सोमवार, 15 अप्रैल 2013

जवाहर चौधरी का व्यंग्य - धैर्य का महुवा मीठा होता है

व्यंग्य

धैर्य का महुवा मीठा होता है

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ऽ    जवाहर चौधरी

भाइयो और बहनो, मैं आज सरकार की ओर से शराब की इस दुकान के सामने आपका हार्दिक स्वागत करता हूं। कुछ लोग अफवाह फैला रहे हैं कि यहां की पी हुई घर जाते जाते उतर जाएगी ! लेकिन ऐसा नहीं है, ....... माल बहुत बढ़िया है। क्वालिटी इतनी अच्छी है ..... कि मधुप्रेमी घर से पहले गटर में जाता है ....... और सुख की अनुपम अनूभूति से नरक की अवधारणा को मिथ्या साबित करता है। मित्रों, ..... विकास का हमारा अपना पैमाना है कि जनता का सामाजिक-सांस्कृतिक उत्थान हो।

आप जानते हैं कि ये दिव्य पेय है, ...... स्वर्ग में सुरा की नदियां बहती हैं ....... इसीलिए हर छोटा-बड़ा आदमी स्वर्गवासी ही होना चाहता है। ....... हम चाहते हैं कि मेहनत करने वाला आदमी स्वर्ग का आनंद ले, ....... प्रदेश स्वर्ग के समान हो। जो एक बार यहां आ जाए वो चाहे नाली में पड़ा रहे पर उसका गुजरात जाने का मन कतई ना हो। आपको पता है कि स्वर्ग में अप्सराएं भी होती हैं ........ जो नाचते-गाते पिलाती रहती हैं। आधी जनता को अप्सरा बनने का यह अवसर सरकार उपलब्ध कराना चाहती है, पर आप देख रहे हैं किस तरह राजनीति हो रही है। कुछ गुमराह और नादान भाई मधुशाला के पथ को भ्रष्ट कर रहे हैं ........ और उन्हें दूध पीने के लिए उकसा रहे हैं, यह अच्छी बात नहीं है। ...... इससे तो दूध के साथ सोड़ा और चखना भी बरबाद हो जाएगा।  यह एक बड़ा षड़यंत्र है बच्चों के आधा कप दूध को और कम कर देने का! प्रदेश में बच्चों की सेहत वैसे ही बहुत खराब है और बाल मृत्युदर बालहठ करते हुए उपर से नीचे नहीं आ रही है।


कल उनकी सरकार थी, ..... और आगे भी हम उन्हें मौका देंगे, ...... तब उन्हें दिक्कत पेश आएगी। बिना पिलाए आम जनता को हिलगाए नहीं रखा जा सकता है। ...... होश में रहने की आदत पड़ गई तो अपना हक मांगेगे। ....... सरकार के किये और धरे पर नजर डालेंगे। ...... तो फिर क्या फायदा ऐसी राजनीति करने का ....... सूखी सेवा के लिए इतनी मगजमारी ! ...... इससे तो अच्छा होगा कि चपरासी हो जाएं किसी बैंक में।  ..... शान से इनकम टेक्स तो देंगे, ..... और हाथ भी जोड़ना पड़ेंगे किसी के। ......... ये भी कहा जा रहा है कि पीने के बाद पति अपनी पत्नी को पीटता है।

