मंगलवार, 12 फ़रवरी 2013

महावीर सरन जैन का आलेख - हिन्दी में वैज्ञानिक लेखन एवं प्रौद्योगिकी के विकास के लिए करणीयः विचारार्थ कुछ विचार

हिन्दी में वैज्ञानिक लेखन एवं प्रौद्योगिकी के विकास के लिए करणीयः विचारार्थ कुछ विचार

विद्वानों को वैज्ञानिक लेखन की विषय-वस्तु और उसके प्रस्तुतीकरण, सरलीकरण, मानकीकरण, शैलीकरण आदि पर विचार-विमर्श करना चाहिए। इस सम्बंध में एक स्पष्ट नीति एवं योजना बनाने की आवश्यकता है। भाषा के मानकीकरण की अपेक्षा भाषा के आधुनिकीकरण पर अधिक बल देने की आवश्यकता है।

वैज्ञानिक एवं प्रौद्योगिकी के विभिन्न विषयों के ग्रन्थों के हिन्दी अनुवाद की चर्चा होती है। मैं यह स्पष्ट रूप से कहना चाहता हूँ कि वैज्ञानिक एवं प्रौद्योगिकी के विभिन्न विषयों के ग्रन्थों का हिन्दी अनुवाद करते समय भाषा जटिल, बोझिल एवं दुरूह हो जाती है। अनुवादित ग्रन्थ को पढ़ते समय उसे समझने के लिए यदि मूल ग्रन्थ को पढ़ने की आवश्यकता का अनुभव हो तो ऐसे अनुवाद की क्या सार्थकता ?

इसकी अपेक्षा वैज्ञानिक एवं प्रौद्योगिकी के विभिन्न विषयों के विशेषज्ञ विद्वानों के हिन्दी में व्याख्यानों की योजना बनाई जानी चाहिए। विद्वानों को अंग्रेजी के तकनीकी शब्दों के प्रयोग की छूट मिलनी चाहिए। इन व्याख्यानों को टेपांकित किया जाना चाहिए। इस सामग्री को आधार बनाकर ग्रन्थों के निर्माण की योजना बनाई जानी चाहिए। इसके लिए भारत सरकार के मानव संसाधन विकास मंत्रालय एवं विज्ञान एवं अभियांत्रिकी अनुसंधान परिषद् को मिलकर कार्यक्रम का मार्ग प्रशस्त करने की पहल करनी चाहिए।

विश्वविद्यालयों, आई0आई0टी0 संस्थानों, राष्ट्रीय प्रयोगशालाओं तथा उद्योगों के हिन्दी जानने वाले विख्यात वैज्ञानिकों एवं तकनीकी विशेषज्ञों की श्रम-शक्ति एवं निष्ठा के समन्वयन से यह कार्य अपेक्षाकृत कम धनराशि के नियोजन तथा कम समय में सम्पन्न हो सकता है।

इसी पद्धति, विधि एवं प्रक्रिया से भिन्न-भिन्न विषयों के विश्व कोष निर्मित हो सकते हैं तथा इन्टरनेट पर अग्रेज़ी विकिपीडिया के स्तर का ओपन सोर्स विश्व कोश निर्मित हो सकता है। यहाँ मैं अपना व्यक्तिगत अनुभव भी स्पष्ट कर देना चाहता हूँ। कहने को विकिपीडिया वाले हिन्दी विकिपीडिया बनाने का विश्वास दिला रहें हैं मगर यह छलना है। भारतीय मनीषा को अपनी भारतीय भाषाओं के लिए ओपन सोर्स विश्वकोष बनाने के लिए स्वयं पहल करनी होगी। किसी भ्रम अथवा छलना का शिकार होने से बचना होगा।

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प्रोफेसर महावीर सरन जैन, सेवा निवृत्त निदेशक, केन्द्रीय हिन्दी संस्थान

Professor Mahavir Saran Jain                                 
( Retired Director, Central Institute Of Hindi )
Address:
India:  Address:   Sushila Kunj, 123, Hari Enclave, Chandpur Road, Buland Shahr-203001, India.         
                       Mobile: 09456440756
USA :  Address: 855 De Anza Court, Milpitas CA 95035
Email:     mahavirsaranjain@gmail.com

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