सोमवार, 31 मार्च 2014

मंजरी शुक्ल की कहानी - चाँदनी

चाँदनी  डॉ. मंजरी शुक्ल जब ईश्वर जरुरत से ज्यादा झोली में गिर देता हैं तो वह भी मनुष्य के लिए अहंकार और पतन का कारण बन जाता हैं I ऐसा ही कु...

सैयद एस. तौहीद का आलेख - फाग़ हरेक जीवन में खुशियों के रंग लेकर नहीं आता

फाग़ हरेक जीवन में खुशियों के रंग लेकर नहीं आता ------------------------------------------------ फाग़ के दिनों में राजेन्द्र सिंह बेदी की फिल्...

पुस्तक समीक्षा - खामोशी को शब्‍द देती कविताएं

पुस्‍तक समीक्षा अनन्‍त आलोक खामोशी को शब्‍द देती कविताएं घटनाएं बोलती नही हैं। पूछती भी नहीं , वे तो केवल घटित होती हैं और कर देती हैं अपन...

देवेन्द्र सुथार की लघुकथा - गलत तस्वीर

गलत तस्वीर शहर की मुख्य सडक पर डाकघर के बाहर कूडाघर बरसोँ से बना हुआ था। कचरे की पेटी के बाहर कचरा बिखरा रहता था। उसमेँ कुत्ते,बिल्लियां,गा...

अशोक बाबू माहौर की कहानी - छोटी गंगा

छोटी गंगा (कहानी)     `कोई मेरे घर को,स्वर्ग बना दे       तोड़कर तारे आसमाँ से,जमीन पर ला दे` भानु सुबह-सुबह यही पंक्तियाँ दोहराते रहते,कभी ...

वीरेन्द्र सरल का व्यंग्य - घोषणा-पत्र लेखक

व्‍यंग्‍य घोषणा-पत्र लेखक वीरेन्‍द्र ‘सरल‘ मुझे सत्‍यानाशी ‘निराश‘ कहते हैं। मैं घोपलेस के संस्‍थापक सदस्‍यों में से एक हूँ। संभव है घोपलेस...

कुबेर की लघु व्यंग्य कथा - विलुप्त प्रजाति का भारतीय मानव

उस दिन यमराज के पास और एक विचित्र केस आया। केस स्टडी करने के बाद यमराज को बड़ा सुखद आश्चर्य हुआ। उन्हें लगा कि इस केस को ईश्वर की जानकारी मे...

श्याम यादव का व्यंग्य - व्हाट एन आईडिया सर जी

आ ईडिया , आईडिया है वह किसी को भी आ सकता है ये आईडिया पर निर्भर करता है कि वे किस को किस तरह से और किस रूप में आता है, वैसे तो आईडिया के आने...

मंजरी शुक्ल की कहानी - स्वयंसिद्धा

उसके नाम के बिना शायद में कभी अपना वजूद सोच भी नहीं सकती थी ,फिर आखिर ऐसा क्या हुआ कि वो मुझसे मानसिक तौर पर जुदा हो गया I शारीरिक जरूरतें ...

अशोक गौतम का व्यंग्य - हर वोटर एक माल

कल तक अपने जिस मुहल्ले में हफ्तों रेहड़ी वाले के दर्शनों को आंखें तड़प जाती थीं , आज चिड़ियों के चहकने से पहले ही बिस्तर में दुबके दुबके रेह...

रविवार, 30 मार्च 2014

हरदर्शन सहगल की आत्मकथा - डगर डगर पर मगर : अंतिम भाग

" ... एक साहित्‍यिक कार्यक्रम में मुझे अध्‍यक्षता / मुख्‍य अतिथि के रूप में बुलाया था और जैसा कि होता है, एक करोड़पति को भी। अभी हम मं...

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