शुक्रवार, 29 मई 2015

खुशदिल डॉक्टर


 खुशदिल डॉक्टर की सेवाएं सभी व्यक्तियों को चौबीस घंटे निशुल्क मिल सकती हैं, बशर्ते व्यक्ति अविश्वसनीय नियामतों पर अपना ध्यान केन्द्रित करे । व्यक्ति अपने हाथ पैर और शरीर के किसी भी अंग के बीमार हो जाने पर उन्हें स्वस्थ पाने के लिए दुनिया की सारी दौलत कुरबान करने को तत्पर रहता है ।

यदि अपने स्वस्थ शरीर का महत्व जान लिया जाए, उसे स्वस्थ बनाने के लिए नियमित व्यायाम, परोपकार, अध्यात्म और प्रसन्नता का सहारा लिया जाए तो खुशदिल डॉक्टर व्यक्ति के साथ जीवन भर रह सकता है । गुलिवर्स ट्रैवल्स के लेखक जॉनैथन स्विफ़ट का कहना था कि, ‘दुनिया में सबसे अच्छा डॉक्टर है- डॉक्टर खुशदिल।’ वैज्ञानिकों का कहना है कि, ‘न्यूरोट्रांसमीटर डोपामाइन जो दिमाग के मिजोलिंबिक पाथवे और न्यूक्लियस एक्यूम्बेंस हिस्से में काम करते हैं, वे इंसान में खुशी के उत्पादन का कारण होते हैं ।’

खुशी के भाव को हर व्यक्ति अपने अंदर उत्पन्न कर सकता है । डॉक्टर खुशदिल खुश रहने वाले व्यक्ति के साथ रहता है । उसे बड़ी समस्याओं और कठिनाइयों से भी उबार लेता है । खुश रहने वाले व्यक्ति को चिंता, तनाव और परेशानी में भी खुशदिल डॉक्टर का हौंसला मिलता रहता है । लेकिन अक्सर व्यक्ति उन दुर्घटनाओं और चिंताओं से अधिक ग्रसित रहता है जो उसके जीवन में कभी घटती ही नहीं हैं । ऐसे व्यक्ति से तनाव व चिंता के जीवाणु चिपके रहते हैं । ये जीवाणु उस के शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य को हर पल क्षीण करते रहते हैं ।

जीवन में छोटी-छोटी वजहें चिंता, तनाव व नकारात्मक विचारों के उद्गम का कारण बन जाती हैं । जहां चिंता और तनाव रहता है वहां खुशदिल डॉक्टर नहीं आ सकता । महान दार्शनिक एपिक्टेटस का कहना है कि, ‘अपने शरीर से टयूमर और फोड़ों को हटाने के लिए व्यक्ति जितने चिंतित होते हें, दिमाग से गलत विचारों को हटाने के लिए उससे ज्यादा चिंतित होना चाहिए ।’ गलत विचार अक्सर व्यक्ति के जीवन में खुशी को रोक देते हैं । गलत व नकारात्मक विचार न सिर्फ उस व्यक्ति को भ्रमित करते हैं, अपितु उसकी खुशी के सारे रास्ते भी रोक देते हैं ।

मनोवैज्ञानिक विलियम जेम्स खुशदिल डॉक्टर को व्यक्ति का साथी बनाने के लिए सुझाव देते हुए कहते हैं कि, ‘खुश रहने का इकलौता रास्ता यह है कि अगर हम खुश न हों, तो भी हम खुशी-खुशी बैठें और इस तरह व्यवहार करें व बोलें जैसे हम सचमुच खुश हैं ।’ जब व्यक्ति हर समय मुस्कराते हुए खुश रहने का प्रयास करता है तो यह उसकी आदत बन जाती है । यह आदत उसे हर परिस्थिति से लड़ने का हौंसला प्रदान करती है । शॉपेनहॉर का कहना है कि, ‘हम हमेशा इस बारे में सोचते हैं कि हमारे पास क्या नहीं है । हम इस बारे में बहुत कम सोचते हैं कि हमारे पास कितना कुछ है ।’ यही प्रवृत्ति डॉक्टर खुशदिल से दूर रहने की सबसे बड़ी त्रासदी है । खुशदिल डॉक्टर को हमेशा अपने पास बुलाने की एक बहुत अच्छी तरकीब यह है कि व्यक्ति अपनी अंदरूनी परेशानियों के बारे में अपने करीबी मित्र या परिवार के साथ बांट लें ।

अपनी परेशानियों को परिवार के संबंधी या मित्र के साथ व्यक्त करने से समस्याओं के बारे में बेहतर अंतर्दृष्टि प्राप्त होती है, बेहतर दृष्टिकोण मिलता है । इसके साथ हर समय सच्चे हृदय से की गई प्रार्थना और अध्यात्म का साथ भी व्यक्ति को खुशी प्रदान करता है । प्रार्थना और अध्यात्म रेडियम की तरह चमत्कारी, अपने आप उत्पन्न होने वाली ऊर्जा है । प्रार्थना और अध्यात्म व्यक्ति को उस अविनाशी शक्ति के साथ जोड़ देते हैं जो ब्रह्माण्ड को चलाती है ।

अध्यात्म और आनंद का अहसास व्यक्ति को सुकून, शांति और खुशी प्रदान करता है । ऐसा करने से खुशदिल डॉक्टर व्यक्ति के आंगन में अपनी दस्तक दे देता है और उसके जीवन को सफल व कामयाब बनाने में जुट जाता है । कोई व्यक्ति यदि यह कहे कि उसके जीवन में खुशदिल डॉक्टर नहीं आ सकता तो इसका अर्थ है कि उसने इस डॉक्टर को अभी तक पहचाना ही नहीं है क्योंकि खुशदिल डॉक्टर तो बेसब्री से प्रतीक्षा कर रहा है कि आप उसे हमेशा के लिए अपने पास कब बुला रहे हैं ।

 बस आज से ही प्रयास करें कि रात को बिस्तर पर जाते हुए प्रसन्नता और मुस्कराहट को साथ अवश्य ले जाएं और सुबह उठते हुए मुस्कराहट और खुशी के साथ नए दिन का स्वागत करें । फिर डॉक्टर खुशदिल जीवन के अंतिम समय तक आपके साथ रहेगा और आपके जीवन को कामयाब बना देगा ।

रेनू सैनी

खिड़की गांव,
मालवीय नगर,
नई दिल्ली-110017

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