समीक्षा - देसी मैनेजमेंट

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समीक्षा 

   देसी मैनेज मेंट.  लेखक सुरेश कांत का ताज़ा व्यंग्य संकलन हैं जो हिन्द पॉकेट बुक्स से छप  कर आया हैं   सुरेश कांत हमारी पीढ़ी  के सशक्त व्यंग्य कार  हैं   उनका ब से बैंक उपन्यास काफी लोकप्रिय हुआ थ. इस के अलावा उनके ५ व्यंग  संकलन, १० बच्चों की पुस्तकें प्रकाशित हैं  मैनेजमेंट की भी कुछ पुस्तकें छपी हैं ।

सुरेश कांत आर बी आई , अस बी आई    में उच्च पदों  पर रह चुके हैं ।

देसी मैनेजमेंट पुस्तक में उनके ३६ व्यंग्य  संकलित हैं ।प्रमुख रचनाएँ हैं-अरुण मधुमय देश हमारा, आम आदमी ,प्याज  का बीमा ,दफ्तर नामा,कमर और महंगाई  ,दौरा  साहब का ,देसी मैनेजमेंट आदि 

व्यंग्य  लिखते समय सुरेश विषय को अंत तक निभाते हैं , व्यंग्य  के विषय  वे अपने आस पास से ही लेते हैं। 

पुस्तक में संकलित एक लेख-झूठ,सफ़ेद झूठ  और आंकड़े  में वे लिखते  हैं-आंकड़ों से जीतने मुश्किल होता हैं  पर उनके बल पर किसी से भी जीतना आसान हैं 

पुस्तक का प्रोडक्शन व् गेट उप बहुत अच्छा हैं १८४ पन्नों की पुस्तक का मूल्य १५०   रूपये हैं

 

देसी मैनेजमेंट 

ले.-सुरेश कांत 

प्र.-हिन्द पॉकेट बुक्स , दिल्ली 

प्रष्ठ -१८४ 

मूल्य -१५० रु.

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