सोमवार, 31 दिसंबर 2012

मंजरी शुक्ल की रम्य रचना - दर्प

दूर बर्फ के पेड़ों पर ढकी हुई बर्फ यूँ लग रही थी मानों आसमान से कहीं से महीन पतली चाँदी की चमकती हुई चादर बिछा दी हो और जिस पर चाँद की किरणे...

बच्चन पाठक 'सलिल' की कविता - नया वर्ष मंगलमय हो

नया वर्ष मंगलमय हो                -- डॉ बच्चन पाठक 'सलिल' परम पिता से यही प्रार्थना हमारी आज नया साल आया, आप सबका मंगल हो , परिजन,...

मनोज 'आजिज़' की नव वर्ष पर एक ग़ज़ल - इक साल फिर

नव वर्ष पर एक ग़ज़ल   इक साल फिर ... (ग़ज़ल)                    -- मनोज 'आजिज़' इक साल फिर बीत गया उम्र भी ढली  फिसल गए इतने दिन कर...

प्रेम मंगल की कविता - दिल्ली बलात्कार कांड

दिल्ली रेप काण्ड सुनकर ही लगता है जैसे शून्य हो गया हो ब्रम्हाण्ड, सोचा नहीं जाता कुछ सुना नहीं जाता मूकबधिर सा हो गया है सारा ब्रम्हाण्ड ...

क़ैस जौनपुरी की कविता - कोई दे जवाब

कविता (संदर्भ - दिल्ली में हालिया बलात्कार व हत्या कांड) क़ैस जौनपुरी कोई दे जवाब   फूल जैसी थी मैं किसी के लिए किसी के अरमानों का सबूत...

हिमकर श्याम की नववर्षाभिनंदन कविता - शुभ-मंगल सब मिलकर बोलो

शुभ-मंगल सब मिलकर बोलो -हिमकर श्याम व्यथित मन में मधु रस घोलो शुभ-मंगल सब मिलकर बोलो   झोली में लेके ख्वाब नया देखो आया है साल नया अरमान...

गोवर्धन यादव की कहानी - नए वर्ष से एक मुलाकात

अं तिम सप्ताह दिसंबर का चल रहा है। चार दिन की केजुअल बाकी है। यदि जेब में मनीराम होते तो मजा आ जाता। दोस्तों की ओर से भी तरह-तरह के प्रस्त...

मंजरी शुक्ल की कविता - तुम कब आओगे मेरे राम

उस राह पर आज तक निःशब्द असहाय और अकेली बैठी हुई पथ के कांटे चुन रही हूँ मैं जिस पर त्याग गए थे महर्षि गौतम सदिओं पहले अहिल्या को ... श्राप ...

देवेन्द्र पाठक 'महरूम' की ग़ज़ल - जाते 2012, आते 2013 ब्रितानी नववर्ष के नाम -

~ ~ ~ ~ ~ ~ देँ नव ब्रितानी वर्ष पर हम क्या बधाइयाँ ! गिरती ही जा रही हैँ नीचे ऊँचाइयाँ ॥   जाएँ कहाँ इधर खाई, उधर है कुआँ ; गुमराह हो गईँ...

रमा शंकर शुक्ल की कविताएँ

वक्त सुनामी रक्तबीज-से बढे दरिन्दे कैसे-कैसे रिश्तों के फंदे रिश्तों में भी कालनेमि है क्या करेंगे हनुमान परिंदे। कही पे भाई कही पिता हैं...

रविवार, 30 दिसंबर 2012

मोहसिना जीलानी की कहानी - फटी चादर

मोहसिना जीलानी फटी चादर वो सफ़ेद बुर्के में लिपटी हुई पाँच वर्षीय फज़लू का हाथ थामें तेज़ी से चल रही थी। फज़लू के पैर, फिलिप फ्‍लॉप चप्‍...

नजमा उस्‍मान की कहानी - बाद दुआ के मालूम हो

बाद दुआ के मालूम हो नजमा उस्‍मान इमरान की उंगलियाँ बड़ी तेज़ी से की बोर्ड पर चल रही थी और वो उसकी उंगिलयों के साथ स्‍क्रीन पर उभरते हुए शब...

बानो अशरद की कहानी - एक चैलेंज

बानो अरशद एक चैलेंज घर में सब बहनों से बड़ी होने के कारण मुझमें जिम्‍मेदारी की भावना भी बहुत थी। अम्‍मा को तो सदैव बीमार देखा, इसलिए घरे...

बानो अरशद की कहानी - नन्‍ही परी

बानो अरशद नन्‍ही परी हेड टीचर के कहने पर सरवत ने स्‍कूल के समस्‍त मुस्‍लिम बच्‍चों के लिए नमाज़ पढ़ने के स्‍थान की जिम्‍मेदारी स्‍वीकार ...

जितेन्‍द्र बिल्‍लू की कहानी बिछड़ती धूप

बिछड़ती धूप पल-पल गुज़रती ठंडी रात सुबह की ओर सफर कर रही है । सर्दी की तीव्रता इतनी ज़्यादा है कि खिड़की से हाथ निकालने पर हाथ शरीर से अलग हो...

क़ैसर तमकीन की कहानी - बुरा वक्त

बुरा वक्त अभी दिन पूरी तरह नहीं निकला था, फ़िर भी बादशाह जानी बिस्‍तर छोड़ कर उठा ख्‍ड़ा हुआ। उसने चेहरे पर उल्‍टा हाथ फेर कर देखा अगर दाढ...

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