रचनाकार में खोजें -
 नाका में प्रकाशनार्थ  रचनाएं इस पते पर ईमेल करें : rachanakar@gmail.com अधिक जानकारी के लिए यह लिंक देखें.

फ्रेंक्‍वाइस सागा की कहानी - एक वर्ष बाद

SHARE:

फ्रेंक्‍वाइस सागा की कहानियाँ एक वर्ष बाद उन्नीस वर्ष की उम्र में 1954 मेंप्रकाशित प्रथम उपन्यास ''बेन्ज्योर ट्रिस्टेसी'',...

फ्रेंक्‍वाइस सागा की कहानियाँ

एक वर्ष बाद

उन्नीस वर्ष की उम्र में 1954 मेंप्रकाशित प्रथम उपन्यास ''बेन्ज्योर ट्रिस्टेसी'', से अंतरराष्ट्रीय खयाति प्राप्त लेखिका हैं फ्रेंक्वाइस सागां। प्रथम उपन्यास के बाद आपने कई उपन्यास लिखे जिन पर सफल फिल्मों का निर्माण हुआ। ''दि पेन्टेड लेडो'', और ''दि स्टिल स्टार्म'', उपन्यासों को फ्रांस, ब्रिटेन एवं अमरीका में साहित्य समीक्षकों से पर्याप्त प्रशंसा प्रापत प्रस्तुत कहानीं ''एक वर्ष बाद'' उनके कहानी संग्रह, इंसीडेंटल म्यूजिक, से ली गई है जिसकी अंग्रेजी अनुवाद सी.जे. रिचर्डस ने किया है।

ठीक एक वर्ष बाद वह उसे देखेगी। उसने इस मुलाकात की कोई उम्मीद कभी की ही नहीं थी, हालाँकि मुलाकात के अवसरों को कोई कमी न थी। जूडिय ने उस छोटे से वाक्य को दो बार दोहराया था, ''डार्लिग सुनो, मैंने रिचर्ड और उसकी नई पत्नी को भी आमंत्रित किया है, तुम्हें कोई आपत्ति तो नहीं है न क्यों? अब यह तो गलत होगा... आदि''

यह सुन उसने उत्तर दिया था, ''भला मुझे क्या आपत्ति हो सकती है। मुझे तो अच्छा ही लगेगा। तुम्हें तो पता ही है कि हम अच्छे दोस्तों कीत रह अलग हुए थे। इसमें कोई संदेह ही नहीं कि मुझे कतई कोई आपत्ति नहीं है, वरन्‌ इसके विपरीत...''

लेकिन जूडिथ को पता नहीं था कि, ''इसके विपरीत'' में कितना सच छिपा हुआ था। यदि उसने वाक्य पूरा किया होता तो कहा होता, ''इसके विपरीत जब से हमने साथ रहना छोड़ है, मैं तो वास्तव में जीवित ही नहीं हूँ। इसके विपरीत अपनी देह में प्राणों के दोबारा संचार के लिए पूरी तरह उसी पर निर्भर करती हूँ इस असंभावित विचार से कि वह मुझसे फिर से प्यार करेगा। लेकिन यह बात तो वह जूडिथ तक से कहने की हिम्मत नहीं कर सकती, जो उसकी सबसे प्यारी और निकटतम सहेली है''

यह तो हर कोई अच्छी तरह समझ रहा था कि संबंध विच्छेद का प्रभाव उस पर बहुत अधिक पड़ा है। साथ ही सबको यह भी पता है कि इसका उसके दिल दिमाग पर गहरा प्रभाव पड़ा है किन्तु विच्छेद का पूरा वर्ष वियोग के लिए पर्याप्त होता दे। यह मान लिया था कि या तो वह इस वर्ष भर के बाद दुख से उबर जावेगी या फिर इसे कुछ अच्छे शब्दों में नहीं कहा गया था- वह उबर जाने का ढोंग करेगी। इसके साथ ही किसी पेरिसवारी मेजबान महिला के लिए किसी एकाकी स्त्री को आमंत्रित करना न तो सहज सरल था, ना ही उचित। और यदि वह एकाकी स्त्री एकांतवास के समुद्र में डूब रही हो, तब तो यह असंभव ही था।

विच्छेद के तीन माहों के बाद हीजस्टीन की यह अहसास ही गया था कि यदि वह नहीं चाहती कि लोग उसे भूल जाऐं तो उसे प्रसन्न दिखना ही होगा। उसके सामने एक मात्र राह यही बची थी कि वह इस तरह व्यवहार करे जैसे वह एक अच्छी-भली प्रसन्न गृहिणी से चतुर, आकर्षक, जिंदा दिल तलाकशुदा स्त्री में परिवर्तित हो चुकी है। उसमें संपत्ती की मिली जुली जिम्मेदारियों के साथ सारे गुण भी आ चुके है। अब यह पूरी तरह उस पर निर्भर करता है कि वह पारंपरिक पुरुषोचित मजा किया जीवन्तता को प्रदर्शित करें उनकी स्वच्छंदता के साथ और अपनी स्त्रियोचित दबबूपन, कोमलता ओर विश्वसनीय प्रकृति को भी व्यक्तित्व में समाहित कर ले। और जस्टीन जो कभी एक प्रसन्न, प्यारी सी संतुट पत्नी थी, उस दिन उसे यही सब करना था ताकि एकाकीपन के समुद्र के ऊपर रहती दिख सके जिसमें रिचर्ड उसे छोड़कर चला गया है।

अब वह हौले हौले कंधी किए जा रही था। एक वर्ष पहिले आइने से झांकते चेहरे के ऊपर बाल अधिक काले और कम ब्लांड (सुनहरे) थे। उस दिन उसने लड़कियों जैसी सदाबहार नीली ड्रेस पहिली थी आज के लपटों सी लाल आकर्षक सूट की जगह जिसे वह आज आइम में देख रही है। वर्ष भर पुरानी स्त्री का चेहरा कुछ पीला लेकिनभरा-भरा था और उसकी आँखे आज की जैसी गहरी, चमकती और बनावटी नहीं थी, वे उस दिन आंसुओं से डबडबा रही थी। निश्चित रूप से एक वर्ष वाली स्त्री उस रात आइने के सामने खामोश खड़े हो कंघी नहीं कर रही थी। वह तो अपना चेहरा भी उन आँखों से नहीं देख पा रही थी। अचानक उसका ध्यान एक सर्द आवाज से टूट गया था जो कह रही थी'', तुम यह बात अच्छी तरह समझ लो कि इस बार बस अंत है और मैं तुमसे जिस कारण दूर जा रहा हूँ वह भी इतने भद्दे ढंग से सबके सामने ताकि वे तुम्हे समझा सकें कि हमारे बीच कुछ समाप्त हो चुका है।''

