शुक्रवार, 14 नवंबर 2014

चन्द्रकुमार जैन का आलेख - - डूडल 4 गूगल ने बाल दिवस को बनाया यादगार 

डूडल 4 गूगल ने बाल दिवस को बनाया यादगार 

डॉ.चन्द्रकुमार जैन 

गूगल द्वारा कक्षा एक से 10वीं तक के छात्रों के लिए आयोजित डूडल 4 गूगल प्रतियोगिता में आर्मी पब्लिक स्कूल,पुणे की छात्रा ने बाजी मारी। इस डूडल के लिए गूगल ने बाकायदा  जन मतदान करवाया। नेचर एंड नेचुरल पैराडाइज़ थीम पर एकाग्र प्रतियोगिता में विजेता रही इस खूबसूरत प्रविष्टि को पंडित जवाहरलाल नेहरू के जन्म दिन,बाल दिवस के अवसर पर शुभकामनाओं के साथ दुनिया के सबसे बड़े सर्च इंजन ने जारी किया। वैदेही द्वारा बनाई गई एक ड्रॉइंग में असम के वन्य जीवन का चित्रण किया गया है।

वैदेही बनीं राष्ट्रीय विजेता 

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स्मरण रहे कि गूगल ने वर्ष 2014 की डूडल 4 गूगल प्रतियोगिता के लिए 12 अक्टूबर तक प्रविष्टियां आमंत्रित की थीं। इसके लिए पब्लिक वोटिंग 27 अक्टूबर से शुरू होकर 10 नवंबर तक चली।  इस प्रतियोगिता में कक्षा एक से तीन, कक्षा चार से छह और कक्षा सात से दस के छात्रों के तीन समूहों में 12-12 प्रविष्टियां चुनी गईं । कुल 36 प्रविष्टियों में से प्रत्येक समूह से 4-4 प्रतियोगी अंतिम रूप से चुने गए। कुल 12 अंतिम प्रतियोगियों को गूगल ने अपने पेज पर डूडल के रूप में लांच किया । इसके बाद आम लोगों से हर एक कक्षा समूह के लिए एक वोट डलवाया गया। 

 

हर समूह में विजेता चुने जाने के साथ ही एक राष्ट्रीय विजेता भी चुना गया जिसके डूडल को जैसा कि पहले ही बताया गया, गूगल ने बाल दिवस पर इस साल अपने पेज पर लगाया। गौरतलब है क़ि पिछले साल इस प्रतियोगिता के लिए भारतीय महिलाओं को थीम बनाया गया था, जिसकी राष्ट्रीय विजेता पुणे की ही गायत्री केथारमन थीं। 

डूडल की वह 'मंगल' प्रस्तुति 

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याद रहे कि सर्च इंजन गूगल ने भारत के मंगलयान के मंगल की कक्षा में स्थापित होने का एक माह पूरा होने के उपलक्ष्य में एक विशेष डूडल बनाया था। गूगल आमतौर पर विशेष मौकों पर ही डूडल बनाता है। यह डूडल सिर्फ भारत में दिखा। भारत के मंगलयान ने 24 सितंबर, 2014 को सफलतापूर्वक मंगल की कक्षा में प्रवेश किया था।

इसी तरह पसंदीदा पार्श्वगायक किशोर कुमार की याद में गूगल द्वारा उन्हें याद किए जाने का अंदाज़ भी निराला था। दुनिया में सबसे ज़्यादा इस्तेमाल किए जाने वाले सर्च इंजन ने गूगल डूडल गायक, संगीत निर्देशक, गीतकार, अभिनेता, निर्माता-निर्देशक किशोर कुमार की याद में समर्पित किया था।  इस गूगल डूडल में अक्षर एल के स्थान पर किशोर कुमार की तस्वीर लगाई गई और चार कोनों में छोटे-छोटे प्रतीक चित्र लगाकर उनके अभिनेता, फिल्मकार, लेखक तथा संगीतकार-गायक रूप को याद किया गया था। 

विश्वकप के जश्न की यादें 

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फीफा विश्व कप 2014 की खुमारी हर ओर सिर चढ़कर बोल रही थी।  इसका आगाज 12 जून को ब्राजील में हुआ था।  हर चार साल बाद होने वाले फुटबॉल के इस महाकुंभ का दुनियाभर को इंतजार रहता है। इस मौके पर भी सर्च इंजन गूगल ने अपना आकर्षक डूडल बनाकर फीफा का जश्न मनाया था। 

खास दिन, जयंती और पर्व आदि के मौकों पर अपना विशेष डूडल पर बनाकर उन्हें सेलिब्रेट करने वाले गूगल ने फीफा वर्ल्ड कप 2014 की शुरुआत पर बनाए डूडल में अपने गूगल के अक्षरों को ही खिलाड़ियों की शक्ल दी है। गूगल द्वारा बनाए गए इस डूडल में मैदान में खड़े सभी खिलाड़ियों के सामने एक फुटबॉल रखी है। इस फुटबॉल को देखकर अक्षरनुमा सभी खिलाड़ी उछल कूद कर रहे हैं। वहीं, इन खिलाड़ियों के पीछे की ओर एक बड़ा-सा चक्र घूम रहा था जो वर्ल्ड कप के कई दिनों तक चलने का संकेत करता है। 

रमन इफेक्ट का इम्पैक्ट 

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प्रकाश के प्रकीर्णन के दौरान उसके नीले रंग को परावर्तित कर देने और शेष सभी अवयवी रंगों के अवशोषित हो कर ऊर्जा में तब्दील होने के कारण का रहस्य बताने वाले रमन इफेक्ट के जन्मदाता सीवी रमन की मेधा का लोहा गूगल ने भी माना और उसने अपना डूडल इसी भारतीय भौतिक विज्ञानी तथा गणितज्ञ को समर्पित किया। भारत की प्रख्यात गणितज्ञ शकुंतला देवी पर डूडल बनाकर उन्हें सम्मानित किया। यह डूडल शकुंतला देवी के 84वें जन्म दिवस पर बनाया गया था।  शकुंतला देवी मानव कंप्यूटर के नाम से विख्यात हैं। उनमें बचपन से गणित के कठिन सवालों को बिना कागज कलम के हल कर लेने की विलक्षण प्रतिभा थी। गूगल ने कैलकुलेटर फोंट और शकुंतला देवी की हंसती हुई मुखाकृति के साथ उन्हें सम्मानित किया। ऐसे अन्य कई अवसरों पर गूगल का यह अभियान जारी रहा है। 

लिहाज़ा, दो मत नहीं कि महान व्यक्तित्वों, प्रसंगों और घटनाओं को यादगार बनाने का यह गूगली अंदाज सचमुच लाज़वाब है। इसकी रचनात्मकता की जितनी प्रशंसा की जाए कम है। गूगल शब्द के अक्षरों को डूडलों में इतनी खूबसूरती से निराली छवियाँ दी जा सकती हैं, यह देखकर आश्चर्य मिश्रित प्रसन्नता होती है। इससे भी बड़ी बात यह है कि आज की दौड़-धूप भारी ज़िंदगी में ऐसे मौकों के लिए इतनी सुन्दर जगह देना सच कहें तो एक बड़ी जिम्मेदारी से भरा काम है। तो गूगल को साधुवाद। भारत की होनहार वैदेही बेटी को वैदेही को बधाई। 

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प्राध्यापक, हिन्दी विभाग,

दिग्विजय कालेज,राजनांदगांव 

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