शुक्रवार, 9 नवंबर 2012

कुबेर का व्यंग्य - आसुरी शक्‍तियों के निवारणार्थ

व्‍यंग्‍य

आसुरी शक्‍तियों के निवारणार्थ

अक्‍सर जैसे होता है, हमारे मुहल्‍ले वाले भी बड़े आस्‍तिक और धर्मपरायण हैं। वातावरण में व्‍याप्‍त आसुरी शक्‍तियों का नाश करने और नकारात्‍मक ऊर्जा की जगह सकारात्‍मक ऊर्जा भरने के लिये नित कोई न कोई धार्मिक आयोजन करते रहते हैं।

मुझे तो आज तक अपने अंदर की ही आसुरी शक्‍तियों को नष्‍ट करने में सफलता नहीं मिल पाई है, बाहर वालों से क्‍या खाक लड़ूँ। नकारात्‍मक ऊर्जा और सकारात्‍मक ऊर्जा में भी भेद करना भूल चुका हूँ। इस तरह के किसी कार्य में मैं रूचि नहीं लेता, लिहाजा उनके लिये मैं सर्वथा अस्‍पृश्‍य हो गया हूँ।

मुहल्‍ले वाले मेरे जैसे नहीं हैं। सारे, सकारात्‍मक ऊर्जा से लबालब भरे हुए हैं। उनके अंदर खालिश दैवीय शक्‍तियों का वास है। इनमें संस्‍था के अध्‍यक्ष अगरवाल जी भी शामिल हैं जिसकी नई नवेली बहू पिछले हफ्‍ते चाय बनाते-बनाते झुलस कर मर गई थी और पुलिस जिसकी जांच कर रही है। शर्मा जी भी शामिल हैं, जो रिश्‍वत लेने के आरोप में कई बार सस्‍पैंड हो चुके हैं।

अभी-अभी मुहल्‍ले में आसुरी शक्‍तियों के निवारणार्थ एक प्रोग्राम हुआ। आसुरी शक्‍तियों का काम तमाम करने और वातावरण में सकारात्‍मक ऊर्जा भरने में उत्‍तर वाले माहिर होते हैं; अतः उधर से ही बहुत बड़ा संत बुलाया गया था। सप्‍ताह भर की ध्‍वनि विस्‍तार से मैं अवसाद में जाते-जाते बचा। न चाहते हुए भी उनका प्रवचन सुनना पड़ा। वातावरण में सकारात्‍मक ऊर्जा बढ़ाने वाली उनकी बातों का लोगों ने जमकर रस लिया। मैंने भी खूब रस लिया। कुछ रस आपके लिये भी बचाकर लाया हूँ।

उनके अनुसार, 'कपि श्रेष्‍ठ हनुमान जी प्रभु राम के भक्‍तों में सबसे ऊँचे हैं।' इस वाक्‍य के प्रत्‍येक शब्‍द, प्रत्‍येक अक्षर की विशद्‌ व्‍याख्‍या करते हुए उन्‍होंने कहा- 'कपि'! क माने कष्‍ट, प माने पाप और इ माने इति; अर्थात मनुष्‍य के सारे कष्‍टों और पापों का नाश करने वाला।'

पंडाल बजरंगबली के जयकारी से गूंज उठा। मुझे लगा, पंडाल का वातावरण सकारात्‍मक ऊर्जा से भरने लगा है।

'भक्‍त' शब्‍द को अनावृत्‍त करते हुए उन्‍होंने कहा -' भ माने भागने वाला, क माने कमर कसकर और त माने पूरी ताकत से। अर्थात भगवान के कामों में कमर कसकर पूरी ताकत से भागने वाला।'

(मैं दावे के साथ कह सकता हूँ कि वहाँ एक भी भाषा वैज्ञानिक नहीं रहा होगा। होता तो जरूर उन्‍हें हार्ट अटैक आया होता।)

पंडाल एक बार फिर बजरंगबली के जयकारे और तालियों की आवाज से गूंज उठा। मुझे लगा, अब की बार तालियों की चोट से पंडाल के अंदर मौजूद सारी आसुरी शक्‍तियों का नाश हो गया होगा।

यह उदाहरण तो एक दिन की, एक प्रसंग मात्र का है। सात दिनों में ऐसे कई प्रसंग आए; अनगिनत जयकारी लगे, सैकड़ों बार तालियाँ बजी। मजाल है कि कोई आसुरी शक्‍ति बच पाई हो।

आज की बात है। बहु को जलाकर मारने के आरोप में अगरवाल जी सपरिवार पकड़ लिये गए हैं। शर्मा जी रिश्‍वत लेने के आरोप में फिर सस्‍पैंड हो गये हैं। नाती-पोते वाला साठ साल का एक आदमी जिन्‍होंने आसुरी शक्‍तियों का निवारण करने वाले कथा-प्रसंगों का सर्वाधिक रसपान किया था, एक नाबालिग की इज्‍जत लूटते मौके पर पकड़ा गया।

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कुबेर

व्‍याख्‍याता,

शास. उच्‍च. माध्‍य. शाला कन्‍हारपुरी, राजनांदगँव (छ.ग.)

मो. - 9407685557

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