शनिवार, 28 फ़रवरी 2015

अशोक गौतम का व्यंग्य - कॉफ़ी विद कृष्ण

व्यंग्य / कॉफी विद कृष्ण रात बड़ी देर तक मल्लिका का मस्ती भरे गानों पर नाच देख ऐसी नींद आई कि मत पूछो। सारी रात जागे रहने पर भी सपने में मल...

दीप्ति गुप्ता की कविताएँ

    डॉ. दीप्ति गुप्ता       मानव-मन में स्थाई रूप से बने रहने भावो में ‘प्रेम’ सबसे उदात्त भाव है इसलिए ही इससे उद्भूत होने वाले ‘श्रृंग...

दीप्ति गुप्ता की कहानी - अलगाव से लगाव तक

अलगाव से लगाव तक डॉ. दीप्ति गुप्ता   ‘ मुझे पता था तुम यही कहोगी’ ‘पता था तो आपने पूछा ही क्यूँ ‘ ‘क्यूँ का क्या सवाल, पति हूँ तुम्हारा...

दीपक आचार्य का आलेख - ध्वस्त होनी ही है झूठ की बुनियाद

ध्वस्त होनी ही है झूठ की बुनियाद dr.deepakaacharya@gmail.com जीवन की सफलता अपने आप को बड़ा दिखाने या वैभवशाली बनाने में नहीं है बल्कि अप...

गोवर्धन यादव का आलेख - आदिवासियों के अनूठे त्यौहार

  आदिवासियों के अनूठे त्योहार बनाम जंगल में मंगल मनुष्य के धर्म की तरह ही इस विराट रचना का भी एक धर्म है, और वह है प्रकृति के साथ तालमेल र...

प्रमोद भार्गव का आलेख - सामुदायिक बहुलता का पर्व है होली

सामुदायिक बहुलता का पर्व है होली प्रमोद भार्गव     होली शायद दुनिया का एकमात्र ऐसा त्यौहार है,जो सामुदायिक बहुलता की समरसता से जुड़ा है। इस ...

शुक्रवार, 27 फ़रवरी 2015

सुरेन्द्र कुमार अरोड़ा की 2 लघुकथाएँ - पिछड़ापन, किताब

  पिछड़ापन बच्चा स्कूल से आकर हर दिन अपने पिता से कहता कि उसके मास्टर जी उसे हर रोज़ सिर्फ इसलिए डांटते हैं कि घर में कोई भी उसकी पढ़ाई पर...

प्रमोद भार्गव का आलेख - होली : राक्षसी शक्तियों के दहन का पर्व

होलीःराक्षसी शक्तियों के दहन का पर्व प्रमोद भार्गव     होली एक प्राचीन त्योहार है। पौराणिक कथाओं के अनुसार मुख्य रुप से यह बुराई पर अच्छाई ...

ललित गर्ग का आलेख - होली है असत्‍य पर सत्‍य की विजय का पर्व

होली ( 6 मार्च , 2015) के अवसर पर विशेष होली है असत्‍य पर सत्‍य की विजय का पर्व - ललित गर्ग - भारत संस्‍कृति में त्‍योहारों एवं उत्‍सवो...

हर्षद दवे का लघु आलेख - रंग बरसे

वर्तन परिवर्तन ४. रंग बरसे... यह सत्य घटना है. मरीज दो, कमरा एक. दोनों के रोग असाध्य. एक मरीज के बिस्तर के पास खिड़की थी और दूसरे के बिस्तर...

दीनदयाल शर्मा का हास्य व्यंग्य - मेरी अविस्मरणीय होली

प्रत्येक व्यक्ति के जीवन में न जाने कितनी घटनाएं घटती हैं, लेकिन प्रत्येक घटना अविस्मरणीय नहीं होती। जीवन की कुछेक घटनाएं ही ऐसी होती हें, ज...

गोवर्धन यादव का यात्रा संस्मरण - श्रीनाथद्वारा के दिव्य दर्शन

साहित्य समागम के साथ श्रीनाथद्वारा के दिव्य दर्शन मेरा अपना मानना है कि जब तक आपके पुण्योदय नहीं होते, आप किसी भी तीर्थस्थल पर नहीं जा सक...

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