सोमवार, 10 नवंबर 2014

प्रमोद यादव का हास्य व्यंग्य - बिल गेट्स और लालू / प्रमोद यादव

बिल गेट्स और लालू / प्रमोद यादव

‘एक बात तो बताना जी..कई दिनों से सोच रही थी कि पूछूँगी पर भूल जाती हूँ..’ पत्नी ने पतिदेव को चाय की प्याली थमाते कहा.

‘ कौन सी बात यार ? ‘ पति ने टी.वी. ऑन करते पूछा .
‘ अरे यही कि ये बिल गेट्स कौन है ? बिल क्लिंटन तो सुनी थी.. ये गेट्स कौन हैं ? क्या क्लिंटन के छोटे भाई हैं ? ‘ पत्नी मासूमियत से पूछी.
‘ हाँ...यही समझ लो...’ पति ने टी.वी. में चैनल सर्च करते कहा.

‘ समझ लो से क्या मतलब ? क्या छोटे भाई नहीं हैं ? ‘
‘ नहीं..उसके बड़े भाई हैं..’ पति के मुंह से निकल गया.
‘ मुझे तो शक था.. भाई तो होंगे ही... ये करते क्या हैं ? ‘ पत्नी ने फिर सवाल किया.
‘ क्लिंटन क्या करते थे ? ये तो मालूम है ना ? ‘ पति ने उलटे उसी से सवाल किया.

‘ हाँ बेशक जानती हूँ..मेरे सामान्य ज्ञान की परीक्छा मत लो..इतना तो जानती ही हूँ..वे अमेरिका के प्रेसीडेंट थे..बहुत बड़े आदमी थे..’
‘ तो जान लो..ये उसके बाप हैं... अमेरिका के ही नहीं बल्कि पूरे विश्व के...’ पति ने उसकी ओर देखते कहा.
‘ तो क्या वे संयुक्तराष्ट्र संघ के महासचिव  हैं ? ‘ पत्नी ज्ञान बघारते और अनुमान लगाते बोली.
‘ अरे नहीं यार..ये दुनिया के सबसे ज्यादा धनी व्यक्ति हैं..पूरे विश्व में इनका नंबर ‘दो’ है..’
‘ तो क्या ये दो नंबर का काम करते हैं ? ‘
‘ अरे पागल..दो नंबर से मेरा मतलब है कि धनी व्यक्तियों में इनका क्रम ‘दूसरा’ है..अब समझी ? ‘ पति ने घुडकाते हुए कहा.

‘ तो ऐसा कहो ना..आपने नंबर दो कहा इसलिए पूछी..नंबर दो के तो कई मायने होते हैं..अच्छा बताईये कितना धन होगा इनके पास ? ‘ पत्नी फिर पूछ बैठी.
‘ तुम्ही अनुमान लगाकर बताओ कितना हो सकता है ? ‘ पति ने उसे ही कैल्क्यूलेट करने कहा.
‘ होगा यही कोई चार-पांच सौ करोड़ रूपये..’  अल्हड पत्नी जवाब दी.

सुनकर पति जोरों से हंसने लगा. वह घबरा गई कि कुछ गलत आंकड़ा दे डाली.. फिर थोडा संयत हो बोली- ‘ अरे इसमें हंसने की क्या बात है ? थोडा कम-ज्यादा भी हो सकता है..’
‘ पागल..इतने करोड़ तो हमारे यहाँ  लोग  चारा-घोटाला में कमा लेते है.. इसे तुम धन कहती हो ? तुम्हें उसकी प्रापर्टी का अनुमान ही नहीं..’
‘अरे भई .. टाटा,बिडला,अम्बानी से थोड़े बहुत ज्यादा होगा..और क्या ? ‘ पत्नी बेफिक्री से बोली.
‘ अरे गेट्स के आगे ये सब ‘झरोखा’ भी नहीं...विंडो तो दूर की बात..’ पति बोला.
‘ मतलब ? ‘
‘ मतलब ये कि अगर ये सब सितारे हैं तो समझो बिल गेट्स सूरज है...’ पति ने कहा.
‘ वो कैसे ? ‘
‘ वो ऐसे कि गेट्स केवल धनी ही नहीं बल्कि एक महान स्वप्नदर्शी भी हैं..कंप्यूटर किंग हैं..बड़े ही परोपकारी और मानवता-प्रेमी व्यक्ति हैं..लोक-कल्याण के पर्यायवाची हैं..अपनी संपत्ति का एक बड़ा भाग उसने संसार से रोग,अशिक्छा और गरीबी दूर करने के लिए समर्पित किया है..कई पुस्तक भी लिखे हैं..कई देशों में अनेकों मानक ओहदों से नवाजे गए हैं...’
‘ अरे आपको तो बहुत जानकारी है उनके विषय में ..वैसे वे रहते कहाँ हैं ? ‘
‘ यू.एस.ए. में..’ पति ने जवाब दिया.

