शनिवार, 31 मई 2014

मुकेश कुमार का शोध आलेख - विद्यासागर नौटियाल के उपन्यासों में पहाड़ी परिवेश

विद्यासागर नौटियाल के उपन्यासों में पहाड़ी परिवेश (विद्यासागर नौटियाल) उपन्यास आधुनिक जीवन की जटिलताओं को समग्रता से प्रस्तुत करने का सशक्त...

नरेश अग्रवाल की प्रतिनिधि कविताएँ (ईबुक - कविता संग्रह)

चुनी हुई कविताएँ कवि द्वारा चयनित प्रतिनिधि कविताएँ डॉ. नरेश अग्रवाल   सर्वाधिकार सुरक्षित - डॉ. नरेश अग्रवाल इस ‘ई-पुस्तक’ का प्रकाशन डॉ....

पुस्तक समीक्षा - सपनों के वातायन

पुस्तक समीक्षा -  समीक्ष्य पुस्तक --सपनो के वातायन [कविता संग्रह \ कृतिकार --पद्मा मिश्रा प्रकाशक -सारस्वत प्रकाशन मुल्य -१२५ रु नैसर्...

पुस्तक समीक्षा - 16 आने 16 लोग

साहित्यिक मूल्यवत्ता के निकष पर ’16 आने 16 लोग ’ - डाॅ. सूर्य प्रसाद शुक्ल , डी.लिट्. साहित्य की सभी विधाओं में जीवन सत्य की शब्दार्थम...

सुनील कुमार ''सजल'' का व्यंग्य - गिरोह का समाजवाद

य ह तो हम पहले कह चुके हैं। गिरोहों के पीछे मत पड़ो। पर पुलिस वाले मानते कहाँ हैं। कहते हैं -'हम गिरोहों को पकङेगें। उनकी ऐसी -तैसी करके ...

दीपक शर्मा 'सार्थक' का व्यंग्य - यथार्थ का बलात्कार

अभी  हाथ में न्यूज़ पेपर लेकर बैठा ही था कि  दरवाज़ा जोर जोर से पीटने की आवाज़ आई, मैं समझ गया कि द्विवेदी जी आ गए हैं क्योंकि वही दरवाज़े पर ...

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