मंगलवार, 16 दिसंबर 2014

तकनीक : स्काईप ने तोड़ी भाषाई दीवारें – बिना सीखे स्पैनी भाषा बोलें!

जी हाँ, अब आप बिना सीखे, बिना पढ़े स्पैनी भाषा में संवाद कर सकते हैं. यह करिश्मा कर दिखाया है स्काईप ट्रांसलेटर (Skype Translator) ने. दस वर्षों के लंबे अनुसंधान और प्रयोग के बाद स्काईप रीयल टाइम लैंगुएज ट्रांसलेशन का प्रीव्यू जारी किया गया है जिसमें अंग्रेजी-स्पेनी भाषी आपस में रीयल टाइम में वीडियो या वाइस कॉल से संवाद कर सकते हैं – वह भी बोलकर. और लिख कर तो 40 भाषाओं में संवाद कर सकते हैं.

 

जब आप अपने फोन या कंप्यूटर पर बातचीत के लिए स्काईप ट्रांसलेटर का उपयोग करते हैं तो –

· आपका वार्तालाप अन्य भाषा में तुरत-फुरत अनुवादित होकर सामने वाले के पास पहुंचता है,

· और सामने वाले का अन्य भाषा में बोला गया संवाद आपके पास आपकी अपनी भाषा में अनुवादित होकर पहुँचता है.

· आपके कॉल के दौरान किए जा रहे वार्तालाप का ट्रांसस्क्रिप्ट स्क्रीन में दिखाई देता रहता है.

 

स्काईप कैसे काम करता है?

clip_image001

अंग्रेज़ी भाषा में वार्ता > स्वचालित स्पीच रिकग्नीशन > स्पीच टू टैक्स्ट अंग्रेजी > मशीनी अनुवाद अंग्रेजी से स्पेनी > टैक्स्ट टू स्पीच स्पैनी > स्पैनी भाषा में वार्ता तथा उसी समय, ठीक इसकी उलट प्रक्रिया.

अभी स्काईप ट्रांसलेटर का प्रीव्यू संस्करण जारी किया गया है, जिसमें भाग लेने के लिए आपको स्काईप (http://www.skype.com) की साइट पर जाकर पंजीकृत करना होगा.

दर्जन भर और भाषाएं जोड़ने के लिए कार्य जारी है. आपका स्वाभाविक प्रश्न होगा – हिंदी है या नहीं. वैसे तो अंततः अंग्रेजी-हिंदी रीयलटाइम भाषाई संवाद अंततः एक दिन उन्नत टेक्नोलॉज़ी के सहयोग से आना ही है, परंतु कब? यह कहना कठिन है. फिर भी, आने वाले दस वर्षों में भाषाई कंप्यूटिंग के लिहाज से हिंदी बहुत ही समृद्ध होगा.

1 blogger-facebook:

रचनाओं पर आपकी बेबाक समीक्षा व अमूल्य टिप्पणियों के लिए आपका हार्दिक धन्यवाद.

स्पैम टिप्पणियों (वायरस डाउनलोडर युक्त कड़ियों वाले) की रोकथाम हेतु टिप्पणियों का मॉडरेशन लागू है. अतः आपकी टिप्पणियों को यहाँ प्रकट होने में कुछ समय लग सकता है.

----

1.5 लाख गूगल+ अनुसरणकर्ता, 1500 से अधिक सदस्य

/ 2,500 से अधिक नियमित ग्राहक
/ प्रतिमाह 10,00,000(दस लाख) से अधिक पाठक
/ 10,000 से अधिक हर विधा की साहित्यिक रचनाएँ प्रकाशित
/ आप भी अपनी रचनाओं को विशाल पाठक वर्ग का नया विस्तार दें, आज ही नाका से जुड़ें. नाका में प्रकाशनार्थ रचनाओं का स्वागत है.अपनी रचनाएँ rachanakar@gmail.com पर ईमेल करें. अधिक जानकारी के लिए यह लिंक देखें - http://www.rachanakar.org/2005/09/blog-post_28.html

विश्व की पहली, यूनिकोडित हिंदी की सर्वाधिक प्रसारित, समृद्ध व लोकप्रिय ई-पत्रिका - नाका

मनपसंद रचनाएँ खोजकर पढ़ें
गूगल प्ले स्टोर से रचनाकार ऐप्प https://play.google.com/store/apps/details?id=com.rachanakar.org इंस्टाल करें. image

--------