कौन किसके खिलाफ?

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खुदा की कसम, जब किसी मानव ने पहले पहल पत्ते का लंगोट पहना होगा तभी से वो संस्कृति के खिलाफ हो गया होगा.

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1 टिप्पणी "कौन किसके खिलाफ? "

  1. येसुदास एक अच्छे और सम्मानित गायक रहे है उस
    छेत्र के जानकर भी कहे जा सकते हैं पर भारतीय संस्कृति पर उनका यह बयान सचमुच बेतुका और
    चौंकानेवाला है अरे जींस से तो पूरी पूरी टाँगें ढक जाती है और भागदौड़ की जिन्दगी में कामकाज कॉलेज आदि
    स्थानों के लिये सुविधाजनक भी है और किसी प्रकार
    से निंदनीय भी नहीं है पर यदि वे स्कर्ट या छोटी चड्ढी या
    बिकनी के बारे में अपनी चिंता व्यक्त करते तो समझ में
    आता था पर लगता है वे उन्हें पसंद हैं

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