मंगलवार, 7 अक्तूबर 2014

चन्द्रकुमार जैन का आलेख - क्या आप पीआरओ बनना चाहते हैं ? 

क्या आप पीआरओ बनना चाहते हैं ? 

डॉ .चन्द्रकुमार जैन 

आज बड़ी-बड़ी कंपनियों का कारोबार काफी विस्तार लिये होता है, जिसे सुचारु रूप से चलाने के लिए दूसरी कंपनियों, सरकारी विभागों तथा अन्य संस्थाओं से भी संपर्क स्थापित करना पड़ता है। अपनी आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए कंपनियां अन्य संस्थाओं का भी सहयोग लेती हैं, ऐसे में उन्हें जनसंपर्क अधिकारी की आवश्यकता पड़ती हैं, जो अन्य संस्थाओं से संपर्क बनाकर कंपनी की जरूरतों को यथा समय पूरा कर सकें।

जन संपर्क अधिकारी (पब्लिक रिलेशन ऑफिसर)  किसी भी संस्था के लिए सूचना सहायक के रूप में कार्य करता है। आज अधिकतर कंपनियों का कारोबार काफी विस्तार लिए रहता है, जिसे सुचारू रूप से चलाने के लिए दूसरी कई कंपनियों, सरकारी विभागों तथा अन्य संस्थाओं से भी संपर्क में रहना होता है। अपनी आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए कंपनियां अन्य संस्थाओं का भी सहयोग लेती हैं, ऐसे में उन्हें जनसंपर्क अधिकारी की आवश्यकता पड़ती हैं, जो अन्य संस्थाओं से संपर्क बनाकर कंपनी की जरूरतों को यथा समय पूरा कर सकें। इस कार्य का महत्व इसी बात से लगाया जा सकता है कि अब विभिन्न स्कूलों, तकनीकी शिक्षण संस्थाओं व गैर सरकारी संस्थाओं में भी जनसंपर्क अधिकारियों की नियुक्ति की जाने लगी है। 

ये जनसंपर्क अधिकारी अपनी संस्था का जनता व अन्य इकाइयों से निरं तर संपर्क बनाये रखते हैं और दोनों के मध्य एक सेतु के रूप में कार्य करते हैं। ये प्रेस रिलीज आदि प्रचार मुद्दों को भी विकसित करते हैं। जनसंपर्क अधिकारी के माध्यम से कोई भी व्यक्ति संस्था संबंधी जानकारी प्राप्त कर सकता है। इस पद के बढ़ते महत्व के कारण ही युवावर्ग, विषेशकर युवतियों का ध्यान इस ओर तेजी से आकर्षित हुआ है। जनसंपर्क अधिकारी सरकारी व गैर सरकारी दोनों प्रकार के विभागों से निरंतर संपर्क में रहता है। पहले जनसंपर्क अधिकारी के लिए कुछ विशेष योग्यता नहीं हुआ करती थी, किन्तु अब कंपनियां अपनी छवि को उजागर करने के लिए कल्पनाशील, चतुर, निपुण, व तेजतर्रार लोगों को चाहती हैं। वास्तव में यह कार्य शैक्षिक व व्यावसायिक शिक्षा से ज्यादा शारीरिक व मानसिक जागरूकता की अपेक्षा रखता है। इसलिए अकसर मिलनसार, हंसमुख व जागरूक लोग ही इस पद पर सफल हो पाते हैं। 

आज देश के कई सरकारी व निजी संस्थान इससे संबंधित पाठ्यक्रम संचालित करते हैं। इन पाठ्यक्रमों में प्रवे श के लिए योग्यता प्राय: स्नातक होती है। जनसंपर्क अधिकारी बनने के लिए सामान्य ज्ञान तथा भाषा पर पकड़ होना आवश्यक है , ताकि बदलते परिवेश की प्रत्येक जानकारी को नजर में रखा जा सके। इस पद की बढ़ती मांग को देखते हुए कई संस्थानों द्वारा जनसंपर्क अधिकारी संबंधी पाठ्यक्रम संचालित किया जाता है, जहां उन्हें एक अच्छे व कुशल जनसंपर्क अधिकारी बनने के गुण सिखाये जाते हैं तथा उनकी भाषा शैली व व्यक्तित्व का विकास किया जाता है। कई संस्थानों में जनसंपर्क को ही एक पृथक विषय के रूप में पढ़ाया जाता है तो कुछ संस्थान इसे विज्ञापन और विपणन (मार्केटिंग) के साथ पढ़ाते हैं। 

इस क्षेत्र में जनसंचार (मास कम्युनिकेशन), पत्रकारिता, कानून, शिक्षण, मनोविज्ञान तथा एम.बी.ए. आदि से जुड़े लोग भी आने लगे हैं। अब बड़े-बड़े निजी शिक्षण संस्थान भी यह पाठ्यक्रम आयोजित करने लगे हैं। जनसंपर्क अधिकारी की शिक्षा डिप्लोमा या डिग्री के रूप में दी जाती है। निजी व सरकारी दोनों प्रकार के संस्थान छात्रों को कुछ समय के लिए विभिन्न उपक्रमों व कंपनियों में ट्रेनिंग के तौर पर भी भेजते हैं। कुछ प्रशिक्षण संस्थानों ने अपने प्लेसमेंट सेल भी खोले हैं, ताकि शिक्षण-प्रशिक्षण के पश्चात छात्रों को रोजगार भी दिलाया जा सके। 

जनसंपर्क अधिकारी के लिए प्राय: लिखित परीक्षा ली जाती है, जिसमें अंग्रेजी, सामान्य ज्ञान आदि विषयों से संबंधित प्रश्न पूछे जाते हैं। कहीं-कहीं सीधे साक्षात्कार के लिए ही बुलाया जाता है। नौकरी के अलावा यदि छात्र चाहें तो अपनी जनसंपर्क एजेंसी भी स्थापित कर सकते हैं या उच्च शिक्षा प्राप्त करके शैक्षिक क्षेत्र में भी जा सकते हैं

प्रमुख शिक्षण-प्रशिक्षण संस्थान इस प्रकार हैं - भारतीय जनसंचार सं स्थान, जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय, अरुणा आसफ अली मार्ग, नई दिल्ली वाई.एम.सी.ए. इंस्टीट्यूट ऑफ मास मीडिया, जयसिंह मार्ग, नई दिल्ली भारतीय विद्या भवन, कस्तूरबा गांधी मार्ग, नई दिल्ली दिल्ली विश्वविद्यालय, दिल्ली न्यू दिल्ली पॉलिटेक्निक फॉर वुमेन, नई दिल्ली वाई.डब्ल्यू., सी.ए., नई दिल्ली राय यू निवर्सिटी, ए-41, एम.सी.आई.ई., मथुरा रोड, नई दिल्ली इंस्टीट्यूट आफ पब्लिक रिलेशन एंड मैनेजमेंट, 85, गोवबेज रोड, चेन्नई माखन लाल चतुव्रेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय, भोपाल सेंट जेवियर कॉ लेज ऑफ कम्युनिकेशन, मुंबई सेाफिया कालेज, बी.के. सोमानी, पॉलिटेक्निक, मुंबई सिं बायोसिस इंस्टीट् यू ट ऑफ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन, पुणो स्कूल ऑफ कम्युनिके शन एं ड मैनजमेंट स्टडीज, कोच्चि।

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प्राध्यापक, दिग्विजय कालेज 

राजनांदगांव। mo.09301054300

1 blogger-facebook:

  1. उत्तम सार्थक जानकारी ऐसी जानकारी उपयोगी है

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