उसने आदतन कांपेक्ट निकाला और पों ही अपने चेहरे और नाक पर पाउडर लगाने लगी। उसका मेकअप बिल्कुल ठीक था, घर से बाहर निकलने के पहिले उसने अच्छी खासी मेहनत की थी। यह सब उसने विशेषकर रिर्चड के लिए किया था। उसने अपनी आँखों के अंडाकार को लम्बा, मुँह के कोने पर जोर और गालों की हडि्‌डयों की परछाइयों को गहरा ठीक उस अंदाज में सब कुछ किया था जैसा रिचर्ड को पंसद आता रहा है हाँऽऽऽ एक सौ वर्ष पहिले। हालांकि वह आसानी से बहाना बना सकती है कि यह सब वह एरिक या लारेंस यहाँ तक कि र्नड के लिए कर रहीहै, वैसे सच यह है है कि उसने कभी सेंकड के लिए भी उन चेहरों में अपनी परछाई तक देखने की कोशिश नहीं की है। उनके चेहरे खाली खिड़कियाँ थे, आइने नहीं। आज की शाम अंततः पहली बार इन पिछले दिनों और रातों के शून्य बाद वह किसी की आँखों में अपनी परछाई देखेगी। वह ड्रांइग रुम में चली गई आश्चर्य है कि वहाँ खड़े रिचर्ड पर उसकी नज़र पड़ी ही नहीं। जूडिथ प्रसन्न लग रही थी, सामान्य से कुछ अधिक ही जीवंत। कुछ ही देर बाद जस्टीन उस अपरिचित के ठीक सामने थी, ''दूसरी स्त्री'' के सामने थी जो आज भी वैसी ही थी जैसे पहिले थी झददी। दूसरी स्त्री की आज भी वही प्रोफाइल है, वही कर्कश आवाज़ ओर वो आज भी जैसा रिचर्ड खड़ा था रिचर्ड का जुड़वा, ऊँचा पूरा, धूप खाई ;सन टेन्डद्ध आवाज़ मोटी भौहों के साथ हाथ मिलाते हुए जैसा कभी रिचर्ड हुआ करता था। जस्टीन आँखें मिलने पर हल्के से मुसकराई और फिर दूसरे जोड़े की और मुड़ गई। शायद हाल में आइने के सामने उसने कुछ अधिक समय बिता दिया था उसे अहसास हुआ क्योंकि जूडिथ ताली बजा अपने मित्र समूह को डाइनिंग हाल में चलने के लिए कह रही थी।

वे तेरह थे, उसे मिलाकर चौदह। छः जोड़े जो फिलहाल तो एक साथ ये और जूडिथ की आकर्षक चचेरी बहिन और वह स्वयं अविवाहितों का प्रतिनिधित्व कर रही थीं।

वह टेबिल के उसी ओर बैठी थी जिस और रिचर्ड बैठा था इसलिए वह न तो उसका चेहरा देख पा रही थी और ना ही आँखे। किन्तु उसके सामने दूसरी ओर उसकी पत्नी बैठी थी सुंदर पास्केला। पास्केला जिसने सभी मेहमानों को अपने सौंदर्य जाल में बांध रखा था। बदले में रिचर्ड ने कुछ भी खोया नहीं था। बातचीत में पास्केला अपने तीखें व्यंग्य और चुटकुलों से सबका लगातार मनोरंजन कर रही थी। बालों की एक लट उसके माथे पर बार-बार झूलने लगती थी, उसकी आँखों में तारे झिलमिला रहे थे और उसकी आवाज़ लगातार हंसने से भारी हो रही थी। पूर्ण आकर्षण का साकार रूप थी वह जस्टीन अनासक्त भाव से कासे देखते सोचे जा रही थी जबकि डिनर का उसका साथी उसकी प्रशंसा किए जा रहा था, जिसे वह यों ही ले रही थी।

आश्चर्य की बात तो यह थी कि वह निराशा का अनुभव कर रही थी। यह डिनर पार्टी जिसकी प्रतीक्षा वह पिछले कई दिनों से बेसब्री से कर रही थी और जो इस हफ्ते का उसका सर्वोत्तम कार्यक्रम था, इस पार्टी में कुछ नकुछ महत्वपूर्ण तो होकर रहेगा कुछ खतरनाक आशंकाऐं जिनमें विजय के कुछ रेश भी मिले थे, जिसने घटना विहीन दिनों से उसे उबारा होता किन्तु यह पार्टी अभी तक एक-रस थी और ऐसी ही रहने की आशा थी। बस, रिचर्ड से वह मुस्करा कर कुछ शब्दों को आदान-प्रदान करती और रस सदभावना पूर्ण व्यवहार पर सभी उसकी प्रशंसा करते अपने घर की ओर बढ़ जाऐंगे और फिर अगले दिन जूडिथ अपने मित्रों से कहेगी ''तुम्हें पता है मैंने डिनर पर रिचर्ड और जस्टीन को निमंत्रित किया था और सच मानो पार्टी बेहद सफल रही। वे दोनो अपरिचितों की तरह पूरे समय रहे आए... कितना अजीव लगता है न''। और फिर शायद जूडिथ और उसके दोस्त प्रेम की दुर्बलता पर कुछ खट्‌टी मीठी कड़वी राय देंगे। एकाएक जस्टीन चाहने लगी कि ये डिनर जल्दी से जल्दी समाप्त हो जाय। वह काफी, का गनेक और सामान्य चर्चाटों और हमेशा ड्राइंग रुम में बैठ भोजन की प्रशंसा से जल्दी से जल्दी दूर चली जाना चाहती थी। यह पूरी कमेडी ही घृणा से सनी हुई थी। अपनी वर्तमान स्थिति को बिना शिकवा-शिकायत के आत्म स्वीकृति से एक पल को भी तो इस सच में परिवर्तन नहीं हुआ था कि एक मात्र पुरुष जिससे उसने हृदयकी गहराइयों से प्यार किया था और आगे भी करती रहेगी, जिसकी अनुपस्थिति से वह पिछले वर्ष के सभी मासें में निराशा की खाई में रहती आई है, जिस व्यक्ति ने उसकी जिंदगी को घटना विहीन कर दिया है वही व्यक्ति यहाँ है शरीर, उससे कुछ फुट दूर, आँखों से दूर उतनी ही दूर जितना वह पिछले पूरे वर्ष भर रहा आया है शारीरिक रूप से मीलों दूर इसमें से कुछ भी उसे घर अकेले पराजित और दुख में लबाबल डूबने उतराने से नहीं रोक सकेगा जैसा पिछले एक वर्ष में वह है, हालांकि आज रात उसकी आँखें में आंसू नहीं है लेकिन इस तथाकथित भेंट से स्थिति में किंचित भी परिवर्तन नहीं हुआ है।

