रविवार, 10 फ़रवरी 2013

सन्तोष कुमार सिंह का हास्य व्यंग्य - अक्ल बड़ी या भैंस

सन्तोष कुमार सिंह
कवि एवं बाल साहित्यकार
मथुरा।

एक हास्य व्यंग्य
आश्चर्य चकित रहता है पूरा जहान।
कि ये भारत क्यों है इतना महान?
सब ढूँढ़ते रहते हैं इसका राज।
ये राज मैं बताता हूँ सबको आज।।

"अक्ल बड़ी या भैंस" इसका उत्तर,
विश्व का कोई भी लाल नहीं बता पाया है।
लेकिन भारत के लालों ने जो बड़ा है,
उसे सिद्ध करके भी दिखाया है।।
भारत के लालों ने कहा है,
कि भैंस नहीं, अक्ल बड़ी होती है।
और वह भैंस से भी ज्यादा दूध देती है।।
गाय -भैंस का भले ही मिट जाये बजूद।
लेकिन अक्ल पैदा करती रहेगी,
टनों-टनों सिंथेटिक दूध।।


पहले हमारे देश में इतनी गाय-भैंस रहती थीं।
कहते हैं कि दूध की नदियाँ बहती थीं।।
परन्तु ये बात विदेशी लोग नहीं मानते थे।
भारतीयों को ही झूठा और शेखीखोर जानते थै।।
लेकिन भारतीयों की अक्ल ने,सिद्ध करके दिखा दिया।
दूध की नदियाँ छोड़ो, महासागर बना के दिखा दिया।।
अपने मुँह से बजन तो उच्चार।
उतना ही दूध, घंटे भर में हो जायेगा तैयार।।


अब तो विदेशी इस बात को भी मान गये हैं,
कि सचमुच ही कोई क्षीर सागर होता था।
जिसमें लक्ष्मीपति विष्णु शेष-शैया पर सोता था।।


मित्रों, भैंस का दूध पीने वाले लोग,
सिंथेटिक दूध को भले ही हानिकारक मानें।
लेकिन कितना लाभकारी है,
स्वास्थ्य विभाग वालों से भी जानें।।
इस विभाग से कितने ही छापे पड़वा लो।
फैक्ट्रियों पर कितने ही ताले जड़वा लो।
दूध के कितने ही सेंम्पल भरवा लो।
खबर टी०वी० या अखबार में छपवा लो।
पर कोई इस दूध को नकली सिद्ध नहीं करवा पाता है।
रिपोर्ट कब आई? कैसी आई? कहाँ गई?
कोई माई का लाल पता ही नहीं लगा पाता है।।
क्यों कि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी,
सिंथेटिक दूध के क्षीर सागर में,
जैसे ही पैर धरते हैं।
सबसे पहले माँ लक्ष्मी के दर्शन करते हैं।।
जिस क्षीर में स्वयं लक्ष्मी विराजमान हों,
उस क्षीर को हानिकारक कैसे बतायें?
लक्ष्मी को रुष्ट करके कंगाल बन जायें?

मित्रो, जिस दिन स्वास्थ विभाग का सही बनेगा ईमान।
तभी बन पाएगा स्वस्थ, भारत का हर इंसान।।
॒॒॒॒॒॒॒॒॒॒॒॒॒॒॒॒॒॒॒॒॒॒॒॒॒॒॒॒॒॒॒॒॒॒॒
सन्तोष कुमार सिंह, मथुरा।

4 blogger-facebook:

  1. Bhut hi sunder rachana. Hope health department will take some massage from it.

    उत्तर देंहटाएं
  2. अक्ल बङी या भैंस
    🐃🐃🐃🐃🐃🐃🐃🐃🐃
    महामूर्ख दरबार में,
    लगा अनोखा केस
    फसा हुआ है मामला/ / , ...
    अक्ल बङी या भैंस
    🐃🐃🐃🐃🐃🐃🐃🐃🐃
    अक्ल बङी या भैंस,
    दलीलें बहुत सी आयीं
    महामूर्ख दरबार की
    अब,देखो सुनवाई
    🐃🐃🐃🐃🐃🐃🐃🐃🐃
    मंगल भवन अमंगल हारी-
    भैंस सदा ही अकल पे भारी
    भैंस मेरी जब चर आये चारा
    पाँच सेर हम दूध निकारा
    🐃🐃🐃🐃🐃🐃🐃🐃🐃
    कोई अकल ना यह कर पावे
    चारा खा कर दूध बनावे
    🐃🐃🐃🐃🐃🐃🐃🐃🐃
    अक्ल घास जब चरने जाये
    हार जाय नर अति दुख पाये
    🐃🐃🐃🐃🐃🐃🐃🐃🐃
    भैंस का चारा
    लालू खायो
    निज घरवारि
    सी.एम. बनवायो
    🐃🐃🐃🐃🐃🐃🐃🐃🐃
    तुमहू भैंस का चारा खाओ
    बीवी को सी.एम. बनवाओ
    🐃🐃🐃🐃🐃🐃🐃🐃🐃
    मोटी अकल मन्दमति होई
    मोटी भैंस दूध अति होई
    🐃🐃🐃🐃🐃🐃🐃🐃🐃
    अकल इश्क़ कर कर के रोये
    भैंस का कोई बाँयफ्रेन्ड ना होये
    🐃🐃🐃🐃🐃🐃🐃🐃🐃
    अकल तो ले मोबाइल घूमे
    एस.एम.एस. पा पा के झूमे
    🐃🐃🐃🐃🐃🐃🐃🐃🐃
    भैंस मेरी डायरेक्ट पुकारे
    कबहूँ मिस्ड काल ना मारे
    🐃🐃🐃🐃🐃🐃🐃🐃🐃
    भैंस कभी सिगरेट ना पीती
    भैंस बिना दारू के जीती
    🐃🐃🐃🐃🐃🐃🐃🐃🐃
    भैंस कभी ना पान चबाये
    ना ही इसको ड्रग्स सुहाये
    🐃🐃🐃🐃🐃🐃🐃🐃🐃
    शक्तिशालिनी शाकाहारी
    भैंस हमारी कितनी प्यारी
    🐃🐃🐃🐃🐃🐃🐃🐃🐃
    अकलमन्द को कोई ना जाने
    भैंस को सारा जग पहचाने
    🐃🐃🐃🐃🐃🐃🐃🐃🐃
    जाकी अकल मे गोबर होये
    सो इन्सान पटक सर रोये
    🐃🐃🐃🐃🐃🐃🐃🐃🐃
    मंगल भवन अमंगल हारी
    भैंस का गोबर अकल पे भारी
    🐃🐃🐃🐃🐃🐃🐃🐃🐃
    भैंस मरे तो बनते जूते
    अकल मरे तो पङते जूते
    😜😊😊😊😊😊😁

    अब बोलो अक्ल बड़ी या भैंस।। ??

    उत्तर देंहटाएं

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