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फ्रेंक्‍वाइस सागा की कहानी - लॉ फ्यूचरा

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(अनुवाद - इंद्रमणि उपाध्याय) लियोनारा यूलाइल्यो, जो लॉ फ्यूचरा ;भविष्याद्ध के नाम से अधिक जानी जाती थी चालीस वर्षों की होने के बाद भी नेपल्स...

(अनुवाद - इंद्रमणि उपाध्याय)

लियोनारा यूलाइल्यो, जो लॉ फ्यूचरा ;भविष्याद्ध के नाम से अधिक जानी जाती थी चालीस वर्षों की होने के बाद भी नेपल्स की सर्वश्रेष्ठ सुन्दरी है। लॉफ्यूचरा ;भविष्याद्ध नाम जो उसे बीस वर्ष पहिले दिया गया था, पूरी तरह सटीक था। बीस वर्षो तक को आनंद, जुअप धन सैक्स और तैरते रईसों और नेपल्स के सुन्दर लोगों के मनोरंजन का प्रतीक रही है और पिछले कुछ दिनों से जब से आस्ट्रिंया ने उस पर आधिवत्य किया है, वो भविष्य का जो भी सामान्य अर्थ होता है, उसकी प्रतिनिधि है। पुलिस और शहर के अधिकारियों से उसके प्रगाढ़ संबंधों और शाँति सुरक्षा के इंचार्ज आस्ट्रियन कर्नल से हुए आत्मिक शारीरिक संबंधों के परिणाम स्वरूप लियोनारा कई बार लम्बी रमक के बदले में राजकुमारों, ड्‌यूकों और अनाम कुलीनों को फांसी और फायरिंग स्कावट से बचाने में सफल हुई थी।

उस शाम उसके पलंग पर स्वर्ण मुद्राओं से भरे बेग रखकर काउंट डि पालरेमों पूरी तरहनिश्चित थे। उनका बेटा अलसेन्दो को जिससे इयूएल ;द्वंद्व युद्ध में एक वियेनीज केप्टन को मार डाला था, दो दिन बाद फांती पर चढ़ाया जाने वाला था, अपने बेटे के पूर्वजों के किले में सुरक्षित लौटने को ले पूर्ण आश्वस्त थे। इसे पूर्ण करने का उत्तरदायित्व भविष्या ;लॉफ्यूचराद्ध ने ले लिया था। यह अब यह था तो मँहगा सौदा साथ ही काउंट अलसेद्रो को मूर्ख और घृणा योग्य मानता था लेकिन इस सबके बावजूद वह उसका बैठा तो था ही और इसलिए काउंट दि पालरेमों इस आत्मुग्ध और पूर्ण निश्चित ठीठ स्त्री के सामने प्रसन्न दिखने की पूरी कोशिश कर रहे थे। उसके मन में उपन्नते क्रोध को उसने अवश्य ही महसूस कर लिया होगा, जिसका वो मन ही मन आनंद उठा रही थी, इसीलिए उसने जानबूझकर मुस्करातेहुए सोने से भरे बैगों को करीने से एक लाइन में रखा।

''अब ये रही पूरी रकम, काउंट ने कहा''।

''ठीक है'', वो बोली लेकिन यह तो बतलाइए कि वह दिखता कैसा है तुम्हारा अलसांदो? मुझे तो उसकी याद ही नहीं हैं।

काउंट मिलाकर कुछ सिकुड़ सा गया, इसलिए नहीं कि उसने सम्मान सूचक शब्दों की जगह सामान्य शब्दों का प्रयोग किया था, वरन्‌ इसलिए कि बदनाम इलाकोंको भीउसने प्रभावित नहीं किया था।

''अब देखिए, लॉफ्यूचरा ने आगे कहा'', मुझे उसकी जगह फांसी पर चढ़ाने केलिए किसी और की तलाश करनी होगी। मैं किसी गेधे को उसकी जगह फांसी पर चढ़ने यह समझाकर भेजूंगी कि यह तो एक नकली फांसी होगी और सुबह के झुटपुटे में सभी लाशें एक जैसी ही दिखती है उसने ठीठी कर हंसते हुए कहा, लेकिन फिर भी कुछ तो समानता होनी ही चाहिए''।

अल्सांद्रो ऊँचा और ब्लाड ;सुनहरे बालद्ध हे काउंट ने गर्व से कहा।

फिर कुछ दबी सी जुबान से कहा, उसके चेहरे पर कटने का निशान है... नाखून के निशान, उसने लॉफ्यूचरा की प्रश्न करती उठी भौहों, को देख कर कहा।

वो व्यूम गई और बाहर से आती असामान्य सी आवाज़ों को सुनने लगी। लेकिन सड़कें सूनी थी और शाँत। उसने अंतिम प्रश्न समाट आवाज़ में किया।

''और कोई विशेष पहिचार का चिन्ह?''

