमिक) ने बीज भाषण दिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्‍वविद्यालय के कुलपति प्रो. बी. पी. संजय जी ने की।

प्रो. बी. पी. संजय जी ने अपने अध्यक्षीय भाषण में कहा कि “कोई भी भाषा सीखने और बोलने के लिए खुलेपन की आवश्यकता होती है। पहले स्तर पर वाक्य विन्यास, व्याकरण की गलतियाँ हो सकती हैं, जो स्वाभाविक भी हैं, लेकिन धीरे-धीरे उस भाषा को बोला और समझा जा सकता है। संतोष है कि हमारे कर्मचारी एवं विद्यार्थी इस दिशा में प्रयासरत हैं।" विश्‍वविद्यालय की भाषा नीति स्पष्ट करते हुए उन्होंने कहा कि “विश्‍वविद्यालय सभी भारतीय भाषाओं के लिए ज़गह बनाना चाहता है। तुलनात्मक अध्ययन एवं प्रयोजनमूलक पाठ्यक्रमों के ज़रिए भाषा एवं साहित्य शिक्षण सुगम बनाया जा सकता है। विश्‍वविद्यालय अगले सत्र में इस तरह के पाठ्यक्रम प्रारंभ करने की पूरी कोशिश करेगा।"

प्रो. दिलीप सिंह जी ने अपने समापन भाषण ‘राष्ट्रभाषा, राजभाषा और संपर्क भाषा’ पर बोलते हुए कहा कि "14 सितंबर वास्तव में राजभाषाओं से संबंधित है। केवल हिन्दी ही राजभाषा नहीं है, बल्कि प्रत्येक राज्य ने जिस किसी भाषा को राजभाषा के रूप में चुना है, वह सभी उन प्रांतों की राजभाषाएँ हैं। हिन्दी केवल केन्द्रीय संगठनों, उपक्रमों की राजभाषा है।" उन्होंने 'संपर्क भाषा' के संबंध में कहा कि प्रत्येक राज्य से जुड़े प्रदेशों की परस्पर सीमाओं पर बोली जानेवाली सभी भाषाएँ उन तमाम प्रांतों के लिए संपर्क भाषाएँ हैं। हिन्दी व्यापक अर्थों में संपर्क की भाषा हो सकती है।" उन्होंने उपरोक्त विषय पर विस्तार से बात की और राष्ट्रभाषा, राजभाषा और संपर्क भाषा के नवीन अर्थों को प्रस्तुत किया।

विश्‍वविद्यालय प्रशासन ने विशेष पहल करते हुए तिरुवारूर में स्थित एक पाठशाला जीनियस नर्सरी एँड प्राइमरी स्कूल द्वारा हिन्दी दिवस मनाने और हिन्दी की विभिन्न गतिविधियाँ करने पर पाठशाला प्रबंधन को प्रशंसा पत्र देकर उनके इस काम की प्रशंसा की। विश्‍वविद्यालय के कुलसचिव श्री वी. के. श्रीधर जी ने कहा कि "इस तरह के प्रशंसा पत्रों से पाठशालाओं का मनोबल बढ़ेगा और विद्यार्थी हिन्दी पढ़ने के लिए अग्रसर होंगे। भावात्मक एकता बनाने में इस तरह के प्रशंसा पत्रों से यदि किसी भी तरह की सहायता होती हो, तो अवश्य ही ऐसी पहल की जानी चाहिए। पाठशालाओं में नवीन पीढ़ी शिक्षारत है। उन्हें हिन्दी के वैश्‍विक स्वरूप से अवगत कराने के उपक्रम, उन्हें हिन्दी के प्रति जागरूक बनाने में उपयोगी हो सकते हैं। भाषा संबंधी सभी पूर्वाग्रह त्यागकर भाषाओं के ज़रिए भावात्मक एकता लाने की आवश्यकता है। विश्‍विद्यालय भावात्मक एकता विकसित करने का समर्थक है।"

कार्यक्रम में विशेष आकर्षण सोनिया एवं लोकरम्या द्वारा दी गई शास्त्रीय नृत्य-प्रस्तुति थी। कार्यक्रम में विश्‍वविद्यालय के सभी शिक्षण एवं शिक्षणेतर कर्मचारी एवं विद्यार्थियों ने उपस्थिति दर्ज़ की। अंत में श्री एम. पी. बालामुरुगन, उप कुलसचिव (स्थापना) ने अभिनंदन एवं श्री बी. त्यागराजन, सहायक कुलसचिव (अकादमिक) ने आभार प्रकट किया। कार्यक्रम का संचालन एकीकृत विज्ञान निष्णात की सुश्री सिव पवित्रा एवं ऋषभ महिंद्रा ने किया।

कार्यक्रम में हिन्दी की विभिन्न प्रतियोगताओं के विजेताओं के लिए क्रमशः प्रथम - रु. 1500/-, द्वितीय - रु. 1000/-, तृतीय - रु. 750/-, प्रोत्साहनपरक - रु. 500/- के पुरस्कार प्रदान किए गए। इस तरह के कुल 20 पुरस्कारों एवं प्रमाणपत्रों से विश्‍वविद्यालय प्रबंधन ने विजेताओं को सम्मानित किया। रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों से कार्यक्रम का समापन हुआ।

-

प्रस्तुति: आनंद पाटील

हिन्दी अधिकारी

तमिलनाडु केन्द्रीय विश्वविद्यालय

कलक्टरी उपभवन, तंजावुर रोड,

तिरुवारूर - 610 004 (तमिलनाडु)

चलवार्ता : +91 94860 37432

दूरभाष : +91 94890 54257

वेबसाइट : www.cutn.ac.in

_________________________

1 blogger-facebook:

रचनाओं पर आपकी बेबाक समीक्षा व अमूल्य टिप्पणियों के लिए आपका हार्दिक धन्यवाद.

स्पैम टिप्पणियों (वायरस डाउनलोडर युक्त कड़ियों वाले) की रोकथाम हेतु टिप्पणियों का मॉडरेशन लागू है. अतः आपकी टिप्पणियों को यहाँ प्रकट होने में कुछ समय लग सकता है.

----

1.5 लाख गूगल+ अनुसरणकर्ता, 1500 से अधिक सदस्य

/ 2,500 से अधिक नियमित ग्राहक
/ प्रतिमाह 10,00,000(दस लाख) से अधिक पाठक
/ 10,000 से अधिक हर विधा की साहित्यिक रचनाएँ प्रकाशित
/ आप भी अपनी रचनाओं को विशाल पाठक वर्ग का नया विस्तार दें, आज ही नाका से जुड़ें. नाका में प्रकाशनार्थ रचनाओं का स्वागत है.अपनी रचनाएँ rachanakar@gmail.com पर ईमेल करें. अधिक जानकारी के लिए यह लिंक देखें - http://www.rachanakar.org/2005/09/blog-post_28.html

विश्व की पहली, यूनिकोडित हिंदी की सर्वाधिक प्रसारित, समृद्ध व लोकप्रिय ई-पत्रिका - नाका

मनपसंद रचनाएँ खोजकर पढ़ें
गूगल प्ले स्टोर से रचनाकार ऐप्प https://play.google.com/store/apps/details?id=com.rachanakar.org इंस्टाल करें. image

--------