मंगलवार, 29 जनवरी 2013

आशीष त्रिवेदी की लघुकथा - मुख्यधारा

मुख्यधारा सारा घर अस्त व्यस्त था। मिसेज बनर्जी सब  कुछ समेटने में जुटी थीं. आज उनके बेटे सुहास का जन्मदिन था। उसने और उसके मित्रों ने मिलक...

महावीर सरन जैन का आलेख - जयपुर में साहित्य महोत्सव के बहाने से रचनाकारों से सवाल

जयपुर में साहित्य महोत्सव के बहाने से रचनाकारों से सवाल: दिनांक 23 जनवरी, 2013 को राजस्थान के गुलाबी शहर जयपुर के डिग्गी पैलेस में राज्यपाल...

सोमवार, 28 जनवरी 2013

पुनीत बिसारिया का आलेख - दलित साहित्‍य : कितना दालित्‍य, कितना लालित्‍य!

दलित साहित्‍य : कितना दालित्‍य , कितना लालित्‍य! डॉ 0 पुनीत बिसारिया बीते कुछ सालों से हिन्‍दी जगत में दलित विमर्श एक बड़ी आहट के रूप में ...

कविता "किरण" का आलेख - औरतनामा

औरतनामा--- -डॉ. कविता "किरण"          मैं! हां! मैं! एक हादसे की तरह इस दुनिया में आई! जिंदगी को जिसे अनचाहे झेलना पडा। मेरा ...

मंजरी शुक्ल की कहानी - मीठे बोल

राजा चन्द्रसेन बहुत ही पराक्रमी और प्रतापी राजा था I वह अपनी प्रजा का बहुत ध्यान रखता था I  उनकी सहायता करने के लिए हमेशा तत्पर रहता था I प...

मनोज 'आजिज़' की ग़ज़ल

ग़ज़ल  कर दिया कुछ ने  ---------------------                   -- मनोज 'आजिज़' बागे-वतन को जहन्नम कर दिया कुछ ने  दिले-वतन में जखम कर द...

नीरा सिन्हा की कविता - अबला न रहे हम

अबला न रहे हम अबला न रहे हम ऐसी हो हमारी सशक्‍तीकरण हत्‍या न हो हमारी भ्रूण अवस्‍था में बदलाव ऐसी आए सामाजिक व्‍यवस्‍था में मॉ-बाप पालने म...

मीनाक्षी भालेराव की कविताएँ और ग़ज़लें

इतिहास में कतरा-कतरा खून बंद है आजादी के इतिहास में हमने इसे नहीं पाया खेल-खेल में ना जाने कितनी माँओं ने अपने लाल खोये हैं ! आंच...

रविवार, 27 जनवरी 2013

विजेंद्र शर्मा का आलेख - विवादों की जन्मस्थली ....जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल

विवादों की जन्मस्थली ....जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल पिछले दो-तीन सालों से राजस्थान की राजधानी जयपुर में जनवरी माह में होने वाले जयपुर साहित्य ...

नूतन डिमरी गैरोला की कहानी - एक तितली की मौत

एक तितली की मौत   "ग". व ह लाल, पीली, नारंगी, नीली, आड़ी, तिरछी रेखाओं वाली या गोल बूटी वाली साड़ी में बेतरतीबी से लिपटी सेब क...

सुधीर मौर्य की कविताएँ

6) ना सही प्यार, मेरी इबादत तो कबूल कर ले ************************************************ एक दरिया जो मेरी आँख से बहता है अभी उसके साहिल ...

भोलानाथ के 10 नवगीत

1 जिओ हजारों साल आदरणीय हमारे पूर्व प्रधान मंत्री श्री अटलबिहारी बाजपेयी जी को उनके जन्म दिन पर शुभ कामनाएं तुम जियो हजारों साल भारत माँ के...

शनिवार, 26 जनवरी 2013

दीप्ति शर्मा की कविताएँ

1.सुनसान रास्ते डर सा लगता है अकेले चलने में अँधियारे और तन्हा से उन सुनसान रस्तों पर । जहाँ कोई नहीं गुजरता बस एक एहसास है मेरा जो विचरत...

मधु शर्मा की पहली कविता

  मधु शर्मा की पहली कविता कल सुबह, ओस की नन्हीं-नन्हीं बूंदों को देखकर मन खुश हो गया, सोचा, धूप निकलने से पहले सहेज लूं इनको अपने हाथों ...

विजेंद्र शर्मा की समीक्षा - ख़ाकी में लिपटी संवेदनाएं हैं... “ वो तीन दिन ”

  ख़ाकी में लिपटी संवेदनाएं हैं... “ वो तीन दिन ” पिछले दिनों राजधानी की मसरूफ़ सड़कों पर हुआ हैवानियत का नंगा नाच फिर पूंछ में एलओसी पे पाक स...

गोविन्द बैरवा की कहानी - शुरा

शुरा (कहानी) - गोविन्‍द बैरवा ‘‘क्‍यों?,रे शुरा। आज मुँह लटकाए क्‍यों बैठा है।‘‘ सुदामा घर से बाहर निकलकर देखता है कि शुरा नाम का कुत्ता दोन...

आशीष कुमार त्रिवेदी की बाल कहानी - चमत्कारी फल

चमत्कारी फल  बबलू  एक साधारण लड़का था। उसमें आत्म विश्वास की कमी थी। वह कोई भी काम करने जाता तो उसे अधूरा ही छोड़ देता था। उसके स्कूल में स्...

एस. के. पाण्डेय की गणतंत्र दिवस विशेष बाल कविता - हमारा भारत

हमारा भारत  अपना भारत प्यारा भारत अपनी आँखों का तारा है । भारत में जो रहने वाले उन लोगों का नारा है । हम भारत के भारत मेरा भारत देश हमारा ...

डॉ॰गंगा प्रसाद शर्मा 'गुणशेखर' की कविता - जन गण मन का हर्ष आज गणतन्त्र दिवस पर छाया

जन गण मन का हर्ष  आज गणतन्त्र  दिवस पर छाया भूली -बिसरी यादें हमको फिर-फिर घेर रही हैं और हमारी त्याग तपस्या हमको फेर रही हैं बँधुआ बच्चों...

राजीव आनंद की कविता - इंडिया औ' भारत : गणतंत्र दिवस पर विशेष

इंडिया औ' भारत : गणतंत्र दिवस पर विशेष दस करोड़ के बंगले में कई इंडिया में रहते हैं ! आधी आबादी भारत की इंदिरा आवास को तरसते हैं ! इंडि...

गुरुवार, 24 जनवरी 2013

अर्जुन प्रसाद की कहानी - उद्धार

उद्धार श्याम सिंह भदौरिया रंगपुर में माध्यमिक स्कूल में हेडमास्टर थे। आंखों में शील और चित्त में बड़ी उदारता थी। बहुत ही शिक्षित और बड़े उदार...

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