''अरे हो दद उसकी छोटी उंगली का अगला भाग गायत है... मैं पूरी तरह तुम्हीं पर निर्भर हूँ।

''आप मेरा विश्वास कर सकते हैं लॉफ्यूचरा ने उत्तर दिया''। काउंट अलसांद्रों कि पालरेमों पूरे नेपल्स वासियों के लिए मर जाऐंगे परसों से।

कुछ देरअकेले रहने के बाद लॉफ्यूचरा एक पल को हिचकी और फिर आले दरवाज़े की ओर बढ़ी और उसे खोल दिया। वहाँ से एक बौना सरक कर कमरे में आ गया।

''फ्रेउरिको'', उसने कहा तुम्हें उस भौद लड़ेके की याद है गरीब मार्गेरीटा के बैठे की। उसकी एक उंगली कटी थी है ना?

''हाँ'' बौने ने उत्तर दिया।

हालाँकि उसका चेहरा स्वाभाविक रूप से भयानक था, इसके बावजूद उसने उसे और भयानक बना लिया था। ला फ्यूचरा कुछ पलों तक सोच विचार करती रही और फिर अपनी गलती स्वीकारते हुए उसने कंधे झटके और सोने से भरे बैगों को उठा-उठा कर वजन का अंदाज लगाने लगी।

''कितनी शर्म की बात है न? उसने कहा, बेचारी मार्गरेटा मर चुकी है। फ्रेडरिको तुम्हें एक ऊँचे पूरे ब्लांड आदमी को तलाशना है, उसके गाल खरोचना है और उसकी छोटी उंगली भी कटी होनी चाहिए। मुझे उसकी जरूरत कल रात को ही है।

गेव्रिएल उर्बीनो भीतर आया। उंगली में असह्‌य दर्द होने के बावजूद वह याद करने की कोशिश कर रहा था कि चह चोट उसे लगी कहाँ थी। वह एक अंधेरे कमरे में था जहाँ हाथ पीठ की ओर बंधे थे। बस उस शाम की उसे इतनी ाद थी कि जब वह मछली मार रहा थातभी एक बेकार सा छोटा झाकार ही उसके पास-पास में लेटा हुआ था। उसने उसे सिर छुकाकर देखा था और फिर कुछ नहीं।

दरवाज़ा खुला और एक वांह मोमवत्ती लिए भीतर आई वांह के पीछे एक भयानक सिर वाला बौना था और उसके पीछे एक बेहद सुन्दर स्त्री का चेहरा था, जैसा उसने इसके पहिले कभी नहीं देखा था। अनजाने में ही वह खड़ा हो गया और दीवार से टिक गया। बौने ने अपनी चाकू से उसके हाथ की बंधी रस्सी को काट कर उसे खोल दिया। तभी गोव्रिएल ने देखा कि उसका हाथ बैडेज से बंधा था। उसने अविश्वास के साथ देखा।

''तुम्हारा क्या नाम है? स्त्री ने पूछा।

ग्रेब्रिएल कहा और न चाहते हुए भी मुस्करा दिया। स्त्री की आवाज़ मध्यम और सुरीली थी। वायलिन जैसी आवाज़ उसने सोचा। वह चाहता था कि वो उसके लगातार बतियाती रहे।

''तुम मुस्करा क्यों रहे हो? स्त्री ने पूंछा उसकी उत्सुकता इतनी तीब्रग हो गई थी वह बीस वर्ष छोटी दिख रही थी।

''आपकी आवाज़ वायलिन जैसी है, गेब्रिएल ने कहा'' मैंने ऐसी आवाज़ आज तक तो सुनी नहीं है।

बौने ने ठहाका लगाया, साथ ही स्त्री भी हंस दी।

हे भगवान स्त्री ने कहा ''तुम्हारी पिटाईहुई, उंगली कट गई,

तुम जेल में बंद हो फिर भी तुम यह कह रहे हो कि मेरी आवाज़ वायलिन जैसी है। तुम जरूर हंसते हुए पैदा हुए होने लड़के।

''सच है'', गेब्रिएल ने सिर हिलाकर स्वीकारा और हंस पड़ा ला फ्यूचरा को वह प्रसन्न हैंड सम लगा। यह तो अलसांद्रो से लाख गुना सुन्दर है, जिसकी स्पष्ट याद उसे आ गई थी। इस लड़के के बाल सुनहरे ब्लांड, चमकदार ओर घने हे, पालरेमों के लड़के की तरह पतले और तिनको के रंग जैसे नहीं। इसकी आँखें नीली थी और उसकी काँतिहीन भूरी। कितना बुरा है न, उसने सोचा साथ ही शर्मनाक।

