बुधवार, 31 जुलाई 2013

कथा सम्राट मुंशी प्रेमचंद की जयंती पर उनकी दो लघुकथाएं

कथा सम्राट मुंशी प्रेमचंद की जयंती पर उनकी दो लघुकथाएं (31 जुलाई-1880 ) (प्रस्तुति : गोवर्धन यादव) राष्ट्र का सेवक राष्ट्र के सेवक ने कहा...

सोमवार, 29 जुलाई 2013

सीताराम पटेल की रचना - पचास धन

  पचास धन 1:- मुस्‍कान तेरी दिल में उतर गई सद्‌यःस्‍नात अभिनेत्री सुनयना मुस्‍कुराई 2:- मीनाबाजार प्रणय में मंहगाई आवाज खड़खड़ाई ...

रविवार, 28 जुलाई 2013

नूतन प्रसाद का व्यंग्य - एक और हरिश्चंद्र

य श और धन पाने की लालसा किसे नहीं रहती,पर मिले तो कैसे!आप ईमानदार हैं. सत्यपथ के राही हैं. बदनाम होंगे ही. कंगाल रहेंगे लेकिन चार सौ बीसी क...

नूतन प्रसाद का व्यंग्य - निर्बल के बलराम

श्रो ताओं, मै तुम्हें एक कहानी सुनाऊंगा. तुम्हारी इच्छा सुनने की नहीं तो भी तुम्हारे कान में जबरदस्ती उड़ेल दूंगा. जबरदस्ती का जमाना है. जब ...

नूतन प्रसाद का व्यंग्य - बेचारे नारद!

ना रद जी वैष्णव तंत्र लिख चुके तो उसे प्रकाशित कराने की समस्या आयी. उन्होंने प्रकाशकों के नाम विनम्र शब्दों में कई रजिस्टर्ड पत्र लिखे लेकि...

नूतन प्रसाद शर्मा का व्यंग्य - गांव के भगवान

  दुनिया में भाई भतीजावाद की बीमारी को नष्ट करने की कोशिश की जा रही है मगर मैं ऐसा हूं कि पारिवारिक संबंध को सुदृढ़ बनाने पर तुला हुआ हूं. ...

राजीव आनंद का आलेख - मुंशी प्रेमचंद की प्रासंगिकता 29 जुलाई जन्‍म दिवस पर विशेष

मुंशी प्रेमचंद की प्रासंगिकता 29 जुलाई जन्‍म दिवस पर विशेष 29 जुलाई 1880 को बनारस के निकट लमही ग्राम में अजायब राय के घर जन्‍में धनपत राय आठ...

श्याम गुप्त का आलेख - बात ग़ज़ल की----अंदाज़े बयां श्याम का....

बात ग़ज़ल की----अंदाज़े बयां श्याम का.... गज़ल दर्दे-दिल की बात बयाँ करने का सबसे माकूल व खुशनुमां अंदाज़ है। इसका शिल्प भी अनूठा है। नज़्म व र...

प्रमोद यादव का व्यंग्य - डॉगी टेस्ट

डागी-टेस्ट / प्रमोद यादव पहले के जमाने में दूसरी-तीसरी कक्षा का विद्यार्थी जब स्कूल से घर लौटता तो माँ पूछती-‘ बेटा, आज स्कूल में क्या पढ़ा...

महावीर सरन जैन का आलेख - स्वाधीनता संग्राम के युग में दक्षिण-भारत में हिन्दी का प्रचार-प्रसार

स्वाधीनता संग्राम के युग में दक्षिण-भारत में हिन्दी का प्रचार-प्रसार प्रोफेसर महावीर सरन जैन भारत की भाषाओं के अध्ययन के लिए नए प्रतिमानो...

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