राजीव आनंद की लघुकथा - डिजिटल युग का प्रेम

 

सोनू और निम्‍मी साथ-साथ ही बचपन से जवानी के दहलीज पर कदम रखा. दोनों को पता भी नहीं चला कि कब उन दोनों की बचपन की दोस्‍ती प्रेम में बदल गयी. दोनों ने साथ रहने की कसमें खाते रहे और समय बीतता गया. सोनू जब उच्‍च शिक्षा के लिए दिल्‍ली चला गया तब भी दोनों में बातचीत होती रहती थी. दोनों एक दूसरे से बिना बातचीत किए रह नहीं सकते थे.

समय बीतता गया, सोनू को रेलवे में नौकरी मिल गयी. आनंद गुजरात में सोनू नौकरी करने चला गया. निम्‍मी की भी एमए की शिक्षा पूरी हो चुकी थी. नौकरी करने की इच्‍छुक निम्‍मी यूजीसी की परीक्षाओं में व्‍यस्‍त थी.

सोनू और निम्‍मी अलग-अलग रह कर भी प्रेम के धागे से बंधे थे. दोनों का प्रेम बढ़ता ही जा रहा था. कहते है दूर रहने से प्रेम बढ़ता है सो दोनों का प्रेम बढ़ता गया. सोनू की नौकरी हो चुकी थी इसलिए उसके माता-पिता सोनू के ब्‍याह के लिए लड़की देख रहे थे. सोनू को जब पता चला कि उसकी शादी ठीक की जा रही है तो उसने अपनी माँ को फोन कर कहा कि वो ब्‍याह सिर्फ निम्‍मी से ही करेगा. सोनू के पिता को जब सोनू के निर्णय के संबंध में पता चला तो वे स्‍तब्‍ध रह गये. उन्‍होंने जिस लड़की से सोनू के ब्‍याह की बात कर रहे थे वहां से अच्‍छा खासा रूप्‍या मिलने की संभावना थी इसलिए सोनू के पिता सोनू को दो-चार दिनों के लिए घर बुलाया. सोनू अपने पिता के बुलावे पर घर आ गया.

सोनू के पिता सोनू को समझाने लगे कि ‘बी प्रेक्‍टिल' सोनू, देखो तुम्‍हें पढ़ा-लिखा कर नौकरी तक पहुंचाने में मुझे कितना खर्च हुआ इसका तुम अंदाजा नहीं लगा सकते. जहां मैं तुम्‍हारी शादी ठीक कर रहा हॅूं वहां से जो रूपया मिलेगा उससे तुम पर किए गए अब तक के खर्च की भारपाई पूरी तो नहीं पर कुछ हद तक तो हो जाएगी इसलिए प्‍यार-व्‍यार का चक्‍कर छोड़ो और जहां मैं शादी ठीक कर रहा हॅूं शादी कर लो.

सोनू नौकरी करने के बाद कुछ ज्‍यादा व्‍यावहारिक हो गया था. उसने अपने पिता को प्रस्‍ताव दिया कि मैं जिस लड़की से प्रेम करता हॅूं आप उसके पिता से रूपए की बात कर लें. आपको तो रूपए से मतलब है न अगर निम्‍मी के पिता रूपए देने के लिए तैयार हो जाते है तो आपको निम्‍मी से मेरे ब्‍याह करने पर कोई एतराज तो नहीं होना चाहिए. सोनू के पिता इस प्रस्‍ताव को मान गये थे.

सोनू ने निम्‍मी को कहा कि हम लोगों के साथ रहने की कीमत पिताजी मांग रहे हैं. तुम अपने पिता से वो कीमत चुकाने की बात कर लो.

सुना था कि इसी लगन में निम्‍मी और सोनू का ब्‍याह हो गया था.

राजीव आनंद

सेल फोन - 9471765417

टिप्पणियाँ

  1. Akhilesh Chandra Srivastava7:49 am

    Rajivji aapne digital prem par likh kar ek baat rekhankit ki hai , ki aaj ki
    nayee peedhi kitni practical ho gayi hai ki pyar bhi chahiye aur paisa
    bhi . ladki ke maa baap ke pass saubhagy se paisa tha so unki shaadi ho gayi par kya ladki ese sahaj me le payegi,maan lo unke paisa nahin hota, kya to bhi yeh shaadi hoti...?

    Itne sunder dhung se is mahatv ke vishay par likhne ke liye badhaiee

    उत्तर देंहटाएं

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