''सुनो'' उसने कहा मेरा एक काम कर दो मैं तुम्हें अच्छी रकम दूँगी कल काउंट दि पालरेमों के बेटे की गोली मारी जानी है... खाली गोलिों से फिर भी वह डरा सहमा है इसीलिए मुझे ऐसे व्यक्ति की जरूरत है जो उसकी जगह ले सके...।

वो लगातार बोलती गई, झूठ गढ़ती गई उसे फंसाने के लिए लेकिन कुछ हिचकिचाहट के साथ, कुछ अविश्वसनीयता के साथ। वो अपनी सामान्य बाक्‌ चातुर्थ का उपयोग नहीं कर पा रही थी। उसे इसका भली भाँति अहसास था और इसीलिए चिंतित भी। किसी तरह जब उसने अपनी बात पूरी कर ली, तब भी युवक मुस्कराएजा रहा था। उसके माथे पर बल पड़ गए और उसका मूड आफ हो गया।

हाँ दद। तो क्या तुम मेरा काम पूरा कर दोगे, तुम्हें रात में चुपचाप उसकी सेल ;कोठरीद्ध में जाना है, उसके कपड़े पहिनना है और सैनिकों के पीछे जाना है...

''बिल्कुल जाऊँगा मैं। जोकुछ भी आप करने कहेगो... मैं कुछ सुन ही नहीं रहा था।

''तुम दद सुन नहीं रहे थे। वो गुस्से में बोली।

लेकिन उसने टोंकते हुए हाँ मैं तो आपकी आवाज़ सुन रहा था। अच्छा, मुझे खाने को मिल सकता है क्या? मुझे भूख लगी हैं।

ला फ्यूचरा हिचकी, जैसे बौने की सहमति की राह देख रही हो, फिर अचानक उसने निश्चय कर लिया।

''फिर ठीक है, उसने अंतिम फैसला लेते हुए कहा'', तुम दद मेरे साथ डिनर करोगे। हम अच्छा खाना और वाइन पिऐंगे, ऐसी वाइन जैसी तुमने कभी-कभी पी ही नहीं होगी और न पी ही सकोगे।

और सचमुच उस शाम गेब्रिएल ने अपनी जिंदगी का सबसे अच्छा भोजन किया, जिसके साथ इटली की सर्वोत्तम वाइन साइपिट भी उसने छककर पी साथ ही फ्यूचरा ने भी। वे ला फ्यूचरा के अस्त व्यस्त किन्तु सर्व साधन संपन्न कमरे में थे, साइन सिल्क और ऊष्मा का द्वीप जहाँ की दीवारों काप्लास्टर उखड़ रहा था, यह मकान नेपल्स के शहरी इलाके में जर्जर सा पुराना मकान था। जलती हुई लकड़ियों के सामने लपटे और वाइन उन्हें आलस्य से भर रही थी। युवक और स्त्री कुद ही देर में गाल से गाल सटाए बैठे थे फिर मुँह से मुँह और अंत में गेब्रिएल ने पहिली बार जाना कि संभोग का सुख होता क्या है। ला फ्यूचरा ने सँभवतः इससे अधिक परेशानी किसी पुरुष के लिए नहीं उठाई थी, साथ ही निःसंदेह रूप से उसने इतना अधिक आनंद भी नहीं उठाया था और ना ही कड़वाहट ही।

काउंट अलसांद्रो कि पालरेमों अपने सेल ;कोठरीद्ध में तेज कदमों के चक्कर लगाए जा रहा था। जेलर ने उसे आश्वस्त कर दिया था कि सब कुछ योजनानुसार ही होगा, लेकिन ऐसा लगता था कि ला फ्यूचरा उसे जानबूझकर इंतजार करवा रही थी। उसके मरने का तो खैर कोई प्रश्न ही न था वह अल्साद्रो, काउंट दि पालरेमों का बेटा, भावी काउंट जो ठहरा। वह बहुत अधिक धन सम्पन्न था। फिर भी वो अड़ियल औरत उसे इंतजार करवा रही थी। वह अल्सोद्रो, दि पालरेमों एक रद्दी और गधे आदमी की मन मर्जी के चलते प्रतीक्षा कर रहा था उस आदमी की जो उसकी जगह होने वाला था। अपनी ओर तनी राइफलों केबारे में सोच कर ही उसकी रीढ़ में कंपकपी छूट रही थी। ईश्वर का आभारी है वह कि उसे उनका सामना नहीं करना पड़ेगा, अपनी दूसरी दुर्बलताओं के साथ वह कायर भी थाः उसने आस्ट्रियन कोटन को सोते समय मारा था। उसके पिता को भी यह पता नहीं था। इधर वो कटने वाली थी और उसके विचार धुधले होने लगे थे जब चरमराते हुए सेल ;कोठरीद्ध को दरवाज़े खुले तो वह उठल पड़ा, उसका चेहरा बदशक्ल हो गया था।

