सोमवार, 21 जनवरी 2013

एस. के. पाण्डेय की लघुकथा - हार्ट अटैक

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हार्ट अटैक

पत्नी ने फोन करके कहा कि घर पर कुछ मेहमान आ गए हैं। आज आप थोड़ा जल्दी आ जाइये तो ठीक रहेगा। जो-जो सामान लाने के लिए कहा था। लेते आइयेगा। रनजीत ड्यूटी से लौट रहा था। बस से उतरकर पत्नी को फोन किया कि बस दस मिनट में घर पहुँच जाऊँगा।

रनजीत ने सामान लिया और सड़क पार करने लगा। इधर भैया जी को कुछ ज्यादा जल्दी थी। उनकी तेज रफ्तार कार ने सड़क पार कर रहे रनजीत को टक्कर मार दिया। वह गिर गया। सिर में चोट आई। भैया जी ने कार के शीशे से सिर निकालकर कहा कि जिंदगी का कोई भरोसा नहीं है। बेचारे को सड़क पार करते हुए दौड़ा पड़ गया और आगे बढ़ गए। जो लोग आस-पास थे उसको उठाकर किनारे ले गए। शरीर में अभी भी हलचल थी। सबने कहा हार्ट अटैक हो गया है।

इधर पत्नी प्रतीक्षा कर रही थी कि अब तो २० मिनट होने वाले हैं। अब तीस मिनट हो गए।

और अब चालीस.....।

इतने में खबर आई कि रनजीत का सड़क पार करते हुए हार्ट अटैक हो गया है। पत्नी ने सुना लेकिन कुछ बोली नहीं। क्योंकि उसे भी हार्ट अटैक हो गया था।

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डॉ. एस. के. पाण्डेय,

समशापुर (उ.प्र.)।
ब्लॉग: श्रीराम प्रभु कृपा: मानो या न मानो

URL1: http://sites.google.com/site/skpvinyavali/

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2 blogger-facebook:

  1. डॉ. एस. के. पाण्डेय ji

    baut achhi rachna hi,
    logo ke chalaki ka swaroop prastut kiya hi

    umesh


    उत्तर देंहटाएं
  2. डॉ. एस. के. पाण्डेय ji

    bahut achhi lagi
    aaj ke chalak logo ka saral swabhav
    dikha diya

    umesh

    उत्तर देंहटाएं

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