रविवार, 31 अगस्त 2014

सूर्यकांत मिश्रा का शिक्षक दिवस विशेष आलेख - “गुरू” से “सर” तक की यात्रा के बीच

“गुरू” से “सर” तक की यात्रा के बीच -: शिक्षक दिवस का औचित्य :-     वर्तमान समय शिक्षा और शिक्षकों के लिए किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं माना ज...

लता सुमन्त तथा मनोज 'आजिज़' की लघुकथाएँ

                           आत्मविश्वास                                                        डॅा.लता सुमन्त      बेटे के कहने पर बाबा ने अ...

नन्दलाल भारती की कहानी - इकलौती बहू

इकलौती बहू/कहानी चिन्‍ताप्रसाद कुल जमा चौथी जमात तक पढ़े थे पर खानदानी चालाक थे। चिन्‍ताप्रसाद के पुरखों ने कमजोर वर्ग के लोगों को भूमिहीन...

पुस्तक समीक्षा - अजनबी मौसम से गुजरकर

पुस्‍तक समीक्षा पुस्‍तक ः अजनबी मौसम से गुजरकर लेखक ः विनोद कुमार प्रकाशकः प्रकाशन संस्‍थान , 4268- बी/ 3, अंसारी रोड , दरियागंज , नई दि...

दिलीप भाटिया का आलेख - अहा! बचपन

अहा! बचपन प्रार्थना , तुम्‍हारी मम्‍मी से जब मैं स्‍मार्टफोन के फीचर्स सीख रहा था , तो तुम्‍हारी प्रतिक्रिया थी , ‘‘ नानू , आपके माम डेड...

सुभाष चन्द्र लखेड़ा की तीन लघुकथाएँ - " जय जवान " , " रिश्तेदार ", और " बेताल का सवाल "

जय जवान        इस घटना से जुड़े सभी नाम छुपाते हुए मैं एक सच्चा किस्सा बयां कर रहा हूँ। आर्मी में भर्ती के लिए प्रत्याशियों को कुछ मनोवैज...

चन्द्रकुमार जैन का आलेख - ऐसे आचरण पर हमारी खामोशी आखिर क्यों ?

ऐसे आचरण पर हमारी खामोशी आखिर क्यों ? डॉ.चन्द्रकुमार जैन देश की राजधानी में एक युवती के साथ चलती बस में बलात्कार की घटना की चर्चा जमकर हुई...

गोवर्धन यादव का आलेख - स्वामीनारायण अक्षरधाम की संस्कृति-तीर्थ यात्रा

स्वामीनारायण अक्षरधाम (गोवर्धन यादव) स्वामीनारायण अक्षरधाम एक नूतन-अद्वितीय संस्कृति-तीर्थ है. भारतीय कला, प्रज्ञा और चिंतन का बेजोड संगम य...

अनिल कुमार पारा का आलेख - आखिर कब थमेगा भगदड़ का बवन्‍डर ?

आखिर कब थमेगा भगदड़ का बवन्‍डर ? 25 अगस्‍त 2014 समय सुबह 6 बजे वही समय जब श्रृद्धालु सतना जिले में स्‍थित चित्रकूट के कामतानाथ स्‍वामी के मं...

पुस्‍तक समीक्षा - चौखड़ी जनउला

पुस्‍तक समीक्षा विलुप्‍त होते शब्‍दों को सहेजने का उद्यम-‘‘चौखड़ी जनउला‘‘ वीरेन्‍द्र ‘सरल‘ भारतेन्‍दु हरिशचन्‍द्र ने लिखा है कि ‘निज भाषा...

लोकेश कुमार शर्मा का आलेख - डॉ. बलदेव प्रसाद मिश्र : व्‍यक्‍तित्‍व और कृतित्‍व

॥ ऊँ गं गणपतये नमः ॥ डॉ. बलदेव प्रसाद मिश्र ः व्‍यक्‍तित्‍व और कृतित्‍व ''जयन्‍ती पर विशेष'' शोधार्थी - लोकेश कुमार शर्मा ज...

शनिवार, 30 अगस्त 2014

हरीश कुमार की कविताएँ

(1) जे एन यू के बाहर आज बड़े भाई साहब और होरी मिल गए कुशल क्षेम पूछा तो कहने लगे हमारी गर्दन अभी भी औरों के पाँव तले दबी है शिक्षा व...

गुरुवार, 28 अगस्त 2014

गोवर्धन यादव का आलेख - गणेश चतुर्थी के दिन चांद देखने की मनाही क्यों?

भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी को चन्द्रदर्शन-निषेध भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष चतुर्थी सिद्धविनायक चतुर्दशी के नाम से विख्यात है. इस दिन संपूर्ण भा...

बुधवार, 27 अगस्त 2014

पुस्तक समीक्षा - अजनबी मौसम से गुजरकर

पुस्‍तक समीक्षा पुस्‍तक ः अजनबी मौसम से गुजरकर लेखक ः विनोद कुमार प्रकाशकः प्रकाशन संस्‍थान , 4268- बी/ 3, अंसारी रोड , दरियागंज , नई दि...

पुस्तक समीक्षा - मैं बस्तर बोल रहा हूँ

पुस्‍तक समीक्षा सुलगती जमीं की कराहती आवाज -‘‘मैं बस्‍तर बोल रहा हूँ--‘‘ वीरेन्‍द्र ‘सरल‘ शस्‍यश्‍यामला भारत भूमि के मानचित्र पर बस्‍तर की ...