मंगलवार, 26 मार्च 2013

रंग बरसे : रामदीन के हास्य-व्यंग्य दोहे - पाठशाला

अर्धसत्‍य

पाठशाला

ब्‍लैक बोर्ड को छोड़,किचन में आँख गड़ाई टीचर ने,

बिना कटोरा बच्‍चा आया धर के डाटा टीचर ने।

 

बच्‍चा बोला घर में कापी, हॅस कर टाला टीचर ने,

फूंका चूल्‍हा लेकर फुंकनी धुआँ उड़ाया टीचर ने।

 

हुई पढ़ाई अब सौतेली, सगी है दलिया शाला में,

कब तक कैसा मिले नाश्‍ता बच्‍चे ताकें शाला में।

 

करे मुआइना अधिकारी भी पहले जाकर चौके में,

खा, पीकर कब भागें घर को बच्‍चे रहते मौके में।

 

कितना आज पढ़ा है, तुमने कोई न पूछे बच्‍चों से,

क्‍या खाया और कैसा खाया पूछ रहे सब बच्‍चों से,

 

करे शिकायत सभी विरोधी जॉच करायें घपलों की,

कच्‍चा पक्‍का किसने खाया, हुई जाँच फिर घपलों की।

 

छोटे छोटे प्‍यारे बच्‍चे होते दिल के सच्‍चे,

सुबह कटोरे के चक्‍कर में रह ना जायें छुच्‍छे।

 

गिनती पहाड़ा पढ़ लो बच्‍चों ज्ञान बटोरो शाला में,

वरना आगे पछताओगे, चूक गये यदि शाला में

image

-रामदीन,

जे-431, इन्‍द्रलोक कालोनी,

कृष्‍णानगर, लखनऊ-23

मो0नं0-9412530473

1 blogger-facebook:

  1. बेनामी6:21 pm

    बहुत अच्छी कविता है - अजय कुमार सोनकर,वरिष्ट वित्त अधिकारी

    उत्तर देंहटाएं

रचनाओं पर आपकी बेबाक समीक्षा व अमूल्य टिप्पणियों के लिए आपका हार्दिक धन्यवाद.

स्पैम टिप्पणियों (वायरस डाउनलोडर युक्त कड़ियों वाले) की रोकथाम हेतु टिप्पणियों का मॉडरेशन लागू है. अतः आपकी टिप्पणियों को यहाँ प्रकट होने में कुछ समय लग सकता है.

----

1.5 लाख गूगल+ अनुसरणकर्ता, 1500 से अधिक सदस्य

/ 2,500 से अधिक नियमित ग्राहक
/ प्रतिमाह 10,00,000(दस लाख) से अधिक पाठक
/ 10,000 से अधिक हर विधा की साहित्यिक रचनाएँ प्रकाशित
/ आप भी अपनी रचनाओं को विशाल पाठक वर्ग का नया विस्तार दें, आज ही नाका से जुड़ें. नाका में प्रकाशनार्थ रचनाओं का स्वागत है.अपनी रचनाएँ rachanakar@gmail.com पर ईमेल करें. अधिक जानकारी के लिए यह लिंक देखें - http://www.rachanakar.org/2005/09/blog-post_28.html

विश्व की पहली, यूनिकोडित हिंदी की सर्वाधिक प्रसारित, समृद्ध व लोकप्रिय ई-पत्रिका - नाका

मनपसंद रचनाएँ खोजकर पढ़ें
गूगल प्ले स्टोर से रचनाकार ऐप्प https://play.google.com/store/apps/details?id=com.rachanakar.org इंस्टाल करें. image

--------