मंगलवार, 4 मार्च 2014

रचनाकार की कहानियों का आनंद अब लें रेडियो छानपरदेसी पर सुनकर!

रेडियो छानपरदेसी (http://www.channpardesi.com/ ) की रेडियोजॉकी - अल्का शर्मा प्रत्येक बुधवार, भारतीय समयानुसार रात्रि 8.30 बजे कथासागर नाम से कहानियों का पाठ करती हैं.

रचनाकार.ऑर्ग की चुनिंदा कहानियों का भी वे नियमित पाठ करेंगी, जिनकी कड़ियां बाद में भी सुनने सुनाने व एमपी3/ऑग-वॉर्बिस में डाउनलोड करने के लिए ऑनलाइन उपलब्ध रहेंगी.

अल्का शर्मा जी को बहुत-2 धन्यवाद.

इस बार प्रस्तुत है शशिकांत सिंह 'शशि' की कहानी - धरती पर एक दिन.

इसे आप नीचे दिए गए प्लेयर के प्ले बटन पर क्लिक कर यहीं सुन सकते हैं अथवा आर्काइव.ऑर्ग की इस कड़ी https://archive.org/details/RJAlkaKathasagar2DhartiParEkDin  पर जाकर सुन सकते हैं या अपने मोबाइल/टैबलेट/कंप्यूटिंग/मीडिया उपकरणों में बजाकर सुनने के लिए mp3 फ़ाइल के रूप में डाउनलोड कर सकते हैं.

अल्का जी से प्राप्त कुछ अपडेट - कल याने wednesday को भारतीय समयानुसार रात 9:30pm, मेरी कहानी Chann Pardesi Radio पर प्रसारित होगी आपसे गुजारिश है कि सुनने के बाद कृपया मुझे सही सलाह दे, कहानी प्रस्तुति के लिए । यह एक नयी कोशिश है और मेरी ये तीसरी कहानी है । एक और खास बात वो यह कि रेडियो का नाम "चन " परदेसी है । To Listen to our radio - go to www.channpardesiradio.com and click on LISTEN LIVE and Click on HINDI .

0 blogger-facebook

एक टिप्पणी भेजें

रचनाओं पर आपकी बेबाक समीक्षा व अमूल्य टिप्पणियों के लिए आपका हार्दिक धन्यवाद.

स्पैम टिप्पणियों (वायरस डाउनलोडर युक्त कड़ियों वाले) की रोकथाम हेतु टिप्पणियों का मॉडरेशन लागू है. अतः आपकी टिप्पणियों को यहाँ प्रकट होने में कुछ समय लग सकता है.

----

प्रकाशनार्थ रचनाएँ आमंत्रित हैं...

1 करोड़ से अधिक पृष्ठ-पठन, 1.5 लाख गूगल+ अनुसरणकर्ता, 1500 से अधिक सदस्य

/ 2,500 से अधिक नियमित ग्राहक तथा 2000 से अधिक फ़ेसबुक प्रसंशक
/ प्रतिमाह 10,00,000(दस लाख) से अधिक पाठक
/ 10,000 से अधिक हर विधा की साहित्यिक रचनाएँ प्रकाशित
/ आप भी अपनी रचनाओं को इंटरनेट के विशाल पाठक वर्ग का नया विस्तार दें, आज ही नाका से जुड़ें. नाका में प्रकाशनार्थ रचनाओं का स्वागत है.किसी भी फ़ॉन्ट, टैक्स्ट, वर्ड या पेजमेकर फ़ाइल में रचनाएँ rachanakar@gmail.com पर ईमेल करें. अधिक जानकारी के लिए यह लिंक देखें - http://www.rachanakar.org/2005/09/blog-post_28.html

विश्व की पहली, यूनिकोडित हिंदी की सर्वाधिक प्रसारित, समृद्ध व लोकप्रिय ई-पत्रिका - नाका

मनपसंद रचनाएँ खोजकर पढ़ें
गूगल प्ले स्टोर से रचनाकार ऐप्प https://play.google.com/store/apps/details?id=com.rachanakar.org इंस्टाल करें. image

--------