डिनर समाप्त होते ही उसने जूडिथ से घर जल्दी लौटने की बात कही'', दरअसल में बेहद थक गई हूँ और कल सुबह मेरी एक महत्वपूर्ण मीटिंग है। जूडिथ ने उसे उसकी बात अनमने ढंग से सुनी क्योंकि ड्राइंगरूम और उसके पास के छोटे कमरे में उपस्थित दोस्त अधिक शोर कर रहे थे और एक अच्छी मेजवान होने के नाते वह उन सभी का बराबर ध्यान रख रही थी। उसने जस्टीन के कंधों को कुछ याद सा करते स्नेह से कुछ सैकंडो तक थपथपाया और फिर उसे याद आ गया,''अच्छाऽऽ क्यों'' जस्टीन ने दांतों को कस कर दबाते हुए कहा लेकिन एक शब्द का भी वह विश्वास नहीं कर रही थी। रिचर्ड अभी भी आकर्षक और सुन्दर था पहिले की तरह। रिचर्ड को एक बार फिर देखा था और एक बार फिर अपनी पराजय की गहराई को नापा था। यही उसने जूडिथ से कहा होता यदि जूडिथ जानने की इच्छा प्रकट करती तो, लेकिन मेजबानी के कर्तव्यों के लबाद के बोझ तले उसने जस्टीन को पार्टी के चके में एक दांते की तरह देखा कोई महत्वपूर्ण दांता नहीं, यदि जस्टीन ने अपने को सही परिप्रेक्ष्य में देखा होता तो। दूसरों से बिना विदा लिए वह चुपचाप बाहर की ओर चल दी।

कोट रुम में जाने के पहिले वह हाल में रूकी और झुककर अपने जूते के तस्में को कसने लगी और जब वह दोबारा खड़ी हुई तब तक उसने पहिला वाक्य सुन लिया था। वह प्रसन्नता से भरी विजेता की आवाज़ थी जो उसने डिनर के समय सुनी थी।

''क्या तुम्हारी समझ में नहीं आ रहा है कि सब कुछ समाप्त हो चुका है, पूरी तरह से'', आवाज़ कह रही थी, ''तुम्हारे दोस्तों के आगे मुझे तुम्हें छोड़कर जाने को बाध्य मत करो। क्या मुझे घोषणा करनी होगी उन सबके सामने तब जाकर तुम्हें मेरा विश्वास होगा?मैं तुमसे कतई प्यार नहीं करती। सच यह है कि सब कुछ समाप्त हो चुका है।''

बुलवर्ड सेंट जर्मे सड़क पर ठंडी हवा के झौकों को झेलने के बाद ही उसे कोट पहिनये का होश आया। उसने आराम से उसे कंधों पर रखा और एक-एक कर बाह में हाथ डाले और फिर एक एक कर नीचे तक बटन लगाए। इसके बाद तेज कदमों से वह रू दि गेनली के टेक्सी स्टेंड पर पहुँच गई। बुलवर्ड पर हल्की बसंत की बयार बह रही थी और जस्टीन को यह देख कर लगा कि इसके लिए भी वह खुद ही जिम्मेदार है और फिर अचानक उसने आपको हल्का फुल्का महसूस किया।

अनुवाद - इन्द्रमणि उपाध्याप

489 नारायण नगर,

गढ़ा, जबलपुर

..

 

COMMENTS

BLOGGER

-----****-----

|13000+ रचनाएँ_$type=complex$count=6$page=1$va=0$au=0

|विविधा_$type=blogging$au=0$va=0$count=6$page=1$src=random-posts

 आलेख कविता कहानी व्यंग्य 14 सितम्बर 14 september 15 अगस्त 2 अक्टूबर अक्तूबर अंजनी श्रीवास्तव अंजली काजल अंजली देशपांडे अंबिकादत्त व्यास अखिलेश कुमार भारती अखिलेश सोनी अग्रसेन अजय अरूण अजय वर्मा अजित वडनेरकर अजीत प्रियदर्शी अजीत भारती अनंत वडघणे अनन्त आलोक अनमोल विचार अनामिका अनामी शरण बबल अनिमेष कुमार गुप्ता अनिल कुमार पारा अनिल जनविजय अनुज कुमार आचार्य अनुज कुमार आचार्य बैजनाथ अनुज खरे अनुपम मिश्र अनूप शुक्ल अपर्णा शर्मा अभिमन्यु अभिषेक ओझा अभिषेक कुमार अम्बर अभिषेक मिश्र अमरपाल सिंह आयुष्कर अमरलाल हिंगोराणी अमित शर्मा अमित शुक्ल अमिय बिन्दु अमृता प्रीतम अरविन्द कुमार खेड़े अरूण देव अरूण माहेश्वरी अर्चना चतुर्वेदी अर्चना वर्मा अर्जुन सिंह नेगी अविनाश त्रिपाठी अशोक गौतम अशोक जैन पोरवाल अशोक शुक्ल अश्विनी कुमार आलोक आई बी अरोड़ा आकांक्षा यादव आचार्य बलवन्त आचार्य शिवपूजन सहाय आजादी आदित्य प्रचंडिया आनंद टहलरामाणी आनन्द किरण आर. के. नारायण आरकॉम आरती आरिफा एविस आलेख आलोक कुमार आलोक कुमार सातपुते आशीष कुमार त्रिवेदी आशीष श्रीवास्तव आशुतोष आशुतोष शुक्ल इंदु संचेतना इन्दिरा वासवाणी इन्द्रमणि उपाध्याय इन्द्रेश कुमार इलाहाबाद ई-बुक ईबुक ईश्वरचन्द्र उपन्यास उपासना उपासना बेहार उमाशंकर सिंह परमार उमेश चन्द्र सिरसवारी उमेशचन्द्र सिरसवारी उषा छाबड़ा उषा रानी ऋतुराज सिंह कौल ऋषभचरण जैन एम. एम. चन्द्रा एस. एम. चन्द्रा कथासरित्सागर कर्ण कला जगत कलावंती सिंह कल्पना कुलश्रेष्ठ कवि कविता कहानी कहानी संग्रह काजल कुमार कान्हा कामिनी कामायनी कार्टून काशीनाथ सिंह किताबी कोना किरन सिंह किशोरी लाल गोस्वामी कुंवर प्रेमिल कुबेर कुमार करन मस्ताना कुसुमलता सिंह कृश्न चन्दर कृष्ण कृष्ण कुमार यादव कृष्ण खटवाणी कृष्ण जन्माष्टमी के. पी. सक्सेना केदारनाथ सिंह कैलाश मंडलोई कैलाश वानखेड़े कैशलेस कैस जौनपुरी क़ैस जौनपुरी कौशल किशोर श्रीवास्तव खिमन मूलाणी गंगा प्रसाद श्रीवास्तव गंगाप्रसाद शर्मा गुणशेखर ग़ज़लें गजानंद प्रसाद देवांगन गजेन्द्र नामदेव गणि राजेन्द्र विजय गणेश चतुर्थी गणेश सिंह गांधी जयंती गिरधारी राम गीत गीता दुबे गीता सिंह गुंजन शर्मा गुडविन मसीह गुनो सामताणी गुरदयाल सिंह गोरख प्रभाकर काकडे गोवर्धन यादव गोविन्द वल्लभ पंत गोविन्द सेन चंद्रकला त्रिपाठी चंद्रलेखा चतुष्पदी चन्द्रकिशोर जायसवाल चन्द्रकुमार जैन चाँद पत्रिका चिकित्सा शिविर चुटकुला ज़कीया ज़ुबैरी जगदीप सिंह दाँगी जयचन्द प्रजापति कक्कूजी जयश्री जाजू जयश्री राय जया जादवानी जवाहरलाल कौल जसबीर चावला जावेद अनीस जीवंत प्रसारण जीवनी जीशान हैदर जैदी जुगलबंदी जुनैद अंसारी जैक लंडन ज्ञान चतुर्वेदी ज्योति अग्रवाल टेकचंद ठाकुर प्रसाद सिंह तकनीक तक्षक तनूजा चौधरी तरुण भटनागर तरूण कु सोनी तन्वीर ताराशंकर बंद्योपाध्याय तीर्थ चांदवाणी तुलसीराम तेजेन्द्र शर्मा तेवर तेवरी त्रिलोचन दामोदर दत्त दीक्षित दिनेश बैस दिलबाग सिंह विर्क दिलीप भाटिया दिविक रमेश दीपक आचार्य दुर्गाष्टमी देवी नागरानी देवेन्द्र कुमार मिश्रा देवेन्द्र पाठक महरूम दोहे धर्मेन्द्र निर्मल धर्मेन्द्र राजमंगल नइमत गुलची नजीर नज़ीर अकबराबादी नन्दलाल भारती नरेंद्र शुक्ल नरेन्द्र कुमार आर्य नरेन्द्र कोहली नरेन्‍द्रकुमार मेहता नलिनी मिश्र नवदुर्गा नवरात्रि नागार्जुन नाटक नामवर सिंह निबंध नियम निर्मल गुप्ता नीतू सुदीप्ति ‘नित्या’ नीरज खरे नीलम महेंद्र नीला प्रसाद पंकज प्रखर पंकज मित्र पंकज शुक्ला पंकज सुबीर परसाई परसाईं परिहास पल्लव पल्लवी त्रिवेदी पवन तिवारी पाक कला पाठकीय पालगुम्मि पद्मराजू पुनर्वसु जोशी पूजा उपाध्याय पोपटी हीरानंदाणी पौराणिक प्रज्ञा प्रताप सहगल प्रतिभा प्रतिभा सक्सेना प्रदीप कुमार प्रदीप कुमार दाश दीपक प्रदीप कुमार साह प्रदोष मिश्र प्रभात दुबे प्रभु चौधरी प्रमिला भारती प्रमोद कुमार तिवारी प्रमोद भार्गव प्रमोद यादव प्रवीण कुमार झा प्रांजल धर प्राची प्रियंवद प्रियदर्शन प्रेम कहानी प्रेम दिवस प्रेम मंगल फिक्र तौंसवी फ्लेनरी ऑक्नर बंग महिला बंसी खूबचंदाणी बकर पुराण बजरंग बिहारी तिवारी बरसाने लाल चतुर्वेदी बलबीर दत्त बलराज सिंह सिद्धू बलूची बसंत त्रिपाठी बातचीत बाल कथा बाल कलम बाल दिवस बालकथा बालकृष्ण भट्ट बालगीत बृज मोहन बृजेन्द्र श्रीवास्तव उत्कर्ष बेढब बनारसी बैचलर्स किचन बॉब डिलेन भरत त्रिवेदी भागवत रावत भारत कालरा भारत भूषण अग्रवाल भारत यायावर भावना राय भावना शुक्ल भीष्म साहनी भूतनाथ भूपेन्द्र कुमार दवे मंजरी शुक्ला मंजीत ठाकुर मंजूर एहतेशाम मंतव्य मथुरा प्रसाद नवीन मदन सोनी मधु त्रिवेदी मधु संधु मधुर नज्मी मधुरा प्रसाद नवीन मधुरिमा प्रसाद मधुरेश मनीष कुमार सिंह मनोज कुमार मनोज कुमार झा मनोज कुमार पांडेय मनोज कुमार श्रीवास्तव मनोज दास ममता सिंह मयंक चतुर्वेदी महापर्व छठ महाभारत महावीर प्रसाद द्विवेदी महाशिवरात्रि महेंद्र भटनागर महेन्द्र देवांगन माटी महेश कटारे महेश कुमार गोंड हीवेट महेश सिंह महेश हीवेट मानसून मार्कण्डेय मिलन चौरसिया मिलन मिलान कुन्देरा मिशेल फूको मिश्रीमल जैन तरंगित मीनू पामर मुकेश वर्मा मुक्तिबोध मुर्दहिया मृदुला गर्ग मेराज फैज़ाबादी मैक्सिम गोर्की मैथिली शरण गुप्त मोतीलाल जोतवाणी मोहन कल्पना मोहन वर्मा यशवंत कोठारी यशोधरा विरोदय यात्रा संस्मरण योग योग दिवस योगासन योगेन्द्र प्रताप मौर्य योगेश अग्रवाल रक्षा बंधन रच रचना समय रजनीश कांत रत्ना राय रमेश उपाध्याय रमेश राज रमेशराज रवि रतलामी रवींद्र नाथ ठाकुर रवीन्द्र अग्निहोत्री रवीन्द्र नाथ त्यागी रवीन्द्र संगीत रवीन्द्र सहाय वर्मा रसोई रांगेय राघव राकेश अचल राकेश दुबे राकेश बिहारी राकेश भ्रमर राकेश मिश्र राजकुमार कुम्भज राजन कुमार राजशेखर चौबे राजीव रंजन उपाध्याय राजेन्द्र कुमार राजेन्द्र विजय राजेश कुमार राजेश गोसाईं राजेश जोशी राधा कृष्ण राधाकृष्ण राधेश्याम द्विवेदी राम कृष्ण खुराना राम शिव मूर्ति यादव रामचंद्र शुक्ल रामचन्द्र शुक्ल रामचरन गुप्त रामवृक्ष सिंह रावण राहुल कुमार राहुल सिंह रिंकी मिश्रा रिचर्ड फाइनमेन रिलायंस इन्फोकाम रीटा शहाणी रेंसमवेयर रेणु कुमारी रेवती रमण शर्मा रोहित रुसिया लक्ष्मी यादव लक्ष्मीकांत मुकुल लक्ष्मीकांत वैष्णव लखमी खिलाणी लघु कथा लघुकथा लतीफ घोंघी ललित ग ललित गर्ग ललित निबंध ललित साहू जख्मी ललिता भाटिया लाल पुष्प लावण्या दीपक शाह लीलाधर मंडलोई लू सुन लूट लोक लोककथा लोकतंत्र का दर्द लोकमित्र लोकेन्द्र सिंह विकास कुमार विजय केसरी विजय शिंदे विज्ञान कथा विद्यानंद कुमार विनय भारत विनीत कुमार विनीता शुक्ला विनोद कुमार दवे विनोद तिवारी विनोद मल्ल विभा खरे विमल चन्द्राकर विमल सिंह विरल पटेल विविध विविधा विवेक प्रियदर्शी विवेक रंजन श्रीवास्तव विवेक सक्सेना विवेकानंद विवेकानन्द विश्वंभर नाथ शर्मा कौशिक विश्वनाथ प्रसाद तिवारी विष्णु नागर विष्णु प्रभाकर वीणा भाटिया वीरेन्द्र सरल वेणीशंकर पटेल ब्रज वेलेंटाइन वेलेंटाइन डे वैभव सिंह व्यंग्य व्यंग्य के बहाने व्यंग्य जुगलबंदी व्यथित हृदय शंकर पाटील शगुन अग्रवाल शबनम शर्मा शब्द संधान शम्भूनाथ शरद कोकास शशांक मिश्र भारती शशिकांत सिंह शहीद भगतसिंह शामिख़ फ़राज़ शारदा नरेन्द्र मेहता शालिनी तिवारी शालिनी मुखरैया शिक्षक दिवस शिवकुमार कश्यप शिवप्रसाद कमल शिवरात्रि शिवेन्‍द्र प्रताप त्रिपाठी शीला नरेन्द्र त्रिवेदी शुभम श्री शुभ्रता मिश्रा शेखर मलिक शेषनाथ प्रसाद शैलेन्द्र सरस्वती शैलेश त्रिपाठी शौचालय श्याम गुप्त श्याम सखा श्याम श्याम सुशील श्रीनाथ सिंह श्रीमती तारा सिंह श्रीमद्भगवद्गीता श्रृंगी श्वेता अरोड़ा संजय दुबे संजय सक्सेना संजीव संजीव ठाकुर संद मदर टेरेसा संदीप तोमर संपादकीय संस्मरण संस्मरण लेखन पुरस्कार 2018 सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन सतीश कुमार त्रिपाठी सपना महेश सपना मांगलिक समीक्षा सरिता पन्थी सविता मिश्रा साइबर अपराध साइबर क्राइम साक्षात्कार सागर यादव जख्मी सार्थक देवांगन सालिम मियाँ साहित्य समाचार साहित्यिक गतिविधियाँ साहित्यिक बगिया सिंहासन बत्तीसी सिद्धार्थ जगन्नाथ जोशी सी.बी.श्रीवास्तव विदग्ध सीताराम गुप्ता सीताराम साहू सीमा असीम सक्सेना सीमा शाहजी सुगन आहूजा सुचिंता कुमारी सुधा गुप्ता अमृता सुधा गोयल नवीन सुधेंदु पटेल सुनीता काम्बोज सुनील जाधव सुभाष चंदर सुभाष चन्द्र कुशवाहा सुभाष नीरव सुभाष लखोटिया सुमन सुमन गौड़ सुरभि बेहेरा सुरेन्द्र चौधरी सुरेन्द्र वर्मा सुरेश चन्द्र सुरेश चन्द्र दास सुविचार सुशांत सुप्रिय सुशील कुमार शर्मा सुशील यादव सुशील शर्मा सुषमा गुप्ता सुषमा श्रीवास्तव सूरज प्रकाश सूर्य बाला सूर्यकांत मिश्रा सूर्यकुमार पांडेय सेल्फी सौमित्र सौरभ मालवीय स्नेहमयी चौधरी स्वच्छ भारत स्वतंत्रता दिवस स्वराज सेनानी हबीब तनवीर हरि भटनागर हरि हिमथाणी हरिकांत जेठवाणी हरिवंश राय बच्चन हरिशंकर गजानंद प्रसाद देवांगन हरिशंकर परसाई हरीश कुमार हरीश गोयल हरीश नवल हरीश भादानी हरीश सम्यक हरे प्रकाश उपाध्याय हाइकु हाइगा हास-परिहास हास्य हास्य-व्यंग्य हिंदी दिवस विशेष हुस्न तबस्सुम 'निहाँ' biography dohe hindi divas hindi sahitya indian art kavita review satire shatak tevari undefined
नाम

 आलेख ,1, कविता ,1, कहानी ,1, व्यंग्य ,1,14 सितम्बर,7,14 september,6,15 अगस्त,4,2 अक्टूबर अक्तूबर,1,अंजनी श्रीवास्तव,1,अंजली काजल,1,अंजली देशपांडे,1,अंबिकादत्त व्यास,1,अखिलेश कुमार भारती,1,अखिलेश सोनी,1,अग्रसेन,1,अजय अरूण,1,अजय वर्मा,1,अजित वडनेरकर,1,अजीत प्रियदर्शी,1,अजीत भारती,1,अनंत वडघणे,1,अनन्त आलोक,1,अनमोल विचार,1,अनामिका,3,अनामी शरण बबल,1,अनिमेष कुमार गुप्ता,1,अनिल कुमार पारा,1,अनिल जनविजय,1,अनुज कुमार आचार्य,5,अनुज कुमार आचार्य बैजनाथ,1,अनुज खरे,1,अनुपम मिश्र,1,अनूप शुक्ल,14,अपर्णा शर्मा,6,अभिमन्यु,1,अभिषेक ओझा,1,अभिषेक कुमार अम्बर,1,अभिषेक मिश्र,1,अमरपाल सिंह आयुष्कर,2,अमरलाल हिंगोराणी,1,अमित शर्मा,3,अमित शुक्ल,1,अमिय बिन्दु,1,अमृता प्रीतम,1,अरविन्द कुमार खेड़े,5,अरूण देव,1,अरूण माहेश्वरी,1,अर्चना चतुर्वेदी,1,अर्चना वर्मा,2,अर्जुन सिंह नेगी,1,अविनाश त्रिपाठी,1,अशोक गौतम,3,अशोक जैन पोरवाल,14,अशोक शुक्ल,1,अश्विनी कुमार आलोक,1,आई बी अरोड़ा,1,आकांक्षा यादव,1,आचार्य बलवन्त,1,आचार्य शिवपूजन सहाय,1,आजादी,3,आदित्य प्रचंडिया,1,आनंद टहलरामाणी,1,आनन्द किरण,3,आर. के. नारायण,1,आरकॉम,1,आरती,1,आरिफा एविस,5,आलेख,3794,आलोक कुमार,2,आलोक कुमार सातपुते,1,आशीष कुमार त्रिवेदी,5,आशीष श्रीवास्तव,1,आशुतोष,1,आशुतोष शुक्ल,1,इंदु संचेतना,1,इन्दिरा वासवाणी,1,इन्द्रमणि उपाध्याय,1,इन्द्रेश कुमार,1,इलाहाबाद,2,ई-बुक,326,ईबुक,182,ईश्वरचन्द्र,1,उपन्यास,257,उपासना,1,उपासना बेहार,5,उमाशंकर सिंह परमार,1,उमेश चन्द्र सिरसवारी,2,उमेशचन्द्र सिरसवारी,1,उषा छाबड़ा,1,उषा रानी,1,ऋतुराज सिंह कौल,1,ऋषभचरण जैन,1,एम. एम. चन्द्रा,17,एस. एम. चन्द्रा,2,कथासरित्सागर,1,कर्ण,1,कला जगत,105,कलावंती सिंह,1,कल्पना कुलश्रेष्ठ,11,कवि,2,कविता,2744,कहानी,2070,कहानी संग्रह,245,काजल कुमार,7,कान्हा,1,कामिनी कामायनी,5,कार्टून,7,काशीनाथ सिंह,2,किताबी कोना,7,किरन सिंह,1,किशोरी लाल गोस्वामी,1,कुंवर प्रेमिल,1,कुबेर,7,कुमार करन मस्ताना,1,कुसुमलता सिंह,1,कृश्न चन्दर,6,कृष्ण,3,कृष्ण कुमार यादव,1,कृष्ण खटवाणी,1,कृष्ण जन्माष्टमी,5,के. पी. सक्सेना,1,केदारनाथ सिंह,1,कैलाश मंडलोई,3,कैलाश वानखेड़े,1,कैशलेस,1,कैस जौनपुरी,3,क़ैस जौनपुरी,1,कौशल किशोर श्रीवास्तव,1,खिमन मूलाणी,1,गंगा प्रसाद श्रीवास्तव,1,गंगाप्रसाद शर्मा गुणशेखर,1,ग़ज़लें,484,गजानंद प्रसाद देवांगन,2,गजेन्द्र नामदेव,1,गणि राजेन्द्र विजय,1,गणेश चतुर्थी,1,गणेश सिंह,4,गांधी जयंती,1,गिरधारी राम,4,गीत,3,गीता दुबे,1,गीता सिंह,1,गुंजन शर्मा,1,गुडविन मसीह,2,गुनो सामताणी,1,गुरदयाल सिंह,1,गोरख प्रभाकर काकडे,1,गोवर्धन यादव,1,गोविन्द वल्लभ पंत,1,गोविन्द सेन,5,चंद्रकला त्रिपाठी,1,चंद्रलेखा,1,चतुष्पदी,1,चन्द्रकिशोर जायसवाल,1,चन्द्रकुमार जैन,6,चाँद पत्रिका,1,चिकित्सा शिविर,1,चुटकुला,71,ज़कीया ज़ुबैरी,1,जगदीप सिंह दाँगी,1,जयचन्द प्रजापति कक्कूजी,2,जयश्री जाजू,4,जयश्री राय,1,जया जादवानी,1,जवाहरलाल कौल,1,जसबीर चावला,1,जावेद अनीस,8,जीवंत प्रसारण,129,जीवनी,1,जीशान हैदर जैदी,1,जुगलबंदी,5,जुनैद अंसारी,1,जैक लंडन,1,ज्ञान चतुर्वेदी,2,ज्योति अग्रवाल,1,टेकचंद,1,ठाकुर प्रसाद सिंह,1,तकनीक,30,तक्षक,1,तनूजा चौधरी,1,तरुण भटनागर,1,तरूण कु सोनी तन्वीर,1,ताराशंकर बंद्योपाध्याय,1,तीर्थ चांदवाणी,1,तुलसीराम,1,तेजेन्द्र शर्मा,2,तेवर,1,तेवरी,8,त्रिलोचन,8,दामोदर दत्त दीक्षित,1,दिनेश बैस,6,दिलबाग सिंह विर्क,1,दिलीप भाटिया,1,दिविक रमेश,1,दीपक आचार्य,48,दुर्गाष्टमी,1,देवी नागरानी,20,देवेन्द्र कुमार मिश्रा,2,देवेन्द्र पाठक महरूम,1,दोहे,1,धर्मेन्द्र निर्मल,2,धर्मेन्द्र राजमंगल,2,नइमत गुलची,1,नजीर नज़ीर अकबराबादी,1,नन्दलाल भारती,2,नरेंद्र शुक्ल,2,नरेन्द्र कुमार आर्य,1,नरेन्द्र कोहली,2,नरेन्‍द्रकुमार मेहता,9,नलिनी मिश्र,1,नवदुर्गा,1,नवरात्रि,1,नागार्जुन,1,नाटक,88,नामवर सिंह,1,निबंध,3,नियम,1,निर्मल गुप्ता,2,नीतू सुदीप्ति ‘नित्या’,1,नीरज खरे,1,नीलम महेंद्र,1,नीला प्रसाद,1,पंकज प्रखर,4,पंकज मित्र,2,पंकज शुक्ला,1,पंकज सुबीर,3,परसाई,1,परसाईं,1,परिहास,4,पल्लव,1,पल्लवी त्रिवेदी,2,पवन तिवारी,2,पाक कला,22,पाठकीय,61,पालगुम्मि पद्मराजू,1,पुनर्वसु जोशी,9,पूजा उपाध्याय,2,पोपटी हीरानंदाणी,1,पौराणिक,1,प्रज्ञा,1,प्रताप सहगल,1,प्रतिभा,1,प्रतिभा सक्सेना,1,प्रदीप कुमार,1,प्रदीप कुमार दाश दीपक,1,प्रदीप कुमार साह,11,प्रदोष मिश्र,1,प्रभात दुबे,1,प्रभु चौधरी,2,प्रमिला भारती,1,प्रमोद कुमार तिवारी,1,प्रमोद भार्गव,2,प्रमोद यादव,14,प्रवीण कुमार झा,1,प्रांजल धर,1,प्राची,309,प्रियंवद,2,प्रियदर्शन,1,प्रेम कहानी,1,प्रेम दिवस,2,प्रेम मंगल,1,फिक्र तौंसवी,1,फ्लेनरी ऑक्नर,1,बंग महिला,1,बंसी खूबचंदाणी,1,बकर पुराण,1,बजरंग बिहारी तिवारी,1,बरसाने लाल चतुर्वेदी,1,बलबीर दत्त,1,बलराज सिंह सिद्धू,1,बलूची,1,बसंत त्रिपाठी,2,बातचीत,1,बाल कथा,326,बाल कलम,23,बाल दिवस,3,बालकथा,48,बालकृष्ण भट्ट,1,बालगीत,8,बृज मोहन,2,बृजेन्द्र श्रीवास्तव उत्कर्ष,1,बेढब बनारसी,1,बैचलर्स किचन,1,बॉब डिलेन,1,भरत त्रिवेदी,1,भागवत रावत,1,भारत कालरा,1,भारत भूषण अग्रवाल,1,भारत यायावर,2,भावना राय,1,भावना शुक्ल,5,भीष्म साहनी,1,भूतनाथ,1,भूपेन्द्र कुमार दवे,1,मंजरी शुक्ला,2,मंजीत ठाकुर,1,मंजूर एहतेशाम,1,मंतव्य,1,मथुरा प्रसाद नवीन,1,मदन सोनी,1,मधु त्रिवेदी,2,मधु संधु,1,मधुर नज्मी,1,मधुरा प्रसाद नवीन,1,मधुरिमा प्रसाद,1,मधुरेश,1,मनीष कुमार सिंह,4,मनोज कुमार,6,मनोज कुमार झा,5,मनोज कुमार पांडेय,1,मनोज कुमार श्रीवास्तव,2,मनोज दास,1,ममता सिंह,2,मयंक चतुर्वेदी,1,महापर्व छठ,1,महाभारत,2,महावीर प्रसाद द्विवेदी,1,महाशिवरात्रि,1,महेंद्र भटनागर,3,महेन्द्र देवांगन माटी,1,महेश कटारे,1,महेश कुमार गोंड हीवेट,2,महेश सिंह,2,महेश हीवेट,1,मानसून,1,मार्कण्डेय,1,मिलन चौरसिया मिलन,1,मिलान कुन्देरा,1,मिशेल फूको,8,मिश्रीमल जैन तरंगित,1,मीनू पामर,2,मुकेश वर्मा,1,मुक्तिबोध,1,मुर्दहिया,1,मृदुला गर्ग,1,मेराज फैज़ाबादी,1,मैक्सिम गोर्की,1,मैथिली शरण गुप्त,1,मोतीलाल जोतवाणी,1,मोहन कल्पना,1,मोहन वर्मा,1,यशवंत कोठारी,8,यशोधरा विरोदय,2,यात्रा संस्मरण,16,योग,3,योग दिवस,3,योगासन,2,योगेन्द्र प्रताप मौर्य,1,योगेश अग्रवाल,2,रक्षा बंधन,1,रच,1,रचना समय,72,रजनीश कांत,2,रत्ना राय,1,रमेश उपाध्याय,1,रमेश राज,26,रमेशराज,8,रवि रतलामी,2,रवींद्र नाथ ठाकुर,1,रवीन्द्र अग्निहोत्री,4,रवीन्द्र नाथ त्यागी,1,रवीन्द्र संगीत,1,रवीन्द्र सहाय वर्मा,1,रसोई,1,रांगेय राघव,1,राकेश अचल,3,राकेश दुबे,1,राकेश बिहारी,1,राकेश भ्रमर,5,राकेश मिश्र,2,राजकुमार कुम्भज,1,राजन कुमार,2,राजशेखर चौबे,6,राजीव रंजन उपाध्याय,11,राजेन्द्र कुमार,1,राजेन्द्र विजय,1,राजेश कुमार,1,राजेश गोसाईं,2,राजेश जोशी,1,राधा कृष्ण,1,राधाकृष्ण,1,राधेश्याम द्विवेदी,5,राम कृष्ण खुराना,6,राम शिव मूर्ति यादव,1,रामचंद्र शुक्ल,1,रामचन्द्र शुक्ल,1,रामचरन गुप्त,5,रामवृक्ष सिंह,10,रावण,1,राहुल कुमार,1,राहुल सिंह,1,रिंकी मिश्रा,1,रिचर्ड फाइनमेन,1,रिलायंस इन्फोकाम,1,रीटा शहाणी,1,रेंसमवेयर,1,रेणु कुमारी,1,रेवती रमण शर्मा,1,रोहित रुसिया,1,लक्ष्मी यादव,6,लक्ष्मीकांत मुकुल,2,लक्ष्मीकांत वैष्णव,1,लखमी खिलाणी,1,लघु कथा,226,लघुकथा,808,लतीफ घोंघी,1,ललित ग,1,ललित गर्ग,13,ललित निबंध,18,ललित साहू जख्मी,1,ललिता भाटिया,2,लाल पुष्प,1,लावण्या दीपक शाह,1,लीलाधर मंडलोई,1,लू सुन,1,लूट,1,लोक,1,लोककथा,306,लोकतंत्र का दर्द,1,लोकमित्र,1,लोकेन्द्र सिंह,3,विकास कुमार,1,विजय केसरी,1,विजय शिंदे,1,विज्ञान कथा,57,विद्यानंद कुमार,1,विनय भारत,1,विनीत कुमार,2,विनीता शुक्ला,3,विनोद कुमार दवे,4,विनोद तिवारी,1,विनोद मल्ल,1,विभा खरे,1,विमल चन्द्राकर,1,विमल सिंह,1,विरल पटेल,1,विविध,1,विविधा,1,विवेक प्रियदर्शी,1,विवेक रंजन श्रीवास्तव,5,विवेक सक्सेना,1,विवेकानंद,1,विवेकानन्द,1,विश्वंभर नाथ शर्मा कौशिक,2,विश्वनाथ प्रसाद तिवारी,1,विष्णु नागर,1,विष्णु प्रभाकर,1,वीणा भाटिया,15,वीरेन्द्र सरल,10,वेणीशंकर पटेल ब्रज,1,वेलेंटाइन,3,वेलेंटाइन डे,2,वैभव सिंह,1,व्यंग्य,1882,व्यंग्य के बहाने,2,व्यंग्य जुगलबंदी,17,व्यथित हृदय,2,शंकर पाटील,1,शगुन अग्रवाल,1,शबनम शर्मा,7,शब्द संधान,17,शम्भूनाथ,1,शरद कोकास,2,शशांक मिश्र भारती,8,शशिकांत सिंह,12,शहीद भगतसिंह,1,शामिख़ फ़राज़,1,शारदा नरेन्द्र मेहता,1,शालिनी तिवारी,8,शालिनी मुखरैया,6,शिक्षक दिवस,6,शिवकुमार कश्यप,1,शिवप्रसाद कमल,1,शिवरात्रि,1,शिवेन्‍द्र प्रताप त्रिपाठी,1,शीला नरेन्द्र त्रिवेदी,1,शुभम श्री,1,शुभ्रता मिश्रा,1,शेखर मलिक,1,शेषनाथ प्रसाद,1,शैलेन्द्र सरस्वती,3,शैलेश त्रिपाठी,2,शौचालय,1,श्याम गुप्त,3,श्याम सखा श्याम,1,श्याम सुशील,2,श्रीनाथ सिंह,6,श्रीमती तारा सिंह,2,श्रीमद्भगवद्गीता,1,श्रृंगी,1,श्वेता अरोड़ा,1,संजय दुबे,4,संजय सक्सेना,1,संजीव,1,संजीव ठाकुर,2,संद मदर टेरेसा,1,संदीप तोमर,1,संपादकीय,3,संस्मरण,637,संस्मरण लेखन पुरस्कार 2018,128,सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन,1,सतीश कुमार त्रिपाठी,2,सपना महेश,1,सपना मांगलिक,1,समीक्षा,676,सरिता पन्थी,1,सविता मिश्रा,1,साइबर अपराध,1,साइबर क्राइम,1,साक्षात्कार,14,सागर यादव जख्मी,1,सार्थक देवांगन,2,सालिम मियाँ,1,साहित्य समाचार,52,साहित्यिक गतिविधियाँ,181,साहित्यिक बगिया,1,सिंहासन बत्तीसी,1,सिद्धार्थ जगन्नाथ जोशी,1,सी.बी.श्रीवास्तव विदग्ध,1,सीताराम गुप्ता,1,सीताराम साहू,1,सीमा असीम सक्सेना,1,सीमा शाहजी,1,सुगन आहूजा,1,सुचिंता कुमारी,1,सुधा गुप्ता अमृता,1,सुधा गोयल नवीन,1,सुधेंदु पटेल,1,सुनीता काम्बोज,1,सुनील जाधव,1,सुभाष चंदर,1,सुभाष चन्द्र कुशवाहा,1,सुभाष नीरव,1,सुभाष लखोटिया,1,सुमन,1,सुमन गौड़,1,सुरभि बेहेरा,1,सुरेन्द्र चौधरी,1,सुरेन्द्र वर्मा,62,सुरेश चन्द्र,1,सुरेश चन्द्र दास,1,सुविचार,1,सुशांत सुप्रिय,4,सुशील कुमार शर्मा,24,सुशील यादव,6,सुशील शर्मा,16,सुषमा गुप्ता,20,सुषमा श्रीवास्तव,2,सूरज प्रकाश,1,सूर्य बाला,1,सूर्यकांत मिश्रा,14,सूर्यकुमार पांडेय,2,सेल्फी,1,सौमित्र,1,सौरभ मालवीय,4,स्नेहमयी चौधरी,1,स्वच्छ भारत,1,स्वतंत्रता दिवस,3,स्वराज सेनानी,1,हबीब तनवीर,1,हरि भटनागर,6,हरि हिमथाणी,1,हरिकांत जेठवाणी,1,हरिवंश राय बच्चन,1,हरिशंकर गजानंद प्रसाद देवांगन,4,हरिशंकर परसाई,23,हरीश कुमार,1,हरीश गोयल,1,हरीश नवल,1,हरीश भादानी,1,हरीश सम्यक,2,हरे प्रकाश उपाध्याय,1,हाइकु,5,हाइगा,1,हास-परिहास,38,हास्य,51,हास्य-व्यंग्य,52,हिंदी दिवस विशेष,9,हुस्न तबस्सुम 'निहाँ',1,biography,1,dohe,3,hindi divas,6,hindi sahitya,1,indian art,1,kavita,3,review,1,satire,1,shatak,3,tevari,3,undefined,1,
ltr
item
रचनाकार: फ्रेंक्‍वाइस सागा की कहानी - एक वर्ष बाद
फ्रेंक्‍वाइस सागा की कहानी - एक वर्ष बाद
http://lh5.ggpht.com/-ahqlSWQ95bI/UA5KE-1H_YI/AAAAAAAAM9s/OT0qjDq68I0/image%25255B2%25255D.png?imgmax=800
http://lh5.ggpht.com/-ahqlSWQ95bI/UA5KE-1H_YI/AAAAAAAAM9s/OT0qjDq68I0/s72-c/image%25255B2%25255D.png?imgmax=800
रचनाकार
http://www.rachanakar.org/2013/10/blog-post_8.html
http://www.rachanakar.org/
http://www.rachanakar.org/
http://www.rachanakar.org/2013/10/blog-post_8.html
true
15182217
UTF-8
सभी पोस्ट लोड किया गया कोई पोस्ट नहीं मिला सभी देखें आगे पढ़ें जवाब दें जवाब रद्द करें मिटाएँ द्वारा मुखपृष्ठ पृष्ठ पोस्ट सभी देखें आपके लिए और रचनाएँ विषय ग्रंथालय खोजें सभी पोस्ट आपके निवेदन से संबंधित कोई पोस्ट नहीं मिला मुख पृष्ठ पर वापस रविवार सोमवार मंगलवार बुधवार गुरूवार शुक्रवार शनिवार रवि सो मं बु गु शु शनि जनवरी फरवरी मार्च अप्रैल मई जून जुलाई अगस्त सितंबर अक्तूबर नवंबर दिसंबर जन फर मार्च अप्रैल मई जून जुला अग सितं अक्तू नवं दिसं अभी अभी 1 मिनट पहले $$1$$ minutes ago 1 घंटा पहले $$1$$ hours ago कल $$1$$ days ago $$1$$ weeks ago 5 सप्ताह से भी पहले फॉलोअर फॉलो करें यह प्रीमियम सामग्री तालाबंद है चरण 1: साझा करें. चरण 2: ताला खोलने के लिए साझा किए लिंक पर क्लिक करें सभी कोड कॉपी करें सभी कोड चुनें सभी कोड आपके क्लिपबोर्ड में कॉपी हैं कोड / टैक्स्ट कॉपी नहीं किया जा सका. कॉपी करने के लिए [CTRL]+[C] (या Mac पर CMD+C ) कुंजियाँ दबाएँ