‘ अरे..वहां तो मेरी मौसी का लड़का लालू भी पढता है.. दो साल से वहीं है..उसकी भेंट तो गेट्स से होती ही होगी ना...’ बड़ी सहजता से पत्नी बोली.
पति ने मजाक करते कहा- ‘ हाँ..निश्चित ही होती होगी..लालू से फोन कर पूछ लेना ..वो तो गेट्स के घर भी आता-जाता होगा..’
‘ हाँ..हाँ..बिलकुल जाता होगा...अच्छा एक बात बताईये..गेट्स के कितने बच्चे हैं ? उनकी कोई लड़की भी है क्या ? ‘
‘ क्यों ?..लालू से उसकी शादी करानी है क्या ? ’ पति ने फिर मजा लिया.

‘ आपने तो मेरी मुंह की बात छीन ली..अक्सर सुनती – देखती हूँ कि जो भी लड़का यहाँ से पढने विदेश गया-वो पढ़ाई के आखिर में डिग्री के साथ विदेशी मेम भी लिए चला आया ..अपना लालू अगर गेट्स परिवार की लड़की ब्याह ले आये तो क्या बुरा ? मैं तो कल्पना नहीं कर पा रही हूँ कि दहेज़ में उसे कितना कुछ मिलेगा ? ‘ पत्नी मुंगेरीलाल जैसे अंदाज में बोली.
पति ने हंसी रोकते कहा- ‘ दहेज़ में यही कोई दस-बीस शहर मिल जायेंगे..पांच-सात आई-लैंड..चार-पांच जम्बो जेट विमान और तीस-चालीस हजार करोड़ रूपये नगद....’

‘ मजाक मत करो जी..इतना कुछ कोई कहाँ से दे देगा ? ‘ पत्नी झिडकी.
‘ अरे भागवान...जानती हो उनके पास कितना धन है ? अगर रोज वो छः करोड़ रूपये भी खर्च करे तो सारे पैसे खरचने में उसे दो सौ अट्ठारह साल लगेंगे..’
‘ क्या ? दो सौ अट्ठारह साल ? ‘ पत्नी का मुंह खुला का खुला रह गया और आँखें फटी की फटी..
पति ने उसे चिउंटी काटते कहा -
‘ अभी-अभी का यह ताजा आकलन है देवीजी ..अब इतना धनी आदमी अपने दामाद (लालू) को दस-बीस शहर..दो-चार प्लेन भी नहीं देगा तो काहे का धनी आदमी और काहे का ससुर ? ‘ पति ने पत्नी को छेड़ा.
‘ठीक कहते हो जी..मैं आज ही मौसी से लालू कि शादी की बात करती हूँ..’

पति ने बात काटते कहा- ‘ अरे..मौसी से नहीं लालू से बात करो..हो सकता है वो गेट्स के घर अभी चाय पीते बैठा हो..’
‘ हाँ..ठीक कहते हैं आप...उसी से बात करती हूँ..’
इतना कह वह मोबाईल लेने कमरे की ओर बढ़ी तभी टी.वी. समाचार में बिल गेट्स पी.एम. के साथ चर्चा करते दिखे ..पति ने जोर से आवाज दी – ‘अरे नेहा .. इधर आओ..देखो..लालू का ससुर बिल गेट्स आया है...’

‘ कहाँ ?..’ कहते वह वापस दौड़ी आई..
पति ने टी.वी. समाचार को दिखाते कहा- ‘ वो देखो..हमारे पी.एम. के साथ बैठे हैं..’
‘ अरे ये तो सचमुच ही बड़े आदमी लगते हैं.. प्रधान-मंत्रीजी के साथ बैठे हैं..’ पत्नी बोली.
‘ यही नहीं बल्कि दुनिया के अधिकाँश पी.एम. प्रेसीडेंट..राष्ट्राध्यक्ष इनके साथ उठते-बैठते है..इनके आगे हाथ फैलाते हैं..’ पति ने बात पूरी की.
‘ अरे फिर तो अच्छा है जी ..जब बड़े-बड़े लोग हाथ फैलाते नहीं सकुचाते तो हमें कैसी शर्म..अब तो निश्चित ही हम हाथ फैला उनसे उनकी बेटी का हाथ मांगेंगे..अपने लालू के लिए..’
तभी बेडरूम से मोबाईल में “ चिट्ठी आई है आई है चिट्ठी आई है “ का रिंग टोन जोरों से  गूंजने लगा..पति ने कहा- ‘ लो..भगवान ने भी तुम्हारी सुन ली.. जल्दी जाओ..कहीं बिल गेट्स या लालू ही न हो..’ और वह कमरे की ओर दौड़ पड़ी..

पति उसकी अनाप-शनाप बातों को याद कर मन ही मन मुस्कुराया और बुदबुदाया- ‘ कितनी अल्हड और बेवकूफ होती हैं ये गाँव की गोरियाँ.. प्यारी पत्नियां....’

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                                                     प्रमोद यादव
                                              गया नगर, दुर्ग, छत्तीसगढ़

   

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