370010869858007
नीचे टैक्स्ट बॉक्स से रचनाएँ अथवा रचनाकार खोजें -
 नाका संपर्क : rachanakar@gmail.com अधिक जानकारी यहाँ [लिंक] देखें.

****

Loading...

विभा रानी की कहानी - भरतपुर लुट गयो रात मेरी अम्मा - का स्वयं का सस्वर पाठ यूट्यूब पर देखें-सुनें


वनमाली सृजन पीठ में विभा रानी ने अपनी ताज़ा, अप्रकाशित कहानी - भरतपुर लुट गयो रात मेरी अम्मा का पाठ प्रबुद्ध रचनाकारों के समक्ष किया. यू-ट्यूब वीडियो पर आप भी आनंद लें - साथ में स्वचालित रेकॉर्ड हुए 'बैकग्रांउड स्कोर' कहानी में यथार्थता का बोध कराते हैं कि आप भारत में हैं!



एक टिप्पणी भेजें

  1. कहानी पूरी नहीं हैं। कृपया दूसरा भाग भी डाले।

    उत्तर देंहटाएं
    उत्तर
    1. बिनय जी,
      कुछ अप्रत्याशित तकनीकी त्रुटि के कारण आगे का भाग रेकॉर्ड नहीं हो पाया. विभा जी से आग्रह है कि कहानी का आगे का हिस्सा संक्षिप्त में यहाँ दे दें.

      हटाएं
    2. धन्यवाद रवि जी। वैसे कहानी लगभग पूरी हो चली थी, और बहुत ही अच्छी लगी कहानी।

      हटाएं
    3. जी बिनय जी, कहानी लगभग पूरी ही है. बस एक टुकड़ा यह रह गया था कि उसकी मां भागती हुई आती है, और अपने खून से लथपथ घायल बेटे को देख कर जोर से चीखती है और दहाड़ मारकर रोती है. और उसका क्रंदन बैंड की आवाज पर भारी पड़ जाता है.

      हटाएं
  2. एक अच्छी कहानी का सस्वर पाठ को देख सुनकर अच्छा लगा बधाई हो रवि जी

    उत्तर देंहटाएं

रचनाओं पर आपकी बेबाक समीक्षा व अमूल्य टिप्पणियों के लिए आपका हार्दिक धन्यवाद.

स्पैम टिप्पणियों (वायरस डाउनलोडर युक्त कड़ियों वाले) की रोकथाम हेतु टिप्पणियों का मॉडरेशन लागू है. अतः आपकी टिप्पणियों को यहाँ प्रकट होने में कुछ समय लग सकता है.

emo-but-icon

मुख्यपृष्ठ item

रचनाकार में छपें. लाखों पाठकों तक पहुँचें, तुरंत!

प्रकाशनार्थ रचनाएँ आमंत्रित हैं.

   प्रतिमाह 10,00,000(दस लाख) से अधिक पाठक
/ 14,000 से अधिक हर विधा की साहित्यिक रचनाएँ प्रकाशित
/ आप भी अपनी रचनाओं को विशाल पाठक वर्ग का नया विस्तार दें, आज ही रचनाकार से जुड़ें.

विश्व की पहली, यूनिकोडित हिंदी की सर्वाधिक प्रसारित, लोकप्रिय ई-पत्रिका - नाका में प्रकाशनार्थ रचनाओं का स्वागत है. किसी भी फ़ॉन्ट में रचनाएं इस पते पर ईमेल करें :

rachanakar@gmail.com
कॉपीराइट@लेखकाधीन. सर्वाधिकार सुरक्षित. बिना अनुमति किसी भी सामग्री का अन्यत्र किसी भी रूप में उपयोग व पुनर्प्रकाशन वर्जित है.
उद्धरण स्वरूप संक्षेप या शुरूआती पैरा देकर मूल रचनाकार में प्रकाशित रचना का साभार लिंक दिया जा सकता है.

इस साइट का उपयोग कर आप इस साइट की गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं.

नाका में प्रकाशनार्थ रचनाएँ भेजने संबंधी अधिक जानकारी के लिए यह लिंक देखें - http://www.rachanakar.org/2005/09/blog-post_28.html

आवश्यक सूचना : कृपया ध्यान दें -

कविता / ग़ज़ल स्तम्भ के लिए, कृपया न्यूनतम 10 रचनाएँ एक साथ भेजें, छिट-पुट एकल कविताएँ कृपया न भेजें, बल्कि उन्हें एकत्र कर व संकलित कर भेजें. एकल व छिट-पुट कविताओं को अलग से प्रकाशित किया जाना संभव नहीं हो पाता है. अतः उन्हें समय समय पर संकलित कर प्रकाशित किया जाएगा. आपके सहयोग के लिए धन्यवाद.

*******


कुछ और दिलचस्प रचनाएँ

फ़ेसबुक में पसंद करें

---प्रायोजक---

---***---

ब्लॉग आर्काइव