आज हमें बताना पड़ेगा कि शराब में परिवार नियोजन का एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम छुपा हुआ है। ....... प्रदेश की जनसंख्या पर कड़ी नजर रखना ....... और लोकप्रिय उपायों से उसे नियंत्रित रखना सरकार की जिम्मेदारी है। ....... पति-पत्नी की मारपीट प्रदेश आराम से बरदाश्त कर लेगा, ...... लेकिन उनका आपसी प्रेम बहुत मंहगा पड़ता है। ....... हमने शराब की कई दुकाने स्कूल-कालेज के पास खोली हैं तो ........ इस मनोविज्ञान को समझने की जरूरत है। बच्चे देश का भविष्य हैं और भविष्य उन्हें दिखना भी चाहिए। ...... कल अगर सब लोग नौकरियां ही मांगेगे तो सरकार किसको देगी, कैसे देगी!! ..... भाइयो, जो लोकतंत्र अद्दी-पउवे से जिन्दा है, ...... वहां शराब की दुकाने बंद कर देना कितना अनैतिक होगा आप समझ सकते हैं। ......आखिर व्यवस्था पीने वालों के प्रति भी उत्तरदायी हैं। उनके पैसों से सरकारी खजाना भरता है। और हम आप जानते ही हैं कि ''पैसा खुदा तो नहीं, पर खुदा कसम खुदा से कम भी नहीं'' है। ...... पीने वाले खुशी खुशी अपना कीमती पैसा सरकार को देते हैं। ...... ये देशप्रेमी बेवड़े नहीं भमाशाह हैं हमारे । इनके पैसों से विकास होता है प्रदेश का, ...... इन विकास-पुरुषों को जल्द ही सरकार पद्मश्री की तर्ज पर मद्यश्री सम्मान प्रदान करेगी।


कुछ मोहल्ले वाले माता-बहनों को आगे करके दुकान बंद करने के लिए प्रदर्शन वगैरह करवा रहे हैं। ..... उन्हें सरकार आश्वस्त करना चाहती है कि ..... अगला चुनाव जीतने के बाद दुकान सिस्टम पूरी तरह से खत्म कर दिया जाएगा, ...... और लोगों के घरों में शराब के नल कनेक्शन देने की व्यवस्था की जाएगी। ...... अभी जो कटिबद्ध नागरिक बोतल से पीते हैं, ..... वे चाहेंगे तो बाल्टी से पी सकेंगे। ....... विकास इसको कहते हैं। ..... लेकिन जनता को थोड़ा धैर्य रखना पड़ेगा, ..... सरकार को भारी बहुमत से जिताना पड़ेगा। ..... वो कहावत है ना, धैर्य का महुवा मीठा होता है।
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परिचय

जवाहर चौधरी

  • जन्‍म ․․․․․․․․․․ 11 फरवरी 1952 / इन्‍दौर - म․प्र․
  • शिक्षा ․․․․․․․․․ एम․ए․, पी-एच․डी․, ; समाजशास्‍त्र द्ध
  • लेखन ․․․․․․․․ मुख्‍य रूप से व्‍यंग्‍य लेखन, कहानियां व लेख ।
  • प्रकाशन ․․․․ प्रायः सभी हिन्‍दी पत्र-पत्रिकाओं में लेख व रचनाओं

का सतत्‌ प्रकाशन , रेडियो-दूरदर्शन पर पाठ ।

  • पुस्‍तकें

सात व्‍यंग्‍य संग्रह , एक उपन्‍यास , एक कहानी संग्रह, एक लघुकथा संग्रह, एक नाटक ।

§ पुरस्‍कार

  1. म․प्र․ साहित्‍य परिषद्‌ का पहला ‘‘शरद जोशी पुरस्‍कार'' ‘कृति सूखे का मंगलगान' के लिये - 1993
  2. कादम्‍बिनी द्वारा आयोजित अखिल भारतीय प्रतियोगिता में व्‍यंग्‍य रचना ‘उच्‍चशिक्षा का अंडरवर्ल्‍ड ' को द्वितीय पुरस्‍कार - 1992

3․ सहस्‍त्राब्‍दी विश्‍व हिन्‍दी सम्‍मेलन, दिल्‍ली - 2000 में

‘‘ राष्‍ट्र्‌ीय हिन्‍दी सेवी सहस्‍त्राब्‍दी सम्‍मान ''

4․ माणिक वर्मा व्‍यंग्‍य सम्‍मान - 2011, म․प्र․ लेखक संघ भोपाल

5․ अभिनव शब्‍दशिल्‍पी सम्‍मान - 2012, अभिनव कला परिषद्‌, भोपाल

  • संपर्क - 16 कौशल्‍यापुरी , चितावद रोड़, इन्‍दौर - 452001

§ फोन - 098263 61533 , 0731-2401670

§ ब्लॉग - jawaharchoudhary.blogspot.com

§ ईमेल  -  jc.indore@gmail.com

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