शुक्रवार, 14 दिसंबर 2012

प्रतिभा शुक्ला की लघुकथा - जगह

जगह

प्रतिभा शुक्ला

DSCN1954 (Mobile)

ट्रेन आकर रुकी। मुझे लखनऊ जाना था। भीड़भाड़ देख आशंका  हुई कि जगह मिलेगी या नहीं। अक्सर  होता है कि  जिनकी सीट  होती है वह जगह नहीं देते। पतिदेव एक सीट  को देखते ही बोले, बैठ जाओ  यही पर। मैं खड़ा रहता हू। लेकिन उनके इतना बोलते ही सीट  पर बैठा परिवार सजग होकर और पाँव पसार दिया।  देखा पतिदेव थोड़े असहज हुए, लेकिन मैंने उनको समझाते हुए कहा, आप नाहक परेशान हो रहे हैं। कोई बात नहीं। मैं तो खड़े-खड़े भी जा सकती हूँ। लेकिन मेरे बैठने से इनको परेशानी हो जाएगी। इशारे से समझाया की धैर्य रखें।  मेरा संयम काम आया। तने पाँव सिकुड़ने लगे। औरतों में बहनापा जागा। एक बोली, आ जाइए। मैंने कृतज्ञता के साथ मुस्कुरा दिया।

पति कान से मुंह सटा बोले, यह चमत्कार कैसे हुआ?
शालीनता से।
वे हंस पड़े। तब तक एक और चमत्कार। सभी थोड़ा-थोड़ा और खिसक गए। करीब आठ इंच और जगह निकल आई। यह पति के लिए थी।
लखनऊ पहुंचते पहुंचते पूरी सीट मेरी थी। सीट के लोग मेरे अपने हो चुके थे

पुलिस अस्पताल के पीछे
तरकापुर रोड, मिर्ज़ापुर
उत्तर प्रदेश।

2 blogger-facebook:

  1. शालीनता ही एक दूसरे को जोड़ती है ...

    उत्तर देंहटाएं
  2. सहज , सरल शब्दों में एक सुन्दर लघुकथा ।बिल्कुल इसके कथ्य की तरह ।

    उत्तर देंहटाएं

रचनाओं पर आपकी बेबाक समीक्षा व अमूल्य टिप्पणियों के लिए आपका हार्दिक धन्यवाद.

स्पैम टिप्पणियों (वायरस डाउनलोडर युक्त कड़ियों वाले) की रोकथाम हेतु टिप्पणियों का मॉडरेशन लागू है. अतः आपकी टिप्पणियों को यहाँ प्रकट होने में कुछ समय लग सकता है.

----

1.5 लाख गूगल+ अनुसरणकर्ता, 1500 से अधिक सदस्य

/ 2,500 से अधिक नियमित ग्राहक
/ प्रतिमाह 10,00,000(दस लाख) से अधिक पाठक
/ 10,000 से अधिक हर विधा की साहित्यिक रचनाएँ प्रकाशित
/ आप भी अपनी रचनाओं को विशाल पाठक वर्ग का नया विस्तार दें, आज ही नाका से जुड़ें. नाका में प्रकाशनार्थ रचनाओं का स्वागत है.अपनी रचनाएँ rachanakar@gmail.com पर ईमेल करें. अधिक जानकारी के लिए यह लिंक देखें - http://www.rachanakar.org/2005/09/blog-post_28.html

विश्व की पहली, यूनिकोडित हिंदी की सर्वाधिक प्रसारित, समृद्ध व लोकप्रिय ई-पत्रिका - नाका

मनपसंद रचनाएँ खोजकर पढ़ें
गूगल प्ले स्टोर से रचनाकार ऐप्प https://play.google.com/store/apps/details?id=com.rachanakar.org इंस्टाल करें. image

--------