शुक्रवार, 31 अक्तूबर 2014

रवि श्रीवास्तव की कहानी - एक ऑफ़िस ऐसा भी

रवि श्रीवास्तव,   कहानी एक ऑफ़िस ऐसा भी। भाग -1 ऑफ़िस जाना है इसका ख्याल मन में आते ही लोगों को मन में कुछ अजीब सा ऐहसास होने लगता ...

अशोक गुजराती की लघुकथाएँ

स्‍वाभिमान उन्‍होंने अपने कम्‍प्‍यूटर पर नया-नया नेट का कनेक्‍शन ले लिया. उनकी उम्र के लोग कम्‍प्‍यूटर का ककहरा भी नहीं जानते. उन्‍होंने ल...

हरदेव कृष्ण का आलेख - सोने की दीवानगी

स्व र्ण धातु का भाव बाजार में कम या ज्यादा होता रहता है पर भारत में इस के प्रति दीवानगी कभी कम नहीं होती। यह प्रतिष्ठा और खुशहाली का प्रतीक ...

गुरु प्रसाद द्विवेदी का व्यंग्य -- अच्छा वक्ता विरुद्ध अच्छा वक्ता

अच्छा वक्ता विरुद्ध अच्छा वक्ता एक समय की बात है, एक शहर में ढेंचू और घेंचू नामक दो मित्र रहते थे| दोनों ही प्रखर वक्ता थे, लेकिन घेंचू क...

गुरुवार, 30 अक्तूबर 2014

पुस्‍तक समीक्षा छत्तीसगढि़या कंठ का मुक्‍ताहार- ‘‘धान के कटोरा‘‘

  वीरेन्‍द्र ‘सरल‘ हल के फाल से धरती का सीना चीरकर अन्‍न उगाने वाले और दुनिया की भूख मिटाने वाले अन्‍नदाता छत्तीसगढि़या श्रमवीर किसान जब अ...

वीरेन्‍द्र ‘सरल‘ का व्यंग्य - फोटो खिंचवाने की बीमारी

वीरेन्‍द्र ‘सरल‘ धर्मराज का दरबार लगा था। अपने चैम्‍बर में चि़त्रगुप्‍त टेबल पर पड़ी फाइलों पर नजर झुकाये बारीकी से निरीक्षण कर रहे थे। आस-...

इस्माइल खान की कहानी - ममदू

ममदू ममदू की माँ थैला झटक कर खाली करते हुए ममदू पर झल्‍लाई-कितनी बार तुझ से कहा है कि सिर्फ पन्‍नी ही बीन कर लाया कर, ये ढेर सारे कागज़ क्‍...

चन्द्रकुमार जैन का राष्ट्रीय एकता दिवस - 31 अक्टूबर पर विशेष आलेख - सरदार वल्लभ भाई पटेल

  अखंड भारत के अजेय शिल्पकार  : सरदार वल्लभ भाई पटेल  -------------------------------------------------------------------------------------...

बुधवार, 29 अक्तूबर 2014

शशांक मिश्र भारती का आलेख - मेरे अनुरणीय शिक्षक

प्रेरक प्रसंगः - मेरे आदर्श शिक्षक आज भी अनुकरणीय हैं - शशांक मिश्र भारती तीन लोक नौ खण्ड में गुरु से बड़ा न कोय। करता करै न कर सकै गुर...

चन्द्रकुमार जैन का आलेख - पोलियो के पहले टीके के जन्मदाता को भुला दिया ?

पोलियो के पहले टीके के जन्मदाता को भुला दिया ? डॉ.चन्द्रकुमार जैन  शायद ही कोई ऐसा जागरूक नागरिक हो जो भारत के पल्स पोलियो अभियान और दो बू...

विनय भारत का हास्य व्यंग्य - स्कूल बैग की व्यथा कथा

स्कूल बैग की व्यथा(हास्य व्यंग्य) मैं हूँ बैग, आपने रोज मुझे सड़कों पर आते-जाते बच्‍चों के कंधों पर लटका देखा होगा। मेरी जिन्‍दगी की कहानी ...

राजेन्द्र सारथी का व्यंग्य -- बुलेट ट्रेन

बुलेट ट्रेन अभी हाल ही में केन्द्रीय सरकार ने घोषणा की है कि देश में जल्दी ही बुलेट ट्रेन चलाई जाएगी। यह खबर बहुत से परिवारों के लिए बिलकुल...

सुनील जाधव की लघुकथाएँ

1.ताराबाई ..(लघु कहानी) ताराबाई ने ओंठों को भीचते हुए सर पर पानी से भरे दो घड़े रखें । दूसरे हाथ से नौ महीने के गर्भ को सम्हालते हुए दो कोस ...

यशवंत कोठारी का व्यंग्य - कलम बनाम झाड़ू

कलम बनाम झाड़ू दीपावली मंगल मिलन समारोह संपन्न हो गए हैं. पति लोग साफ -सफाई के कामों से फारिग हो गए हैं , पत्नियां शॉपिंग से फ्री हो...

पुस्तक समीक्षा -

सही दृष्टिकोण की माँग करती कविताएँ लिखना कि जैसे आग विजय सिंह नाहटा जी का दूसरा कविता संग्रह है जो राजस्थान साहित्य अकादमी ,उदयपुर के आर्थ...

गोवर्धन यादव का आलेख - सूर्यषष्ठी-महोत्सव

सूर्यषष्ठी-महोत्सव (गोवर्धन यादव) सूर्यषष्ठी प्रमुख रुप से भगवान सूर्य का व्रत है. इस पर्व में आदिदेव सूर्य का विधि-विधान से पूजन किया ज...

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