बुधवार, 27 अगस्त 2014

यशवंत कोठारी का व्यंग्य - गणपति बप्पा मोरया

गणपति बप्पा मोरया

यशवंत कोठारी

गणेशजी को याद करने के दिन आ गये हैंगणेश जो सभी देवताओं में सर्व प्रथम पूजित है, यहाँ तक की गणेशजी के पिताजी शिवजी व् माता शक्ति स्वरूपा पार्वती का नम्बर भी उनके बाद आता है गणेशजी की याद के साथ साथ उनके वहां चूहे और लड्डुओं की याद आना भी स्वाभाविक हैसरकारी फ़ाइल कुतरने में चूहे का जवाब नहीं और सरकारी गैर सरकारी भ्रस्टाचार के लड्डुओं को उदरस्थ करने में सरकारी बाबुओं , नेताओं अफसरों चमचों चाटुकारों का जवाब नहीं। गणेश चतुर्थी के पावन पर्व पर गणेश महिमा का अर्वाचीन विवेचन आनंद की अनुभूति देता है। गणेश विघ्न विनाशक है , वे हर सरकार के विघ्नों को हरने के लिए तत्पर रहते हैं

गणेश कार्तिकेय की तरह शिव -पारवती के ओरस पुत्र नहीं है, शिव की समाधि के समय पार्वती ने मिट्टी का पुतला बनाकर जीवित कर दिया बाद में शिव ने उसपर हाथी का मस्तक लगा दिया और गणेश अमरत्व को प्राप्त हो गए। गणेश में हाथी का बल, बुद्धि अहिंसक स्वभाव आ गये। बड़े कानो के कारण वे सरकारी -गैर सरकारी सभी आवाजों को खास रूप से सुन सकते हैं ,समझ सकते हैं. अपनी बुद्धि से उसका विश्लेषण कर देश ,समाज ,व्यक्ति को दिशा दे सकते हैं गणेश ास्तव में गण व्यवस्था के शलाखा पुरुष की भूमिका निभाते ैं वे निर्णय लेने की असीम क्षमता के कारण एक दन्त वाले ैं, दातो का बाकी का काम उनका मूषक निभाता है

मूषक वास्तव में काल है जो धीरे धीरे समय को काटता है ,   कालो न भुक्त्वा वय मेव भुक्त्वा की शाश्वत शानदार आवाज है मूषक के कुतरने की कला गणेश जीवन की भव बाधा ही नहीं हरते वे जीवन को मौज मस्ती मनोरंजन आनंद , सिद्धि सरस्वती भी देते ैं

महर्षि व्यास को महाभारत के लेखन में श्रुति लेखक की जरूरत पड़ी , उन्होंने गणेश से निवेदन किया और गणेश इस शर्त पर राजी हुए की लेखन रुकने पर वे अपने श्लोक महाभारत में डाल देंगे। तब से हर लेखक गणेश को अपना समझ कर लिख रहा है और लेखन में गणेशजी के कारण विषयांतर होता रहता है , गणेश है तो सरस्वती कागज पर उतरती रहती है. .

विषय गणेश हो या चूहा या फिर लड्डू सब मिल कर ही सामग्री बनाते ैं चूहा कुतरता रहता है, गणेश बनाते रहते ैं मोदक पेट में जाते रहते ैं. .चूहे से अनाज नहीं बचता ये जिन पर गणेशजी विराजमान हो कर सर्वत्र भ्रमण करते ैं, बड़े तेज तपस्वी होते ैं, वे सरकारी भंडारों में घुस कर नाज , राशन , फाइल कागज योजनायें बांध, नदी नाले सड़क पुल ,   फ्लाईओवर भवन सबको कुतरते रहते ैं अंत में बच जाती चूहों की मिंगनिया जो जनता के हाथ आती हैं

चूहे अपने काम में व्यस्त हैं गणेश अपने वाहन की रक्षा में लगे हुए ैं और मुझे तो हर नेता अफसर में गणेश दीखते ैं जो अपने वाहन को बचाने में जी जान से जुटे ैं. चूहे ैं तो गणेश सुरक्षित है गणेश है तो चूहों का कुछ भी नहीं बिगड़ सकता है चूहों को गणेशजी का अभय दान है और चूहा शहीद होकर भी गणेश रुपी अफसर को बचाता है। क्योंकि कभी न कभी फिर गणेश की कृपा प्राप्त होगी। चूहे अपने अपने मौलिक स्वरुप में मिस्टर टेन पर्सेंट बन गए ैं गणेशजी का आशीर्वाद उन्हें भी प्राप्त है और मुझे भी। कभी कभी चूहे गणेशजी का नाम लेकर बिल्ली के गले में घंटी बंधने की प्रतियोगिता भी आयोजित कर लेते हैंपरिणाम स्वरुप प्लेग का खतरा बढ़ जाता है.

गणेश महिमा अनंत है हर गली मोहल्ले में गणेश-उत्सव की धूम है चंदा करने वाले मुझे ढूंढ रहे ैं ये भी गणेश के वाहन ही है जो मुझे कुतरना चाहते हैं दरवाजे की घंटी बज गयी

जोर से बोलो

गणपति बाप्पा मोरया

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यशवंत कोठारी

८६ , लक्ष्मी नगर ब्रह्मपुरी , जयपुर

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