गुरुवार, 29 नवंबर 2012

गोवर्धन यादव की कहान - महुआ के वृक्ष

महुआ के वृक्ष ऊंचे-ऊंचे दरख्तों से उतरकर अंधियारा सड़कों-खेतों, खलिहानों में आकर पसरने लगा था। गांव के तीन चार आवारा लौंडे खटिया के दाएं-ब...

प्रेम मंगल की कविताएँ

समय समय प्रतीक्षा करता नहीं किसी की, घड़ियां सदा चलती रहती हैं उसकी, वर्षा ,धूप ,सर्दी, गर्मी सब रूक जाती, समय की गति कभी नहीं रूक ...

सुरेन्‍द्र कुमार पटेल की लघुकथा - होनी

होनी ‘बाबूजी ,कुछ रुपयों की मदद कर दो । बहू को सात माह का गर्भ है । कसाई पीलिया उसके प्राण लेना चाहता है ।' मंगल ने अपने रइर्स रिश्‍तेदा...

गोवर्धन यादव की लघुकथाएँ

साक्षात्कार. अपनी असफ़लता का स्वाद चख चुके बाकी के प्रतियोगियों ने उसे घेर लिया. ।   वे सभी इस सफ़लता का राज जानना चाहते थे. आत्मविशवास से भ...

मंगलवार, 27 नवंबर 2012

प्रमोद भार्गव का आलेख - सविता की मौत बनाम अंधविश्‍वासी आयरलैंड और चर्च से जुड़ा अंधविश्वास

संदर्भ ः- भारतीय दंतचिकित्‍सक सविता की मौत से जुड़ा आयरलैंड का मामला। चर्च से जुड़ा अंधविश्‍वास प्रमोद भार्गव आमतौर से पश्‍चिमी देश दुनि...

सोमवार, 26 नवंबर 2012

प्रेम मंगल की कविता - नारी

नारी प्रेरणादायिनी, सह्रदया, कोमलता की प्रतीक हो तुम तेजस्‍विनी, महिमामयी, कर्तव्‍यनिष्‍ठावान हो तुम, सर्वरुपिणी, विश्‍वेश्‍वरी, अखिलेश्‍व...

मोतीलाल की कविता - गर्भ से बाहर

मैं आंसू गिराती हूँ एक सीलन भरी खोली में और घुटती रहती हूँ ठेहुने के बीच सर रखकर । मैं मशीन बन जाती हूँ घर में रसोई की तरह आफिस में क...

दौलत राव वाढ़ेकर का आलेख - बाज़ार की चपेट में लोक-हास्य

बाज़ार की चपेट में लोक-हास्य डॉ. दौलत राव वाढ़ेकर लोक जीवन में हास्य और  व्यंग्य की सृष्टि का एक बड़ा आधार आपसी नोकझोंक और हाजिर जवाबी रही ह...

शिखर जैन का आलेख - रामविलास शर्मा : मूल्यांकन की कसौटी

डॉ.रामविलास शर्मा : मूल्यांकन की कसौटी शिखर जैन आचार्य रामचंद्र शुक्ल के बाद डॉ. रामविलास शर्मा ही एक ऐसे आलोचक के रूप में स्थापित होते हैं...

राकेश कुमार मालवीय की कविता - हिला दूंगा बुनियाद तुम्हारी!

हिला दूंगा बुनियाद तुम्हारी! सदियों से मैं मजदूर हूं चलाता रहा हूं चरखा कभी खोदता रहा हूं गडढा बनाता रहा हूं इमारत  बहाता रहा हूं पसीना सदिय...

श्याम गुप्त की विज्ञान कथा - भुज्यु-राज की रक्षा

कहानी –  भुज्यु-राज की सागर में डूबने से रक्षा ... ( अश्विनीकुमार बंधुओं का एक और सफल आपात-चिकित्सकीय अभियान )                             ...

कोणिक दोषी की कविता - आतंकवाद की सालगिरह

आती है आतंकवाद की सलगिरह, शहीदों की मृत्यु जयन्ती आती है - जब नवम्बर की छ्ब्बीसवीं तारीख आती है / त्राहिमाम की आवाज से गूंज उठ था भारतवर्...

रविवार, 25 नवंबर 2012

हरीन्द्र दवे का धारावाहिक उपन्यास : वसीयत - 8 वीं किश्त

1ली किश्त | 2री किश्त | 3री किश्त | 4थी किश्त | 5वीं किश्त | 6वीं किश्त | 7वीं किश्त वसीयत – ८ : उपन्यास: हरीन्द्र दवे – भाषांतर: हर...

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