बुधवार, 13 फ़रवरी 2013

राजीव आनंद की कविताएँ

फ्लैश मॉब

फ्लैश मॉब एक नयी परिपाटी है

देश के सरकार की होश उड़ाती है

लोकतंत्र के नये शब्‍दकोश में शुमार

मध्‍यवर्ग का है ये जनसांख्‍यिकीय उभार

दर्शा रहा है सर्वसम्‍मति बिना कोई एकरार

लोकतांत्रिक बदलाव की करता राह तैयार

नहीं सहेगी मूक औ' बधिर की सरकार

क्रांति आने को है रूपरेखा है तैयार

न कोई नेतृत्‍व है औ' न है कोई पेशकार

फिर भी उठाने को है अन्‍य मूद्‌दे तैयार

फ्लैश मॉब एक नयी परिपाटी है

दिखा रही सरकार को गणतांत्रिक लाठी है।

फ्रांस औ' रूस की क्रांति का इतिहास यही है

रूसो औ' बाल्‍टेयर का हर्फ-हर्फ लिखा सही है

अगर क्रांति की आगाज को रोकना यहीं है

तो सरकार को क्रियाशील होने की घड़ी है

फ्लैश मॉब एक नयी परिपाटी है

देश के सरकार की होश उड़ाती है

लाठी मार कर भीड़ कब तक हटाओगे

कोई मर गया तो लोकतंत्र की लाज कैसे बचाओगे

बेहतर है इतिहास के पन्‍ने पलट कर सीख ले लो

नहीं तो वो दिन दूर नहीं जब फकत पछताओगे ।

फ्लैश मॉब एक नयी परिपाटी है

दिखा रही सरकार को गणतांत्रिक लाठी है

 

विडम्‍बना-1

भारत की जनता

भूख से ग्रसित है

सरकार लंबे-चौड़े

आंकड़ों में फंसी है।

 

विडम्‍बना-2

पढ़े-लिखे युवा रोजगार के लिए

दर-दर की ठोकरें खाते हैं

चंद तिकड़मबाज लोग

पलभर में अरबपति बन जाते हैं।

 

विडम्‍बना-3

सरकार कुछ ऐसा कर रही है विकास

उड़ाती रही है गरीबों का परिहास

फूटपाथों पर है गरीबों का आवास

पंचवर्षीय योजनाओं का है ये कैसा विकास ?

 

विडम्‍बना-4

होटल के बासी खाने को

झूग्‍गी के बच्‍चों ने उठा लाया

कई दिनों बाद भरपेट खाना खाकर

संक्रमण से अपनी जान गंवा डाला

 

विडम्‍बना-5

इलाज के लिए लोग दूर-दराज से आते हैं

ठिठुरती ठंड़ में कई रातें फूटपाथों पर बिताते हैं

नंबर तो खैर कई दिनों तक नहीं आते हैं

मरीज इलाज के इंतजार में दम तोड़ जाते हैं।

 

विडम्‍बना-6

सर्व शिक्षा अभियान

बच्‍चे कर रहे श्रमदान

वन अधिकार कानून

आदिवासी मार रहे जेल में झाडू

--

 

राजीव आनंद

प्रोफेसर कॉलोनी, न्‍यू बरगंड़ा

गिरिडीह, झारखंड़ 815301

मो. 9471765417

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