आलेख || कविता ||  कहानी ||  हास्य-व्यंग्य ||  लघुकथा || संस्मरण ||   बाल कथा || उपन्यास || 10,000+ उत्कृष्ट रचनाएँ. 1,000+ लेखक. प्रकाशनार्थ रचनाओं का  rachanakar@gmail.com पर स्वागत है

-------------------

विजेंद्र शर्मा की जसपाल भट्टी को समर्पित एक नज़्म......

image

जसपाल भट्टी को समर्पित एक नज़्म......

ज़रुरत

ज़मीं के बदतर हालात देख

कभी – कभी उपरवाला भी

हो जाता है ग़मज़दा..

उसे भी लगता है

कोई उसे हँसाए

कोई उसे गुदगुदाए

और हँसने की फ़िक्र में

वो झांकता है

आसमां से ज़मीं पर

उसकी तलाश ख़त्म हो जाती है

उस शख्स पे जाकर

जो मुसलसल कहकहे बाँट रहा है

बुझे हुए चेहरों को नुस्खे बता रहा है

खिलखिलाने के, ज़िंदगी जीने के

यकबयक ...

एक आवाज़ आती है

चलो , हमे तुम्हारी ज़रुरत है

बहुत ठहाके हो गए यहाँ

और फिर ..

बिना सोचे वो मसखरा

सबको हँसाते-हँसाते

रुलाकर चल देता है

उसको हँसाने

जिसके पास निज़ाम है

सबको रुलाने का ...

सबको हँसाने का ...

अब इस तसल्ली के सिवा

कोई चारा भी तो नहीं है

कि

उस मसखरे की ज़रूरत

हमे नहीं

आसमानों को ज़ियादा है .....

--

विजेंद्र शर्मा

Vijendra.vijen@gmail.com

टिप्पणियाँ

  1. वाह , बेहतरीन श्रधांजलि , एक बेहतर इंसान के लिए ......

    उत्तर देंहटाएं

एक टिप्पणी भेजें

रचनाओं पर आपकी बेबाक समीक्षा व अमूल्य टिप्पणियों के लिए आपका हार्दिक धन्यवाद.

स्पैम टिप्पणियों (वायरस डाउनलोडर युक्त कड़ियों वाले) की रोकथाम हेतु टिप्पणियों का मॉडरेशन लागू है. अतः आपकी टिप्पणियों को यहाँ प्रकट होने में कुछ समय लग सकता है.

----------

10,000+ रचनाएँ. संपूर्ण सूची देखें.

अधिक दिखाएं

ऑनलाइन हिन्दी वर्ग पहेली खेलें

---

तकनीक व हास्य -व्यंग्य का संगम – पढ़ें : छींटे और बौछारें

Google+ Followers

फ़ेसबुक में पसंद/अनुसरण करें

परिचय

1.5 लाख गूगल+ अनुसरणकर्ता, 1500 से अधिक सदस्य

/ 2,500 से अधिक नियमित ग्राहक
/ प्रतिमाह 10,00,000(दस लाख) से अधिक पाठक
/ 10,000 से अधिक हर विधा की साहित्यिक रचनाएँ प्रकाशित
/ आप भी अपनी रचनाओं को विशाल पाठक वर्ग का नया विस्तार दें, आज ही रचनाकार से जुड़ें.

विश्व की पहली, यूनिकोडित हिंदी की सर्वाधिक प्रसारित, लोकप्रिय ई-पत्रिका - नाका में प्रकाशनार्थ रचनाओं का स्वागत है. अपनी रचनाएं इस पते पर ईमेल करें :

rachanakar@gmail.com

अधिक जानकारी के लिए यह लिंक देखें - http://www.rachanakar.org/2005/09/blog-post_28.html

डाक का पता:

रचनाकार

रवि रतलामी

101, आदित्य एवेन्यू, भास्कर कॉलोनी, एयरपोर्ट रोड, भोपाल मप्र 462030 (भारत)

कॉपीराइट@लेखकाधीन. सर्वाधिकार सुरक्षित. बिना अनुमति किसी भी सामग्री का अन्यत्र किसी भी रूप में उपयोग व पुनर्प्रकाशन वर्जित है.

उद्धरण स्वरूप संक्षेप या शुरूआती पैरा देकर मूल रचनाकार में प्रकाशित रचना का साभार लिंक दिया जा सकता है.


इस साइट का उपयोग कर आप इस साइट की गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं.