गुरुवार, 31 अक्तूबर 2013

महावीर सरन जैन का संस्मरण - राजेन्द्र यादव : खट्टी मीठी यादें

राजेन्द्र यादवः खट्टी और मीठी यादें           प्रोफेसर महावीर सरन जैन कल राजेन्द्र यादव के निधन का दुखद समाचार मिला और राजेन्द्र या...

प्रमोद यादव की कहानी - एक ताज और...

एक ताज और.../ प्रमोद यादव          न मालूम जिंदगी के हर मोड पर मेरे साथ ऐसा क्यों होता है कि सुख और दुःख..खुशी और गम दोनो...

शुक्रवार, 25 अक्तूबर 2013

कामिनी कामायनी की पाँच मैथिली कविताएं, हिंदी अनुवाद सहित ।

पाँच मैथिली कविताएं ,अनुवाद सहित । 1,शहरी सभ्यता नित ऊपर उठै छै मचान , नै आँगन बांचल नै दलान । घर स गरबहिया दैत घर , ऊपर स नीचा ,घरे घर ।...

यतीन्द्र नाथ चतुर्वेदी का आलेख - नारी वेदना

नारी वेदना:आस्था-अनास्था की पगडंडियों पर श्रद्धेय होने की [यतीन्द्र नाथ चतुर्वेदी] समाज व्यक्तियों और परिवारों का समूह है। समाज की व्यवस्थ...

जसबीर चावला की चुनावी आचार संहिता पर 5 'अचारी कविताएं'

आचार संहिता पर 5 'अचारी कविताएं' '''''''''''''''''''...

कुबेर के तीन व्यंग्य

कुबेर Mo- 9407685557 1 दांत निपोरना भी एक कला है बत्तीसी विहीन सुंदरता की कल्पना बेमानी है। दूध के दांतों के झड़ने और अकल के दांतों (दाढ़ो...

पुनीत बिसारिया का आलेख - स्त्री विमर्श के सुलगते सवाल

स्त्री विमर्श के सुलगते सवाल (डॉ0 पुनीत बिसारिया)‘ ‘प्राचीन और आधुनिक नारी की स्थिति में जो अंतर नज़र आता है, वो ऐसा जैसे किसी पुरानी किताब...

तेलुगु कविता - कर्लपालेम् हनुमन्त राव की कविता

‘वह’ और हम     ‘उसकी’ कीटनाशक दवाओं को आदमियों पर ही इतना प्रेम क्यों?     ज़हर...जब मिथाइल आइसो साइनेड़ के छद्म वेष में...     शहर पर टूट पड़...

विजय शिंदे का आलेख - धूमिल की कविता में आदमी

धूमिल की कविता में आदमी डॉ. विजय शिंदे प्रस्तावना – सुदामा पांडे ‘धूमिल’ जी का नाम हिंदी साहित्य में सम्मान के साथ लिया जाता है। तीन ही...

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