मंगलवार, 30 सितंबर 2014

राजीव आनंद की कहानी - दलित-हरिजन पैकेज

कहानी दलित-हरिजन पैकेज विधानसभा चुनाव सर पर आ गया था․ नेताओं को अपने-अपने पार्टी हाईकमानों से गाँव दौरा का निर्देश मिल चुका था जिसमें शामि...

चन्द्रकुमार जैन का आलेख - ताड़पत्र लेखन से श्रुत लेखन तक हिंदी की विकास-यात्रा

ताड़पत्र लेखन से श्रुत लेखन तक हिंदी की विकास-यात्रा   डॉ.चन्द्रकुमार जैन  हमारी जनशक्ति देश की और हमारी हिन्दी की भी ताकत है। बहुत साल नही...

चन्द्रकुमार जैन की पांच प्रेरक कविताएँ

डॉ.चन्द्रकुमार जैन की पांच प्रेरक कविताएँ   हौसला ================ काँटों से डरने वाले फूल-फल पा नहीं सकते तूफां से डरने वाले साहिल पा ...

चन्द्रकुमार जैन का चिंतन - टीस उसे उठती है जिसका भाग्य खुलता है !

चिंतन ------------------- टीस उसे उठती है जिसका भाग्य खुलता है ! डॉ.चन्द्रकुमार जैन  घटना है वर्ष १९६० की. स्थान था यूरोप का भव्य ऐतिहास...

राजीव आनंद की लघुकथाएँ - अनवर चाचू तथा मातमी कौन

लघुकथा अनवर चाचू काम का जैसे जुनून सवार रहता अनवर पर, बस आप काम बोलिए, वह करने को तत्‍पर। आलस तो उससे कोसों दूर भागती। अनवर गरीब जरूर थ...

गीता दुबे की कहानी - आतिफ हुसैन से अखिलेश साहू

  गीता दुबे कहानी - आतिफ हुसैन से अखिलेश साहू   “हलो तिवारी जी, जमशेदपुर से हरीश शुक्ला बोल रहा हूँ।” ‘हाँ सर कहिए, क्या सेवा कर सकता हूँ’-...

चन्द्रकुमार जैन का आलेख - पाँच साहित्यिक सुभाषित

पाँच साहित्यिक सुभाषित -------------------------------- डॉ.चन्द्रकुमार जैन   लेखक चेतना जगाता है ------------------------------- एम.ट...

सुनीता अग्रवाल की कहानी - भेड़िया आया

भेड़िया आया वो फफकती हुई अपने बॉस कमरे से निकली। बाहर इतनी देर से लगे कानों ने अपनी आँखो पर विशवास करने के लिए उसकी ओर देखा, उसने सुड़क-स...

सोमवार, 29 सितंबर 2014

उमेश कुमार गुप्ता का व्यंग्य - दिशा मैदान और तीर कमान

व्यंग्य दिशा मैदान और तीर कमान उमेश कुमार गुप्ता     हमारे देश में दिशा मैदान और तीर कमान का चोली दामन का साथ है। जब भी पेट दर्द करे तो प...

सुरभि सक्सेना की लघुकथा - माफ़ी

माफ़ी सुरभि सक्सेना "ज़रूर मेरे ही प्रेम में कोई कमी रह गयी होगी तभी न इतनी वफ़ा और प्यार समर्पित करने के बाद भी तुमने दी तो बस बेवफाई, ...