सोमवार, 21 अक्तूबर 2013

राजीव आनंद की दो-लाइना कहानियाँ

नेताजी कहिन

नेताजी कह रहे थे कि दागी सांसदों और विधायकों को अयोग्‍य ठहराने से रोकने के लिए कानून बनाना इसलिए आवश्यक हो गया क्‍योंकि अगर दागी सांसदों को हटा दिया गया तो हिन्‍दुस्‍तान में पच्‍चीस-तीस उम्‍मीदवार से ज्‍यादा नहीं बचेंगे.

अब आप ही बताइए ऐसा होने पर विष्‍व का सबसे बड़ा लोकतंत्र असफल होगा या नहीं ?

बोझा

टिंकू की माँ स्‍कूल प्रबंधन के सामने अपनी भड़ास यह कहते हुए निकाली कि देखिए बस्‍ते को बोझा मेरे बच्‍चे के वनज से भी ज्‍यादा है, यह पढ़ाई है या बच्‍चे पर जुर्म. स्‍कूल प्रबंधन कुछ जवाब देती उससे पहले ही टिंकू को लेकर उसकी माँ स्‍कूल से बाहर निकल गयी. रास्‍ते में अपने बेटे टिंकू से भी छोटा एक बच्‍चे को लंबा सा बोरा लिए कूड़े के ढ़ेर से समान चुनते देख कर दुखी हो गयी, सोचा इस बच्‍चे के बोझा का शिकायत किससे करूं.

अमीरों की बीमारी

मंत्री बनते ही मंत्रीजी को स्‍कॉट वाहन और हाउस गार्ड मिल गए थे. जमीन छोड़ दिया था मंत्रीजी ने, हर वक्‍त स्‍कॉट वाहन की ही सवारी करने लगे. जमीनी लोगों से दूरी बना लिए और देखते ही देखते अमीरों की बीमारी डासबिटीज, हाईपरटेंशन, ब्‍लडप्रेशर आदि ने उन्‍हें घेर लिया. जितना बड़ा घोटाला मंत्रीजी करते उतना ही कम खाने की हिदायत डाक्‍टर उन्‍हें देते.

फोटो लेकर क्‍या करोगे....

एक फोटो जर्नलिस्‍ट ने छोटे से बच्‍चे को लोहार के यहां बड़े से हथौड़ा से लोहा पीटते देख उस बच्‍चे से फोटो लेने की इजाजत मांगी तो बच्‍चे ने कहा क्‍या करोगे फोटो छाप कर भइया, कुछ तो मिलने वाला है नहीं. फिर कुछ सोच कर बच्‍चे ने कहा, अच्‍छा फोटो ले लो भइया, शायद फोटो छापने से आपका ही कुछ फायदा हो जाए.

प्रश्‍न

एक अधेड़ साइकिल सवार को एक कार वाले ने टक्‍कर मार कर भाग निकला, साइकिल सवार कई फीट उंचा उछला और फिर दूर जा गिरा. हड्‌डी-पसली टूट गई, शरीर के कई भाग से खून निकलने लगा.

पुलिस मौका-ए-वारदात पर पहुंची, अस्‍पताल पहुंचाने के बजाए पुलिस साइकिल सवार से पूछने लगी, क्‍या तुमने शराब पी रखी थी ?

घायल व्‍यक्‍ति के बमुश्‍किल खुलती आंखों में आश्‍चर्य का भाव था, उसने यह सोचते हुए कि अब पुलिस उसका और क्‍या बिगाड़ सकती है, पूछा अगर मैंने पी भी रखी है तो क्‍या कार वाले को मुझे मारकर भागने की छूट है ?

सवाल, सवाल और सवाल

पृथ्‍वी सूर्य के चारों तरफ घूमती है या सूर्य पृथ्‍वी के चारों तरफ, मनमोहन ने अपने बेटे बंटी से पूछा.

बंटी ने कहा, मुझे नहीं मालूम पापा, किसी और से पूछ लीजिए लेकिन कभी जवाब भी बता दिया लीजिए, हर वक्‍त सवाल, सवाल और सिर्फ सवाल ही मत पूछते रहिए.

राजीव आनंद

सेल फोन - 9471765417

1 blogger-facebook:

  1. wah rajiv ji. aaap niyamit laghukathayen likh rahe hain aur achhi kahaniyan aa rahi hain. Badhai.
    Manoj 'Aajiz'

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