बुधवार, 27 मार्च 2013

रंग बरसे : मनोज 'आजिज़' की होलियाना ग़ज़ल - होली में

होली में ...
           -- मनोज 'आजिज़'
दिलों का गुलशन महक उठे होली में
जज़्बों की चिड़िया चहक उठे होली में


उड़ न जाये अरमान सारे गुलाल जैसा
अरमानों  की लौ दहक उठे होली में


मिट जाये दूरी  रह जाये यारी सबकी
प्यार बाँटने की बात ललक उठे होली में


गुलों की बहार है धरती पर जिधर देखो
क़दम रंगों से बहक उठे होली में


हर ग़म सबका मिट जाये फिर न आये
ख़ुशी का प्याला छलक उठे होली में


                   -- मनोज 'आजिज़'
                     बहु भाषीय युवा साहित्यकार, अध्यापक
                      जमशेदपुर
                     09973680146

4 blogger-facebook:

  1. अच्छी प्रस्तुति...होली की हार्दिक शुभकामनाएं...

    उत्तर देंहटाएं
  2. बहुत सुन्दर!
    आपको होली की शुभकामनाएं!
    http://voice-brijesh.blogspot.com

    उत्तर देंहटाएं
  3. Dhanyavad Mahendra ji / Brijesh ji
    Manoj 'Aajiz'

    उत्तर देंहटाएं
  4. Mahendraji/ Brijesh ji dhanyavad!
    Manoj 'Aajiz'

    उत्तर देंहटाएं

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