शुक्रवार, 26 अप्रैल 2013

ईबुक - सुधा गुप्ता के पर्यावरण हाइकु

khoi hari tekari

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3 blogger-facebook:

  1. रचनाकार के माध्यम से आप यह बहुत बड़ा ऐतिहासिक कार्य कर रहे हैं। आपका यह अध्यवसाय सराहनीय है ।
    रामेश्वर काम्बोज 'हिमांशु'

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  2. ye aapne bahut achchha kiya hai,puri hi book eak saans men padh dali sudha ji or aapo meri hardik badhai..

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  3. पूरी किताब पढ़ गई. पर्यावरण से सम्बंधित हर पक्ष पर सुधा जी की बहुत गहरी नज़र है. चाहे वो ग्लोबलाईजेशन की बात हो या जीव जंतु, हवा, ध्वनि, वातावरण आदि आदि. सभी हाइकु बहुत भावपूर्ण. सुधा जी को पढना सदैव बहुत सुखद लगता है. हार्दिक बधाई और शुभकामनाएँ!

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