शुक्रवार, 31 जनवरी 2014

कलम की देवी - महाश्वेतादेवी

कलम की देवी - महाश्वेतादेवी डॅा. लता सुमन्त भारतीय साहित्यकारों में मूर्धन्य एवं यशस्वी लेखिका महाश्वेतादेवी वर्तिका के संपादक श्रेष्ठ कवि म...

यशवन्त कोठारी का ताज़ा व्यंग्य - ठण्ड में गरम राजनीति

ठण्‍ड में गरम राजनीति यशवन्‍त कोठारी अमेरिेका से लगाकर ठेठ जयपुर में तेज ठण्‍ड पड़ रही है। बाहर बरफ गिर रही है, हाड़ कम्‍पाती सर्दी में त...

गोवर्धन यादव का आलेख - राजधर्म और राजा के कर्तव्य

महर्षि वेद व्यास रचित महाभारत के शान्ति-पर्व में महात्मा भीष्मजी ने राजा युधिष्ठिर को राज-धर्म और राजा के कर्तव्यों आदि के बारे में विस्तार...

राजीव आनंद की 3 लघुकथाएँ

जैकपॉट जिंदगी बड़े मजे में चल रही थी संजीत और संगीता की․ दोनों ही कमाते थे․ संजीत वकालत करता था, साग-सब्‍जी भर पैसे रोज कमा लेता था और संगी...

नन्दलाल भारती का आलेख - दलित साहित्‍य संदर्भ में पेरियार ई․वी․रामास्‍वामी,ब्राह्‌मणवाद का प्रतिकार और द्रविड़वाद ।

साहित्‍य जगत में दलित साहित्‍य विशेष दर्जा प्राप्‍त कर लिया है क्‍योंकि दलित साहित्‍य स्‍वान्‍त सुखाय के वशीभूत होकर नहीं लिखा जाता है। दलि...

सिन्धी कहानी - यह भी कोई कहानी है?

सिन्धी कहानी यह भी कोई कहानी है ? मूल: गोविंद माल्ही अनुवाद: देवी नागरानी मोहन ने मुझे अपने घर पर मिलने और उसके पास रात रहने की सलाह दी,...

नन्दलाल भारती का आलेख - युवावर्ग और रचनात्‍मकता एक विवेचना

  युवावर्ग और रचनात्‍मकता एक दूसरे के पूरक हैं , युवा संरक्षक है तो रचना अथवा साहित्‍य विरासत/धरोहर। भारतीय समाज में इस साहित्‍यिक विरासत...

नन्‍दलाल भारती की कहानी - विष पुरुष

बिलारी के भाग से शिकहर टूट गयल-यह भोजपुरी कहावत धूरत प्रसाद जंगली पर बिल्‍कुल सही बैठती थी। धूरत प्रसाद जंगली निहायत स्‍वार्थी किस्‍म का आद...

सोमवार, 27 जनवरी 2014

आशीष दशोत्तर की ग़ज़लें

ग़ज़ल 1 हाथ बाँध लो, चिल्‍लाओ मत, ये भी कैसी मुश्‍किल है, झण्‍डे, परचम, लहराओ मत, ये भी कैसी मुश्‍किल है। सच,इर्मान, वफ़ा, सीधापन, नेकी, प...

सुरेश सर्वेद की कहानियाँ

छटपटाहट रा जेश्वरी आज एक नहीं दोनों पुत्रों पर बिफर पड़ी. उसने सपने में भी नहीं सोचा था कि उनके पुत्र इतने स्वार्थी हो जायेगे. सामने पिता क...

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