सुबह के झुटपुटे में ला फ्यूचरा पीली दिख रही थी, साथ ही उसके पीछे खड़ा युवक भी। उसकी आँखों के चारों ओर कालिख का घेरा था, जैसे वह जानता हो कि उसके साथ कया होने वाला है। अल्सांद्रो ठहाका लगाकर हंसना चाहता था जब उसने एक ऊँचे पूरे किसान को सीधे तन कर खड़ा देखा जिसके चेहरे पर गर्व का भाव था। बहुत जल्दी ही कुछ भी शेष नहीं बचेगा, सिवाय आंगन के कोने में खून से भरे एक ठेर के।

''तुम लेट क्यों हो गई, ला फ्यूचरा? उसने क्रोध से तमतमाते हुए पूंछा'' तुम्हें अच्दी खासी रकम दी गई है, ना?

''देर आपद दुरुस्त आद, उसने उत्तर दिया, अपने कपड़े उतारों, उसने अपने पीछे खड़े युवक से कहा।

औरदोनों युवक कपड़े उतारने लगे। युवक ने अपनी मोटी सी सूती शर्ट उतारी तो अल्सांद्रो ने लेस शर्ट, युवक ने रास्ता सा लिवन का पेंट और अल्सांद्रो ने अपनी चमड़े के जूते और प्यारी सिल्क की बीचे अब करीब-करीब नंगे थे और एक दूसरे को देख रहे थे। ला फ्यूचरा की आँखें सफेद दुबली कोमल जलरेमो की देह से हो सुनहरे, शक्ति से भरी किसान की देह पर गई उसकी दृष्टि के भाव इतने स्पष्ट थे कि अल्सांद्रो ने सब कुछ पढ़ और समझ लिया और क्रोध से फट पड़ा।

''तुम्हारी इतनी हिम्मत कि तुम मेरी तुलना इस भिखारी से करो'' वह चिल्लाया। क्रोध से अंधे हो उसने ला फ्यूचरा को मारने के लिए हाथ उठाया पूरी प्रसन्नता के साथ क्योंकि उसे हमेशा औरतों को मारने पीटने में आनंद मिलता रहा है। लेकिन इसके पहिले कि वह मारे, किसान ने उसकी बांह को धक्का दिया और एक घूंसा उसकी ठोढ़ी पर जड़ दिया। अल्सांद्रो पीछे लड़ाका कर गिरा, उसका सिर लकड़ी से टकराया और बेहोश हो नीचे गिर गया। ला फ्यूचरा उसकी ओर तेजी से बढ़ी पर कुछ कदम चल रूक गई।

''तुमने यह क्या किया? उसने पूँछा।

अर्ध नग्न गेब्रिएल स्तब्ध उन पहलवानों की मूर्तियों जैसा खड़ा थाजिन्हें प्राचीन काल में रोम वासी बाहर से मंगाया करते थे।

''वह तुम्हें मारने जा रहा था गेब्रिएल ने कहा, मेरे सामने तो कोई तुम्हें मारने की जुर्रत नहीं कर सकता'' उसने आश्वस्ति भरे भाव से कहा।

उसने ला फ्यूचरा के कंधों को पकड़ा और उसे अपनी बांहों में जकड़ लिया। उसके नंगे कंधे में चेहरा छिपाए उसे देहाती हवा सूरज की गर्मी के साथ अंतर में बसी कुद देर पुरानी सहवास की गंध मिली। उसने हौले से अपने को उससे अलग किया घूमी और बेहद धीमी आवाज़ में कहा, कपड़े पहिन लो और जैसे ही गेब्रिएल लेस शर्ट उठाने झुका, उसने कठोर आवाज़ में कहा, नहीं तुम्हारी अपनी।

''और 1817 की मई की सुबह काउंट अल्सांद्रो दि पालरेमों रोते चीखते चिल्लाते कि वह नहीं है, मारा गया। जहाँ तक ला फ्यूचरा का संबंध है उसके बारे में उस दिन के बाद किसी को कोई खबर नहीं लगी कम से कम नेपल्स में तो नहीं ही। ऐसी अफवाहें जरूर उड़ती हुई सुनाई दी कि वह परमा में दिखी थी, शालीन महिला के वेशभूषा में एक ऊँचे पूरे ब्लाक आदमी की बांह में बांह डाले। लेकिन किसी ने भी विश्वास नहीं किया।

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रचनाकार: फ्रेंक्‍वाइस सागा की कहानी - लॉ फ्यूचरा
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